जानिए, कौन है वो वकील, जो निर्भया के बाद अब हाथरस पीड़िता की जंग लड़ेगी

निर्भया मामले की वकील सीमा कुशवाहा अब हाथरस पीड़िता के इंसाफ के लिए भी लड़ेंगी
निर्भया मामले की वकील सीमा कुशवाहा अब हाथरस पीड़िता के इंसाफ के लिए भी लड़ेंगी

सीमा कुशवाहा ने जब निर्भया (Nirbhaya case lawyer Seema Kushwaha) का मामला हाथ में लिया, तब वो उनका पहला मामला था. जबकि दोषियों के वकील एपी सिंह क्रिमिनल मामलों के पुराने खिलाड़ी माने जाते थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 9, 2020, 12:30 PM IST
  • Share this:
साल 2012 में पूरे देश को हिला चुके निर्भया मामले की वकील सीमा कुशवाहा अब हाथरस पीड़िता के इंसाफ के लिए भी लड़ेंगी. बता दें कि हाथरस में सितंबर महीने में एक दलित लड़की की मौत के बाद आधी रात में परिवार की मर्जी के बगैर उसके दाह-संस्कार का मामला फिलहाल सुर्खियों में है. पीड़िता के परिवार का आरोप है कि उसके साथ गैंगरेप के बाद बेरहमी से हत्या की गई. अब सीमा कुशवाहा पीड़िता का केस हाथ में ले रही हैं.

मुश्किलों में की वकालत की पढ़ाई
सीमा समृद्धि कुशवाहा मूल रूप से उत्तरप्रदेश के इटावा की रहने वाली हैं. वहां एक छोटे से गांव उग्गरपुर में जन्मी सीमा कई साक्षात्कारों के दौरान बता चुकी हैं कि कैसे उनके यहां लड़कियों को आगे बढ़ने के लिए किस तरह की परेशानियां झेलनी होती हैं. यहां तक कि खुद उन्हें भी वकालत चुनने के दौरान कैसी मुश्किलों से दो-चार होना पड़ा. परिवार लॉ करने के खिलाफ था इसलिए सीमा को पढ़ाई के साथ काम भी करना पड़ा ताकि पढ़ाई पूरी हो सके.

ये भी पढ़ें: जानिए, क्यों White House को दुनिया की सबसे ख़तरनाक जगह कहा गया 
डिग्री के बाद सीमा ने कानपुर से वकालत की ट्रेनिंग शुरू की लेकिन वहां महिला वकीलों की हालत काफी खराब थी. यहां तकि कोर्स में महिला वकीलों के हाथ में केस जाने पर उन्हें सुनवाई की तारीख तक नहीं मिलती थी. तब सीमा वापस दिल्ली आ गईं.



सुप्रीम कोर्ट की ये वकील दिल्ली में तब ट्रेनी वकील के तौर पर काम कर रही थीं


निर्भया केस पहला मामला था 
सुप्रीम कोर्ट की ये वकील दिल्ली में तब ट्रेनी वकील के तौर पर काम कर रही थीं, जब निर्भया के साथ दरिंदगी हुई. निर्भया की मौत के बाद सीमा ने भी काफी सारे प्रदर्शनों में हिस्सा लिया. इसी दौरान उनकी मुलाकात एक शोक सभा के दौरान निर्भया के परिवार से हुई. तभी उन्होंने तय कर लिया था कि वे इस केस को लड़ेंगी और हर साल में निर्भया को दोषियों को सजा दिलाएंगी. बता दें कि साल 2014 में सीमा ने ज्योति लीगल ट्रस्‍ट ज्‍वाइन किया, जो दुष्‍कर्म पीड़िताओं के लिए कोर्ट में नि:शुल्‍क केस लड़ता है. सीमा ने इसी के तहत निर्भया मामला हाथ में लिया.

ये भी पढ़ें: क्यों चीन के लिए Indian Army का टैंक 'भीष्म' सबसे घातक साबित हो सकता है? 

पुराने वकील से थी लड़ाई
वकालत का पहला मामला इतना पेंचीदा होने के कारण सीमा को इसके लिए काफी सारी तैयारियां करनी पड़ीं. इस मामले पर पूरे देश की नजरें थीं. सीमा का मुकाबला ऐसे वकील से था, जो दोषियों की ओर से लड़ रहा था और वकालत के पेशे का पुराना खिलाड़ी था. बता दें कि एपी सिंह क्रिमिनल मामलों के काफी पुराने और मंजे हुए वकील माने जाते हैं.

इसके बाद भी सीमा ने पहला मामला ही ऐसा लिया और बिना डरे सबूतों के साथ जिरह करती रहीं. इस दौरान सीमा के इक्का-दुक्का ही इंटरव्यू आए थे लेकिन हमेशा उनके बयान ऐसे रहे, जो किसी नए वकील की तरफ से आने मुश्किल लगते हैं. आखिरकार सात साल बाद, तीन डेथ वारंट और अनगिनत दिनों के इंतजार के बाद चार दोषियों को 20 मार्च 2020 को फांसी मिली.

सीमा कुशवाहा हाथरस पीड़िता का केस लड़ने जा रही हैं.- सांकेतिक फोटो (Pixabay)


हाथरस मामला भी देख सकती हैं 
अब सीमा हाथरस पीड़िता का केस भी लड़ने जा रही हैं. इसके लिए वे पीड़िता के परिवार से मिलने भी गई थीं लेकिन स्थानीय पुलिस ने उन्हें वहां तक पहुंचने नहीं दिया. इसपर सुप्रीम कोर्ट की इस वकील ने एक समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में कहा कि मेरी पीड़िता के परिवार से मुलाकात से कानून-व्यवस्था कैसे बिगड़ सकती है. मैं एक निजी वकील के तौर पर परिवार की मदद के लिए मिलना चाहती हूं. हालांकि अब सीमा की अपने मुवक्किल परिवार से मुलाकात हो चुकी है और वे उनके संपर्क में भी बताई जा रही हैं.

ये भी पढ़ें: कंबोडिया में चीन की बढ़ती दखलंदाजी कितनी खतरनाक है?     

अंबेडकर के परपोते भी करेंगे सहयोग
इसके अलावा संविधान निर्माता भीमराव अंबेडकर के परपोते भी इस लड़ाई का हिस्सा बनेंगे. द क्विंट की एक खबर के मुताबिक पीड़ित परिवार के एक सदस्य ने बताया कि सीमा कुशवाहा के साथ-साथ हाथरस मामले में भीम आर्मी के लीगल एडवाइजर एमएस आर्य और राजरत्न अंबेडकर भी शामिल होंगे. मालूम हो कि राजरत्न डॉ बीआर अंबेडकर के परपोते हैं और बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया के चेयरपर्सन हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज