कौन है अल्ताफ खनानी, जो अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद का फाइनेंसर है?

आतंकियों के सगे इस मनी लॉन्ड्रर अल्ताफ खनानी का गुजरात कनेक्शन भी है
आतंकियों के सगे इस मनी लॉन्ड्रर अल्ताफ खनानी का गुजरात कनेक्शन भी है

आतंकियों को पैसे मुहैया कराने वाले पाकिस्तानी नागरिक अल्ताफ खनानी (Altaf Khanani) का गुजरात कनेक्शन भी है. दरअसल खनानी जिस मेनन परिवार में जन्मा, वे मूलतः गुजरात से हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 21, 2020, 11:56 AM IST
  • Share this:
अमेरिका के ट्रेजरी डिपार्टमेंट के वित्तीय अपराध प्रवर्तन नेटवर्क (FinCEN) ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में कई बड़े खुलासे किए हैं. माना जा रहा है कि इसमें शामिल नामों का खुलासा दुनियाभर की राजनीति में भूचाल ला देगा. इसी कड़ी में पाकिस्तान के बिजनेसमैन अल्ताफ खनानी का नाम भी आया है. संस्था के मुताबिक खनानी भारत में मोस्ट वॉन्टेड आतंकी दाऊद इब्राहिम को आतंक फैलाने के लिए पैसे देता रहा. साथ ही खनानी का दुनिया की दूसरे आतंकी संगठनों से भी करीबी रिश्ते हैं.

दशकों तक खनानी ने मनी लॉन्ड्रिंग ऑर्गेनाइजेशन के जरिए लगभग 16 बिलियन डॉलर तक पैसे हर साल अल कायदा, हिजबुल्लाह और तालिबान जैसे आतंकी संगठनों को दिए. साथ ही नशे के कारोबार में भी पैसा दिया गया. जानिए, कौन है ये खनानी और आतंकी संगठनों के लिए उसके पास इतने पैसे कहां से आए.

खनानी को साल 2015 के सितंबर में पनामा एयरपोर्ट से पकड़ा गया और मियामी जेल में डाल दिया गया. उसकी नजरबंदी इसी साल जुलाई में खत्म हुई, जहां से उसे अमेरिकी अधिकारियों को सौंप दिया गया. हालांकि ये साफ नहीं है कि वहां से उसे कहां भेजा गया है. गिरफ्तारी के बाद ही खनानी के दाऊद के साथ रिश्तों की बात और साफ हुई. इस दौरान जारी एक नोटिस में बताया गया कि कैसे ये पाक नागरिक अपने मनी लॉन्ड्रिंग ऑर्गेनाइजेशन के जरिए आतंकियों, ड्रग तस्करों और अपराधियों को पैसे देता था. ये अपनी कंपनियों खनानी MLO और अल-जरूनी एक्सचेंज के जरिए इन कामों को अंजाम देता था.



खनानी के दाऊद के साथ रिश्तों की बात साफ हो चुकी है

खनानी चूंकि उन आतंकी संगठनों को पैसे देता था, जो भारत में आतंक फैलाने के लिए बदनाम हैं. ऐसे में उसकी गिरफ्तारी से कई अहम राज खुले होंगे, ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है. साथ ही साथ चूंकि वो दाऊद से लेकर नशा तस्करी तक में जुड़ा हुआ था, लिहाजा उसकी गिरफ्तारी आतंकियों को कमजोर कर सकती है. साथ ही आतंकवादी हमलों की अंतरराष्ट्रीय साजिशों को अंजाम दे पाना भी अब मुश्किल होगा, क्योंकि अब हवाला के जरिए आतंक का पैसा पहुंचाने वाला सबसे बड़ा नेटवर्क पकड़ में आ चुका है.

ये भी पढ़ें: वो बेखौफ हिंदुस्तानी रानी, जो दुनिया की पहली वैक्सीन के लिए बनी मॉडल

वैसे आतंकियों के सगे इस मनी लॉन्ड्रर का गुजरात कनेक्शन भी है. असल में खनानी जिस मेनन परिवार में जन्मा, वे मूलतः गुजरात से हैं. वोहरा समुदाय से मिलता-जुलता ये परिवार या खानदान भारत के बंटवारे के बाद पाकिस्तान के सिंध प्रांत में जा बसा. साल 1961 में जन्मे खनानी के पिता अब्दुल सत्तार खनानी फेरी लगाने वाले थे. वे सड़क पर घूमते हुए मौसमी कपड़ों और दूसरी चीजों का कारोबार करते. अब्दुल खनानी का एक जुड़वा भाई भी था. जावेद खनानी नाम के इस भाई ने साल 2016 में आत्महत्या कर ली. माना जाता है कि वो भी मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हुआ था.

खनानी के पैसों से आतंकी संगठन नए आतंकियों की भर्ती और उन्हें ट्रेनिंग देते- सांकेतिक फोटो


खनानी की कंपनियां खनानी MLO और अल-जरूनी एक्सचेंज की जड़े दुबई से लेकर अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया तक फैली हुई थीं. पैसे यहां से वहां करने के लिए ये कंपनियां हवाला मैथड का सहारा लेतीं. खनानी के लोग एक देश से दूसरे देश तक हवाले के जरिए पैसे पहुंचाने के लिए कई रास्ते अपनाते थे. जितनी रकम पहुंचानी होती थी उतनी रकम का सोना या हीरा खरीद लिया जाता था. फिर उसे तस्करी के जरिए या छुपा कर फ्लाइट के रास्ते उस देश पहुंचा दिया जाता जहां की डिलीवरी होती. वहां पहुंचकर वो सोना या हीरा बेच दिया जाता और ये रकम सीधे ग्राहक यानी आतंकी संगठन तक भिजवा दी जाती.

ये भी पढ़ें: India-China Rift: पहले पल्ला झाड़ रहा रूस अब भारत-चीन में सुलह कराने पर क्यों तुला है?   

कुल मिलाकर ये पैसा अल कायदा, हिजबुल्लाह और नशा तस्करों को पहुंचता. तहकीकात के दौरान सामने आया है कि इन पैसों से आतंकी संगठन नए आतंकियों की भर्ती और उन्हें ट्रेनिंग देते. साथ ही साथ महंगे और अत्याधुनिक हथियारों की तस्करी की जाती. साल 1993 और 2008 में हुए मुंबई हमलों में भी खनानी ने पैसों से मदद की.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज