कौन है CBI के तीन डायरेक्टर्स का विकेट गिराने वाला मोईन कुरैशी ?

पहले भी दो सीबीआई निदेशकों के विकेट गिरा चुका मोईन कुरैशी ही वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के बीच विवाद की भी वजह है.

News18Hindi
Updated: January 11, 2019, 2:31 PM IST
कौन है CBI के तीन डायरेक्टर्स का विकेट गिराने वाला मोईन कुरैशी ?
मोइन अख्तर कुरैशी (File Photo)
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Updated: January 11, 2019, 2:31 PM IST
सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के 48 घंटे के अंदर ही उच्चस्तरीय चयन समिति ने सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को पद से हटा दिया. उधर आलोक वर्मा ने दावा किया है कि उनका तबादला उनके विरोध में रहने वाले एक व्यक्ति की ओर से लगाए गए झूठे, निराधार और फर्जी आरोपों के आधार पर किया गया है. इस पूरे विवाद में लगातार एक नाम सामने आ रहा है वो है मीट कारोबारी मोईन कुरैशी. पहले भी दो सीबीआई निदेशकों के विकेट गिरा चुका मोईन कुरैशी ही वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के बीच विवाद की भी वजह है.

कौन है मोइन अख्तर कुरैशी
मोइन अख्तर कुरैशी उत्तर प्रदेश के कानपुर का रहने वाला है और उसने अपने कारोबार की शुरुआत साल 1993 में रामपुर के एक छोटे से बूचड़खाने से की थी. देखते ही देखते मोईन देश का सबसे बड़ा मांस कारोबारी बन बैठा. पिछले 25 वर्षों में उसने निर्माण और फैशन समेत कई सेक्टरों में 25 से ज्यादा कंपनियां खड़ी कर लीं.  उसने अपनी पढ़ाई दून स्कूल और सेंट स्टीफेंस से की थी. उसके खिलाफ टैक्स चोरी, मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार में शामिल होने के कई आरोप लगे और जांच हुई. इसके साथ-साथ उसने हवाला के जरिए बड़ा लेनदेन किया. उस पर सीबीआई अफसरों, राजनेताओं समेत कई अधिकारियों को रिश्वत देने के भी आरोप लगे.

2014 में आया विवादों में

कुरैशी का नाम सबसे पहले 2014 में सामने आया, जब यह पता चला कि 15 महीने में कुरैशी कम से कम 70 बार तत्कालीन सीबीआई चीफ रंजीत सिन्हा के घर पर गया था. आलोक वर्मा और अस्थाना के बीच मौजूदा विवाद में हैदराबाद के बिजनसमैन सतीश बाबू सना का नाम भी सामने आया है. सना ने पिछले साल ED को कथित तौर पर बताया था कि उसने सिन्हा के जरिए एक सीबीआई केस में फंसे अपने दोस्त को जमानत दिलाने के लिए 1 करोड़ रुपये कुरैशी को दिए थे. आरोपी या संदिग्ध के साथ मीटिंग करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सिन्हा को कड़ी फटकार लगाई थी. सिन्हा 2012 से 2014 तक एजेंसी के चीफ रहे और वह लगातार सभी आरोपों से इनकार करते रहे.



एपी सिंह पर भी उठे सवाल
2014 में पता चला कि कुरैशी और एक अन्य सीबीआई डायरेक्टर एपी सिंह के बीच मेसेज का आदान-प्रदान हुआ था. सिंह 2010 से 2012 तक एजेंसी के हेड रहे. आयकर विभाग और ED ने मामले की जांच की और पिछले साल फरवरी में CBI ने भी सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया, जिससे कुरैशी के साथ उनके संबंधों की जांच हो सके. आरोपों के चलते सिंह को संघ लोक सेवा आयोग में सदस्य की अपनी पोस्ट छोड़नी पड़ी.
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वर्मा बनाम अस्थाना में भी नाम
कुरैशी की जांच के सिलसिले में अब आलोक वर्मा पर सवाल खड़े किए गए. बताया जाता है कि इसी के चलते सरकार ने उनसे सभी अधिकार वापस ले लिए. दरअसल, अस्थाना ने आरोप लगाया है कि कुरैशी केस में राहत पहुंचाने के लिए वर्मा ने सना से 2 करोड़ रुपये की रिश्वत ली है. उधर, वर्मा ने अस्थाना के खिलाफ FIR दायर की, जिसमें आरोप लगाया गया कि अस्थाना ने सना से 3 करोड़ रुपये की रिश्वत ली.

बेटी पर्निया की आलीशान शादी
अपनी बेटी पर्निया की आलीशान शादी के दौरान कुरैशी कई जांच एजेंसियों के निशाने पर आ गया था. पर्निया मॉडलिंग के साथ एक फैशन डिजायनर है और खुद का फैशन स्टोर भी चलाती है. पर्निया की शादी लंदन बेस्ड चार्टर्ड अकाउंटेंट अजीत प्रसाद के बेटे अर्जुन प्रसाद से हुई है जो पूर्व केंद्रीय मंत्री जतिन प्रसाद से रिश्तेदार हैं.

दर्ज हैं कई मामले
प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने साल 2015 में कुरैशी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की एफआईआर दर्ज की थीं. टैक्स चोरी, मनी-लॉन्ड्रिंगऔर भ्रष्टाचार के अन्य मामलों में भी इनकम टैक्स विभाग और सीबीआई कुरैशी के खिलाफ जांच कर रही हैं. अक्टूबर 2016 में कुरैशी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इमिग्रेशन के अफसरों को झांसा देकर दुबई फरार हो गया था.
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