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दुनिया के आखिरी हिंदू राजा के बारे में जानते हैं आप?

News18Hindi
Updated: March 12, 2020, 6:02 PM IST
दुनिया के आखिरी हिंदू राजा के बारे में जानते हैं आप?
नेपाल के आखिरी राजा ज्ञानेंद्र को दुनिया का आखिरी हिंदू शासक माना जाता है.

आपको जानकर आश्चर्य होगा कि दुनिया का आखिरी हिंदू राजा (World Last Hindu King) भारत से नहीं था. नेपाल के ज्ञानेंद्र शाह (Gyanendra Bir Bikram Shah Dev) को दुनिया का अंतिम हिंदू राजा माना जाता है. उन्हें भी ये गद्दी किस्मत से हासिल हुई थी.

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  • Last Updated: March 12, 2020, 6:02 PM IST
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कई बार दुर्घटनाएं आपकी नियति तय करती हैं. साल 2001 में नेपाल के शाही राजघराने (Nepal Royal Family) के महल में हुए हत्याकांड ने एक व्यक्ति की किस्मत बदल दी थी. नेपाल के नए राजा बनाए गए थे ज्ञानेंद्र शाह (Gyanendra Bir Bikram Shah Dev) जिन्हें दुनिया का आखिरी हिंदू राजा भी कहा जाता है. ज्ञानेंद्र के समय में नेपाल में 2006 में जनतंत्र समर्थक आंदोलन ने जोर पकड़ा और फिर राजा ज्ञानेंद्र को अपनी सत्ता छोड़नी पड़ी थी. वर्तमान समय में नेपाली राजा का महल नारायणहिती दरबार एक संग्रहालय में तब्दील हो चुका है.

क्या हुआ था 2001 में
तब नेपाल के राजा थे ज्ञानेंद्र के बड़े भाई वीरेंद्र शाह (Birendra Bir Bikram Shah). वीरेंद्र शाह के सबसे बड़े बेटे दीपेंद्र शाह को नेपाल के ही राणा राजवंश की देवयानी राणा से प्रेम हो गया था. दीपेंद्र चाहते थे कि उनकी शादी देवयानी के साथ कर दी जाए लेकिन राजपरिवार इस बात के लिए तैयार नहीं था. बताया जाता है कि राजा वीरेंद्र सिंह का मानना था कि देवयानी राणा का परिवार उनसे जाति में छोटा है. साथ ही दोनों परिवारों के बीच अन्य बातों को लेकर भी मतभेद थे. काफी समय तक दीपेंद्र अपने परिवार को मनाने की कोशिश करते रहे. कहते हैं परिवार के न मानने की वजह से दीपेंद्र गुस्से से भर उठा और उसने अपने पूरे परिवार को गोलियों से भुन डाला.

2001 में नेपाल के राजा वीरेंद्र विक्रम शाह के पूरे परिवार को उनके बेटे दीपेंद्र ने खत्म कर दिया था.




दीपेंद्र और उनके परिवार के रिश्तों में इतनी तल्खी आ गई थी कि 1 जून 2001 को उन्होंने अपने पूरे परिवार को खत्म कर डाला. नेपाली राजमहल में एक पार्टी का आयोजन था और उसी में दीपेंद्र ने परिवार के सदस्यों को गोलियों से भुन डाला था. दीपेंद्र ने खुद को भी गोली मार ली थी और तीन दिन बाद उनकी भी मौत हो गई थी.



तीन दिन का राजा
जब वीरेंद्र शाह के बेटे दीपेंद्र ने पूरे परिवार को गोली मारी तब उसने खुद को भी गोली मार ली थी. उसी रात राजा वीरेंद्र का पूरा परिवार खत्म हो गया. सिर्फ दीपेंद्र तीन दिनों तक जिंदा रहा. राजा वीरेंद्र के खत्म होने के बाद दीपेंद्र अपने आप नेपाल का राजा बन गया था. लेकिन जब तीन दिनों बाद उसकी मृत्यु हो गई तो फिर ज्ञानेंद्र शाह को राजा बनाया गया.

कैसी है ज्ञानेंद्र की जिंदगी
नेपाल के राजा महेंद्र के दो बेटों में ज्ञानेंद्र छोटे थे. बड़े भाई वीरेंद्र के साथा ज्ञानेंद्र ने अपनी पढ़ाई भारत के दार्जिलिंग से की. पिता महेंद्र की मृत्यु के बाद बड़े भाई वीरेंद्र को नेपाल का राजा बनाया गया. ज्ञानेंद्र उन्हीं के साथ 2001 तक काम करते रहे. 2001 में जब वो राजा बने तब उन्होंने सत्ता पर पूरी तरह से अधिकार की कवायद शुरू कर दीं.

लोकतंत्र पर कड़ाई
ज्ञानेंद्र की नेपाल की राजनीतिक पार्टियों से कभी नहीं बनी. 2002 से 2005 बीच उन्होंने लगातार प्रयास किए कि देश की पूरी ताकत उनके हाथों में हो. 2005 में नेपाल में कम्युनिस्ट विद्रोही आंदोलन भी जोर पकड़ चुका था. ज्ञानेंद्र ने विद्रोहियों के साथ बातचीत की शुरुआत की. साथ ही ज्ञानेंद्र ने लोकतांत्रिक सरकारों की सारी शक्ति छीन ली और खुद को सर्व शक्तिशाली घोषित कर दिया. ज्ञानेंद्र से पहले उनके भाई वीरेंद्र ने देश में संवैधानिक राजतंत्र को मंजूरी दी थी. इसके तहत लोकतांत्रिक सरकार काम करती थी और राजा का हस्तक्षेप बेहद कम होता था. लेकिन ज्ञानेंद्र ने सारे नियम पलट दिए.

सरकार विरोधी आंदोलन
ज्ञानेंद्र के कठोर रवैये की वजह से राजनीतिक पार्टियों समेत नेपाल की आम जनता में भी गुस्सा पसरना शुरू हो गया. साल 2006 में नेपाल में जनआंदोलन हुआ जिसने आगे चलकर वहां की सत्ता से राजतंत्र को उखाड़ फेंका.

नेपाल के आखिरी राजा रहे ज्ञानेंद्र शाह के पास वर्तमान में भी अकूत धन-संपत्ति है.


साल 2008
साल 2008 में ज्ञानेंद्र को जनता और राजनीतिक दबाव में अपना महल खाली करना पड़ा. ज्ञानेंद्र के महल खाली करने के साथ ही महल की सारी संपत्ति सरकारी घोषित कर दी गई. महल से राजा के बाहर जाने को नेपाली लोकतंत्र में एक बड़े प्रतीक के रूप में देखा गया.

अब क्या कर रहे हैं ज्ञानेंद्र
सत्ता से हटाए जाने के बाद भी राजा ज्ञानेंद्र के पास अकूत संपत्ति है. अब वो एक बिजनेसमैन हैं. उनके पास होटलों की पूरी चेन है जिसकी कुल कीमत 2008 में 100 मीलियन डॉलर आंकी गई थी. इसके अलावा भी उनके कंपनियों में मेजर शेयर हैं. वो चाय बागानों के मालिक हैं. उनका काफी सारा पैसा ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी लगा हुआ है.
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First published: March 12, 2020, 4:09 PM IST
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