जानें कौन हैं उप राज्यपाल से सीएजी बनने वाले पहले शख्स आईएएस रहे मुर्मू

जानें कौन हैं उप राज्यपाल से सीएजी बनने वाले पहले शख्स आईएएस रहे मुर्मू
नए सीएजी गिरीश चंद्र मुर्मू

जम्मू-कश्मीर में 05 अगस्त को उप राज्यपाल पद से इस्तीफा देने वाले गिरीश चंद्र मुर्मू (Girish Chandra Murmu ) जिस तरह से कंट्रोलर एंड आडिटर जनरल (comptroller and auditor general ) बनाए गए हैं, उससे हर कोई चौंक गया है. वैसे वो गुजरात कैडर के चर्चित आईएएस अफसर रहे हैं. जब मोदी वहां मुख्यमंत्री थे तो उनके साथ काम कर चुके हैं

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 6, 2020, 5:21 PM IST
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नेंगिरीश चंद्र मुर्मू (Girish Chandra Murmu ) पिछले कुछ दिनों से चर्चा में हैं. चर्चा की कई वजहें रही हैं. वो 10 महीने पहले जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल बनाए गए थे. पिछले दिनों उनके और चुनाव आयोग के बीच अनबन की खबरें आईं थीं. अब वो उप राज्यपाल से सीएजी यानि कंट्रोलर एंड आडिटर जनरल (Comptroller and Auditor General) बनाए गए हैं.

जिस तरह से उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर का पहला लेफ्टिनेंट गवर्नर बनने के बाद इस्तीफा दिया. वो भी चौंकाने वाली खबर थी.

पिछले कुछ समय से उनके और चुनाव आयोग के बीच तनातनी की खबरें थीं. वो लगातार कश्मीर में चुनाव की मांग कर रहे थे. आयोग इसके लिए तैयार नहीं था. उधर उन्होंने पद से इस्तीफा दिया और इधर खटाक से सीएजी बन गए.



चौंकाती भी है ये खबर
ये खबर इसलिए भी चौंकाती है क्योंकि वो पहले उप राज्यपाल होंगे, जिन्होंने इस पद पर बिठाने के बाद सीएजी का पद दिया गया हो. वैसे जीसी मुर्मू प्रधानमंत्री मोदी के पसंद के अफसर कहे जाते रहे हैं.

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ये माना जा रहा था कि केंद्र नाराज है उनसे 
जब उन्होंने कश्मीर में उप राज्यपाल पद से इस्तीफा दिया तब यही माना गया है कि जम्मू-कश्मीर में उनकी भूमिका से केंद्र खुश नहीं था, इसलिए उन्हें हटा दिया गया है लेकिन उनकी नियुक्ति तो कुछ ही कहती है.

गिरीश चंद्र मुर्मू एक दिन पहले जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल थे लेकिन चुनाव आयोग से खींचतान के बाद वो विवादित हो गए थे


गुजरात कैडर के आईएएस अफसर 
वह गुजरात कैडर के 1985 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं. गुजरात के सीएम के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान नरेंद्र मोदी के प्रमुख सचिव थे. वह वित्त मंत्रालय में व्यय विभाग के सचिव थे.

ओडिशा से ताल्लुक रखते हैं
मूर्मु का जन्म 21 नवंबर 1959 में ओडिशा के मयूरभंज जिले के बेनोती गांव में हुआ. वो संथाल समुदाय से ताल्लुक रखते हैं. उत्कल यूनिवर्सिटी से उन्होंने पालिटिकल साइंस में एमए किया है. बर्मिंघम यूनिवर्सिटी की एमबीए डिग्री भी उनके पास है. वो आठ भाई और दो बहनों के भरे-पूरे परिवार से ताल्लुक रखते हैं. उनके एक भाई रिजर्व बैंक में सीनियर पोजिशन पर हैं.

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गुजरात में कई अहम भूमिकाएं संभालीं
वर्ष 2001 में जब मोदी गुजरात के चीफ मिनिस्टर बने तो वो राहत कमिश्नर थे. उसके तुरंत बाद वो खान और खनिज विभाग में कमिश्नर बनाए गए और फिर गुजरात समुद्री बोर्ड के मैनेजिंग डायरेक्टर बने.

फिर गुजरात में गृह विभाग में ज्वाइंट सेक्रेट्री बनाए गए,ये वो विभाग थे, जिसके मंत्री अमित शाह थे और मोदी इसकी निगरानी करते थे. वर्ष 2002 में उन्हें गुजरात दंगों को संभालने की भूमिका मिली, तब अमित शाह जेल में थे. तब मुर्मू अपने केस पेपर्स तैयार करके उनकी जमानत का आधार तैयार किया.

उप राज्यपाल के रूप में विवादित हो गए थे
31 अक्टूबर 2019 में वो जम्मू-कश्मीर के पहले लेफ्टिनेंट गर्वनर बने. लेकिन चुनाव आय़ोग से बार बार उलझने के बाद उनकी भूमिका विवादित हो गई थी. उन्होंने एक दिन पहले ही यानि 05 अगस्त को इस्तीफा दिया था. मुर्मू के विरोधी उन पर तमाम आरोप भी लगाते हैं.
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