जानिए कौन हैं नृपेंद्र मिश्रा और क्यों पीएम मोदी के लिए वे काफी अहम रहे

पिछली सरकार में भी नृपेंद्र मिश्रा को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का प्रधान सचिव बनाया गया था. पिछली बार सरकार ने उनकी नियुक्ति के लिए नियमों में बदलाव किए थे.

News18Hindi
Updated: August 30, 2019, 7:13 PM IST
जानिए कौन हैं नृपेंद्र मिश्रा और क्यों पीएम मोदी के लिए वे काफी अहम रहे
पीएमओ में प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा
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Updated: August 30, 2019, 7:13 PM IST
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा के इस्तीफे की पेशकश को स्वीकार पर लिया गया है. पीएम मोदी ने इस्तीफ़ा स्वीकार करने के बाद ट्वीट कर बताया कि जब 2014 में वह राष्ट्रीय राजधानी (दिल्ली) में नए-नए आए थे, तब उन्हें नृपेंद्र मिश्रा ने काफी चीजें सिखायीं थीं. पीएम मोदी ने उन्हें उनके जीवन के नये चरण के लिए शुभकामनाएं दीं हैं.

क्या कहा पीएम मोदी ने?
पीएम मोदी ने ट्वीट किया- 'श्री नृपेंद्र मिश्रा उत्कृष्ट अधिकारियों में से एक हैं जिनकी सार्वजनिक नीति एवं प्रशासन पर गहरी समझ है. जब 2014 में दिल्ली में नया था तब उन्होंने मुझे ढेर सारी चीजें सिखायीं और उनका मार्गदर्शन सदैव बहुमूल्य रहेगा.' उन्होंने कहा कि पांच सालों तक परिश्रमपूर्वक और कर्मठता से पीएमओ में अपनी सेवा देने. तथा भारत की विकास गाथा में अमिट योगदान करने के बाद मिश्रा अपने जीवन के नये चरण में कदम रख रहे है. 'उनके भावी कदमों के लिए मेरी शुभकामनाएं.'

मिश्रा के दायित्वों से मुक्त करने की इच्छा प्रकट करने के बाद प्रधानमंत्री ने उनसे दो हफ्ते तक पद पर बने रहने को कहा है. बता दें कि पूर्व कैबिनेट सचिव पी के सिन्हा को प्रधानमंत्री कार्यालय में विशेष कार्याधिकारी नियुक्त किया गया है.

जानिए कौन हैं नृपेंद्र मिश्रा?
नरेंद्र मोदी इस साल चुनाव जीतने के बाद जब दूसरी बार प्रधानमंत्री बने. तो उनके शुरुआती कामों में एक काम था भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी नृपेंद्र मिश्रा को दोबारा पीएमओ में प्रधान सचिव नियुक्त करना. हालांकि वर्ष 2014 जब उन्हें पहली बार इस पद पर नियुक्त किया गया था, तब कई राजनीतिक दलों ने इसका विरोध किया था. अब नृपेंद्र मिश्रा ने इस्तीफे की पेशकश की है.

नृपेंद्र मिश्रा, उत्तरप्रदेश कैडर के 1967 बैच के आईएएस के अधिकारी हैं. 1945 में जन्मे मिश्रा ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में एमए किया है. इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से भी उन्होंने एमए की डिग्री ली है. नृपेंद्र मिश्र पहले भी कई मंत्रालयों के साथ ही महत्व के कई पद संभाल चुके हैं.
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मूलरूप से देवरिया के रहने वाले नृपेंद्र मिश्रा की छवि तेज तर्रार और ईमानदार आईएएस अफसर की रही है. वह यूपी के मुख्य सचिव भी रह चुके हैं. मुलायम सिंह यादव और कल्याण सिंह जैसे नेताओं से भी उनकी करीबी रही है.

यूपीए सरकार के दौरान वो ट्राई के चेयरमैन रह चुके थे. ऐसे में सरकार ने उनकी नियुक्ति के लिए नियमों में बदलाव किए थे.

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मिश्रा ने ही रुकवाई थी स्‍पेक्‍ट्रम की नीलामी
वो 2006 से 2009 के बीच ट्राई के अध्यक्ष थे. उनकी ही अगुवाई में ट्राई ने अगस्त 2007 में सिफारिश की थी कि स्पेक्ट्रम की नीलामी नहीं की जानी चाहिए. मिश्रा 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में कथित अनियमितताओं के मामले की सुनवाई में दिल्ली की एक अदालत में अभियोजन पक्ष के गवाह के रूप में पेश हो चुके हैं.

नृपेंद्र मिश्रा निडरता और दृढ़ निर्णय वाले आईएएस आधिकारी माने जाते हैं


नृपेंद्र मिश्रा क्यों रहे पीएम मोदी की पसंद 
नृपेंद्र मिश्रा निडरता और दृढ़ निर्णय वाले आईएएस आधिकारी माने जाते हैं. नृपेंद्र मिश्रा को अखंडता और अनुशासन के मापदंडों का सलीके से पालन करने के लिए जाना जाता है. वो सुर्खियों से दूर रहने के लिए भी जाने जाते हैं.

पिछले कार्यकाल में भी वो अपने काम से पीएम मोदी का भरोसा जीतने में सफल रहे  थे. इसलिए उन्हें दोबारा ये पीएमओ में सबसे बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी. प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव का काम पीएमओ और कैबिनेट सचिवालय के बीच मुख्य कड़ी बनकर समन्वय करने का होता है.

पीएमओ में प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक मीटिंग में


रिटायरमेंट के बाद थिंकटैंक से जुड़े
जब नृपेंद्र मिश्रा ट्राई के चेयरमैन पद से रिटायर हुई तो वो पब्लिक इंटरेस्ट फाउंडेशन (PIF) से जुड़े. दिल्ली के ग्रेटर कैलाश स्थित दफ्तर में वह कुछ रिसर्च स्कॉलर्स के साथ काम करते थे. यह फाउंडेशन समाज में हाशिए पर पहुंचे लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक थिंकटैंक के रूप में काम करने के लिए जाना जाता है.

विदेश में भी किया काम
जॉन एफ कैनेडी स्कूल ऑफ गवर्नमेंट, हॉर्वर्ड यूनिवर्सिटी जैसे संस्थान से पढ़े नृपेंद्र मिश्रा ने देश ही नहीं विदेश में भी काम किया. उन्होंने विश्व व्यापार संगठन(डब्ल्यूटीओ) में स्पेशल सेक्रेटरी के तौर पर काम करते हुए देश से जुड़े मामलों में मजबूती से पक्ष रखा. इसके अलावा वह मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स में ज्वाइंट सेक्रेटरी रहे. इसके अलावा वर्ल्ड बैंक, एशियन डिवेलपमेंट बैंक, नेपाल सरकार में सलाहकार के रूप में कार्य किया.

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First published: August 30, 2019, 6:21 PM IST
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