• Home
  • »
  • News
  • »
  • knowledge
  • »
  • टीवी शो में गलती से राष्ट्रपति बन गया था यह कॉमेडियन, अब बनेगा असली राष्ट्रपति

टीवी शो में गलती से राष्ट्रपति बन गया था यह कॉमेडियन, अब बनेगा असली राष्ट्रपति

कॉमेडियन वोलोदीमीर ज़ेलिंस्की जो बनने वाले हैं यूक्रेन के राष्ट्रपति (फाइल)

कॉमेडियन वोलोदीमीर ज़ेलिंस्की जो बनने वाले हैं यूक्रेन के राष्ट्रपति (फाइल)

एक व्यंग्यात्मक टीवी सीरीज 'सर्वेंट ऑफ द पीपल' में प्रमुख किरदार निभाने वाले इस एक्टर का किरदार टीवी सीरीज में गलती से राष्ट्रपति बन जाता है.

  • Share this:
    यूक्रेन के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर हुए एक्जिट पोल्स में कॉमेडियन वोलोदीमीर ज़ेलिंस्की को भारी जीत मिलती दिख रही है. इन एक्जिट पोल्स के अनुसार नए-नए राजनीति में उतरे ज़ेलिंस्की को देश के 70% से ज्यादा लोगों का समर्थन मिला है. ज़ेलिंस्की के सामने चुनौती के तौर पर निवर्तमान राष्ट्रपति पेत्रो पोरोशेंको थे, जिन्होंने अपनी हार मान ली है.

    अपनी जीत की खुशी मनाते हुए ज़ेलिंस्की ने रविवार को कहा, 'मैं आपको कभी अपमानित नहीं होने दूंगा.' उन्होंने यह भी कहा, 'मैं अभी आधिकारिक रूप से राष्ट्रपति नहीं बना हूं लेकिन यूक्रेन के एक नागरिक के तौर पर मैं पूर्व सोवियत संघ के सभी देशों से कह सकता हूं, हमें देखिए, कुछ भी संभव है.'

    ज़ेलिंस्की यूक्रेन की एक व्यंग्यात्मक टीवी सीरीज में काम करते हैं. इस टीवी सीरीज में उनका किरदार गलती से राष्ट्रपति बन जाता है. यूक्रेन में राष्ट्रपति के पास देश की सुरक्षा, रक्षा और विदेश नीति से संबंधित महत्वपूर्ण शक्तियां होती हैं.

    कौन हैं वोलोदीमीर ज़ेलिंस्की?
    वोलोदीमीर यूक्रेन में लंबे वक्त तक चले एक व्यंग्यात्मक टीवी सीरीज 'सर्वेंट ऑफ द पीपल' में प्रमुख किरदार निभाने वाले एक्टर थे. इस टीवी सीरीज में उनका किरदार गलती से राष्ट्रपति बन जाता है.

    गलती से राष्ट्रपति बनने से पहले ज़ेलिंस्की का किरदार एक टीचर होता है और राष्ट्रपति इसलिए चुन लिया जाता है क्योंकि भ्रष्टाचार पर बनाया गया उसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो जाता है.

    बाद में ज़ेलिंस्की ने अपने शो के नाम के साथ ही यूक्रेन की एक राजनीतिक पार्टी ज्वाइन कर ली थी. हालांकि ज़ेलिंस्की के पास पहले से कोई राजनीतिक अनुभव नहीं था तो उन्होंने अपने राजनीतिक अभियान को सिर्फ दूसरे राजनेताओं से खुद के अंतर तक ही सीमित रखा था.

    इसके बावजूद, वे पहले दौर के चुनाव में उन्हें 30% से ज्यादा वोट मिले थे. जो उनके प्रतिद्वंदी पोरोशेंको को मिले 15.9% वोटों के मुकाबले बिल्कुल दोगुने थे.

    वोटर उनके बारे में क्या सोचते हैं?
    चुनावी विश्लेषक मानते हैं कि ज़ेलिंस्की का गैर औपचारिक स्टाइल और यूक्रेन की राजनीतिक को साफ कर देने का जुमला उन लोगों को आशा देता है जिनका पोरोशेंको की राजनीति से विमोह हो रहा था.

    विश्लेषकों ने कहा कि उन लोगों ने ज़ेलेंस्की का साथ दिया, जिनका पोरोशेंको और यूक्रेन के भ्रष्टाचार युक्त माहौल से मन ऊब चुका था.

    पोरोशेंको के लिए फजीहत का दौर
    रविवार को जारी हुए एक्जिट पोल्स में निवर्तमान राष्ट्रपति पोरोशेंको को 25% से भी कम वोट मिले हैं. वे 2014 से सत्ता में थे. उन्होंने एक्जिट पोल्स के सामने आने के बाद कहा, "चुनाव परिणाम ने हमें अनिश्चितता के साथ छोड़ा है."

    ऐसी हार के बाद पोरोशेंको के राजनीति छोड़ने के कयास भी लगने लगे थे लेकिन पोरोशेंको ने खुद कहा है कि वे भले ही अपना पद छोड़ दें लेकिन राजनीति को अलविदा नहीं कहेंगे.

    यह भी पढ़े: क्या है ईस्टर, क्यों श्रीलंका में इसी दिन हुआ चर्च पर हमला

    नॉलेज की खबरों को सोशल मीडिया पर भी पाने के लिए 'फेसबुक' पेज को लाइक करें

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज