सज्जन कुमार, जिन्होंने दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री को चुनाव में हरा दिया था

सज्जन कुमार, जिन्होंने दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री को चुनाव में हरा दिया था
सज्जन कुमार (फाइल फोटो)

सज्जन कुमार कांग्रेस के नेता हैं और 1984 के दंगों में सिखों के खिलाफ लोगों को भड़काने में उनका रोल माना गया है..

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 17, 2018, 11:59 AM IST
  • Share this:
दिल्ली हाईकोर्ट ने 1984 सिख विरोधी दंगों के मामले में सज्जन कुमार पर निचली अदालत के फैसले को पलट दिया है. सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. उन्हें 31 दिसंबर तक सरेंडर करना होगा. उम्रकैद के अलावा सज्जन कुमार पर 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. बाकी दोषियों को भी जुर्माने के तौर पर एक-एक लाख रुपये देने होंगे.

कौन हैं सज्जन कुमार?
सज्जन कुमार कांग्रेसी नेता हैं. 1970 के दशक में बाहरी दिल्ली के मादीपुर इलाके से उन्होंने म्युनिसिपल चुनाव लड़ा और जीते. 1980 में सज्जन कुमार ने चौधरी ब्रह्म प्रकाश को लोकसभा चुनावों में हरा दिया. ब्रह्म प्रकाश दिल्ली के पहले सीएम रहे थे.

क्‍या है पूरा मामला
इंदिरा गांधी की मौत के बाद 1 और 2 नवंबर को दिल्ली कैंट में पांच सिखों को एक भीड़ ने मार डाला था. जो लोग वहां मौजूद थे, उनका कहना था कि सज्जन कुमार ने भीड़ को उकसाया. तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद देशभर में सिख विरोधी दंगे फैले थे. इस दौरान दिल्ली कैंट के राजनगर में 5 सिख केहर सिंह, गुरप्रीत सिंह, रघुविंदर सिंह, नरेंद्र पाल सिंह और कुलदीप सिंह की हत्या कर दी गई थी. इस दंगे की भेंट चढ़े केहर सिंह इस मामले की शिकायतकर्ता जगदीश कौर के पति थे, जबकि गुरप्रीत सिंह उनके बेटे थे. इस घटना में मारे गए अन्य सिख दूसरे गवाह जगशेर सिंह के भाई थे.



सज्जन कुमार पर मर्डर, डकैती, आपराधिक साजिश का आरोप था. बाद में नानावटी कमीशन की सिफारिश के बाद 2005 में सज्जन के खिलाफ केस दर्ज हुआ. CBI ने सज्जन के खिलाफ दो चार्जशीट फ़ाइल कीं. सज्जन के अलावा कांग्रेस के ही जगदीश टाइटलर और दूसरे कई नेताओं पर दंगे भड़काने के आरोप है. 2009 में कांग्रेस ने सज्जन कुमार को लोक सभा चुनाव लड़ने से मना कर दिया था.

सीबीआई ने 2005 में जगदीश कौर की शिकायत और न्यायमूर्ति जीटी नानावटी आयोग की सिफारिश पर दिल्ली कैंट मामले में सज्जन कुमार, कैप्टन भागमल, पूर्व विधायक महेंद्र यादव, गिरधारी लाल, कृष्ण खोखर और पूर्व पार्षद बलवंत खोखर के खिलाफ मामला दर्ज किया था.

इसके बाद सीबीआई ने सभी आरोपियों के खिलाफ 13 जनवरी 2010 को अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था. इनमें से सज्जन कुमार को कोर्ट ने बरी किया जबकि बाकी पांचों लोगों को दोषी करार दिया गया है.

यह भी पढ़ें: 1984 सिख विरोधी दंगे: 34 साल बाद सज्जन कुमार दोषी करार, फैसला सुनाते हुए रो पड़े जज
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading