क्या आपको याद है आतंकी उमद सईद शेख और पर्ल हत्याकांड?

डैनियल पर्ल हत्याकांड में दोषी करार दिया गया था आतंकी अहमद उमर सईद शेख.

डैनियल पर्ल हत्याकांड में दोषी करार दिया गया था आतंकी अहमद उमर सईद शेख.

'इस समय उमर सईद को नहीं छोड़ा (Omar Saeed Sheikh Release) जाना चाहिए...' अमेरिका की इस चेतावनी के बाद पाकिस्तान (US warns Pakistan) में हाई कोर्ट बनाम सुप्रीम कोर्ट (High Court vs Supreme Court) की स्थिति बन गई है और सिंध सरकार ने फिलहाल आतंकियों को कैद में ही रखा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 28, 2020, 9:38 AM IST
  • Share this:

अमेरिका ने साफ कह दिया (US Warning to Pakistan) कि उमर सईद को छोड़ने की हिमाकत पाकिस्तान को नहीं करना चाहिए. यह भी कहा कि वह पाकिस्तान की इन हरकतों पर पैनी नज़र रख रहा है. इन चेतावनियों का असर क्या हुआ? साल 2002 के डैनियल पर्ल अपहरण और हत्याकांड (Daniel Pearl Abduction & Murder) में दोषी पाए जा चुके अहमद उमर सईद शेख (Ahmed Omar Saeed Sheikh) को पाकिस्तान के सिंध हाईकोर्ट (Sindh High Court) ने बेगुनाह करार देकर रिहा करने के आदेश गुरुवार को दिए थे. लेकिन ताज़ा खबरें कहती हैं कि पाक के सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court of Pakistan) के आदेश के हवाले से सिंध सरकार ने इस रिहाई पर रोक लगा दी है.

सईद और उसके तीन अन्य साथियों की कैद को गैरकानूनी करार देकर रिहा करने के आदेश देते हुए हाई कोर्ट ने इस केस को शून्य करार दिया था. ब्रिटिश मूल के उग्रवादी कहे जाने वाले सईद के बारे में क्या जानते हैं आप? और क्या आपको डैनियल पर्ल हत्याकांड याद है? जानिए कि क्या है पूरा मामला.

ये भी पढ़ें :- केरल में कैसे स्टूडेंट्स को हाथ आ रही है सिस्टम की चाबी?

कौन है उमर सईद शेख?
आप ठीक याद कर पा रहे हैं तो यह उन्हीं तीन आतंकवादियों में से एक है, जिसे कंधार विमान हाईजैक कांड के समय 2000 में बंधक यात्रियों के बदले भारत सरकार ने छोड़ दिया था. अब 47 साल का हो चुका सईद का बचपन लंदन में गुज़रा और उसने बोस्निया के युद्ध के दौरान राहत कार्यों के लिए यूनिवर्सिटी छोड़ दी थी.

al qaeda terrorist, jaish e mohammad terrorist, pakistani terrorist, infamous murder case, अलकायदा आतंकवादी, जैश ए मोहम्मद आतंकवादी, पाकिस्तानी आतंकवादी, चर्चित हत्याकांड
आतंकी उमर सईद शेख

पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ ने अपनी किताब में लिखा था कि ब्रिटेन की इं​टेलिजेंस एजेंसी MI6 ने सईद को बाल्कन भेजा था. बाल्कन के बाद पाकिस्तान में सईद ने आतंकी संगठन जॉइन किया और भारत में विदेशी पर्यटकों के अपहरण के लिए भेजे जाने से पहले उसे अफगानिस्तान में ट्रेनिंग भी दी गई थी.



ये भी पढ़ें :- ताकि याद रहे 2020... अपनी रोशनी छोड़ गए शब्दों के ये चिराग

अपहरण कांडों में शरीक रहने के इल्ज़ाम में 1994 से 1999 तक सईद शेख भारतीय जेलों में रहा. 1 जनवरी 2000 को कंधार कांड में मौलाना मसूद अज़हर, मुश्ताक अहमद ज़रगर के साथ सईद शेख को भारत को छोड़ना पड़ा क्योंकि करीब 150 यात्रियों की जान का सवाल था. इसके बाद पाकिस्तान पहुंचा सईद जैश ए मोहम्मद से जुड़ा रहा और उसके संबंध अलकायदा से भी बताए जाते रहे.

al qaeda terrorist, jaish e mohammad terrorist, pakistani terrorist, infamous murder case, अलकायदा आतंकवादी, जैश ए मोहम्मद आतंकवादी, पाकिस्तानी आतंकवादी, चर्चित हत्याकांड
पर्ल केस में इस वक्त पाकिस्तान में हाई कोर्ट बनाम सुप्रीम कोर्ट के हालात बन गए हैं.

यह वही सईद है, जिसने 26/11 के हमलों के बाद पूर्व विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी को फोन कॉल कर भारत पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ाने की धमकियां दी थीं. अमेरिका के ट्रेड टावरों पर 9/11 के हमलों में भी सईद शेख के शामिल होने के आरोप भारत लगाता रहा है. अब इस खतरनाक आतंकी का पर्ल मर्डर केस से कनेक्शन जानिए.

ये भी पढ़ें :- अब तक कितने देशों में फैल चुके हैं कोरोना के नए स्ट्रेन?

क्या था डैनियल पर्ल हत्याकांड?

जब अलकायदा से जुड़े आतंकी संगठनों के बारे में एक रिपोर्ट छपी, तो रिपोर्ट लिखने वाले 38 वर्षीय अमेरिकी पत्रकार डैनियल पर्ल को कराची में 2002 में अगवा कर लिया गया था. एक महीने बाद वॉल स्ट्रीट जर्नल में दक्षिण एशिया ब्यूरो रहे पर्ल का गला काटे जाने का एक खौफनाक वीडियो कराची स्थित अमेरिकी दूतावास में भेजा गया था.

al qaeda terrorist, jaish e mohammad terrorist, pakistani terrorist, infamous murder case, अलकायदा आतंकवादी, जैश ए मोहम्मद आतंकवादी, पाकिस्तानी आतंकवादी, चर्चित हत्याकांड
डैनियल पर्ल अमेरिकी पत्रकार थे, जिन्हें कराची में अगवा कर लिया गया था.

इसके बाद, अमेरिका का दबाव पड़ने के बाद मुशर्रफ के प्रशासन को सईद शेख और उसके साथियों को गिरफ्तार करना पड़ा. अपहरण और हत्या के आरोप में ये सभी दोषी पाए गए और इन्हें सज़ा दी गई लेकिन तबसे ही इस सज़ा से विवाद जुड़ गया था. जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी के छात्रों और शिक्षकों की रिपोर्ट के साथ ही अंतर्राष्ट्रीय खोजी पत्रकारों ने भी सईद शेख के खिलाफ इस फैसले को लेकर 2011 में संदेह जताए थे.

ये भी पढ़ें :- 'मनगढ़ंत नाम' के साथ टैगोर ने कैसे किया था मज़ाकिया प्रयोग?

इन खबरों में कहा जाता रहा कि पर्ल के अपहरण के लिए तो सईद शेख और उसके साथी ज़िम्मेदार रहे, लेकिन हत्या से उनका ताल्लुक साबित नहीं होता. माना जाता है कि पर्ल की हत्या का​ ज़िम्मेदार खालिद शेख मोहम्मद था, जो 9/11 हमले का एक आरोपी रहा और फिलहाल अमेरिका के डिटेंशन कैंप में कैद है.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज