कौन था वो ईरान का जनरल कासिम सुलेमानी, जिसे ट्रंप ने मरवा डाला

ईरान (Iran) का समर्थन करने वाले इराकी मिलिशिया ने मेजर जनरल कासिम सुलेमानी (Qassim Soleimani) के मारे जाने की पुष्टि की है..

ईरान (Iran) का समर्थन करने वाले इराकी मिलिशिया ने मेजर जनरल कासिम सुलेमानी (Qassim Soleimani) के मारे जाने की पुष्टि की है..

  • Share this:
    अमेरिका (America) ने ईरान (Iran) के मेजर जनरल कासिम सुलेमानी (Qassim Soleimani) को हवाई हमले में मार गिराया है. बगदाद एयरपोर्ट पर हुए अमेरिकी हवाई हमले में इराकी मिलिशिया कमांडर अबुर महादी अल-मुहानदिस की भी मौत हो गई है. अमेरिका ने शुक्रवार सुबह बगदाद एयरपोर्ट पर हवाई हमले को अंजाम दिया.

    ईरान का समर्थन करने वाले इराकी मिलिशिया ने मेजर जनरल कासिम सुलेमानी के मारे जाने की पुष्टि की है. कासिम सुलेमानी के शव की पहचान अंगुली में पहनी अंगूठी की वजह से हुई. इराक के पॉपुलर मोबिलाइजेन फोर्स के प्रवक्ता अहमद अल अस्सादी ने कहा है कि महादी अल मुहानदिस और कासिम सुलेमानी की मौत हो गई है. इसके पीछे अमेरिका और इजरायली दुश्मन जिम्मेदार हैं.

    कैसे किया अमेरिका ने हमला
    अमेरिकी अधिकारियों ने रॉयटर को बताया है कि बगदाद में दो टारगेट को निशाने पर लेकर हवाई हमले हुए. इन टारगेट का संबंध ईरान से है. इसके आगे अधिकारियों ने अभी कुछ बताने से मना किया है.

    वहीं इराकी पारा मिलिट्री ग्रुप ने बताया है कि शुक्रवार को बगदाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर तीन रॉकेट्स के जरिए हवाई हमले हुए. इसमें इराकी पारामिलिट्री फोर्स के 5 जवानों और दो मेहमानों की मौत हो गई.
    बताया जा रहा है कि अमेरिकी रॉकेट्स एयर कार्गो टर्मिनल के पास गिरे. इसकी वजह से दो गाड़ियों में आग लग गई. इस हमले में कई लोग जख्मी भी हुए हैं.

    कौन था इराकी मेजर जनरल कासिम सुलेमानी

    कासिम सुलेमानी ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के विदेशी आर्मी के प्रमुख थे. सीरिया और इराक की जंग में इनकी अहम भूमिका थी. ईरान के साथ वो सीरिया और इराक में भी खासे लोकप्रिय थे.

    who was iran major general qassim soleimani killed in us airstrike in iraq
    कहा जा रहा है कि सुलेमानी का काफिला बगदाद एयरपोर्ट की ओर बढ़ रहा था, तभी अमेरिका ने हवाई हमला कर दिया


    कासिम सुलेमानी की खाड़ी के देशों में ईरान का असरदार नजरिया रखने और उन देशों को ईरान से प्रभावित करने में बड़ी भूमिका थी. इस वजह से वो अमेरिका, इजरायल, सऊदी अरब और तेहरान के स्थानीय दुश्मनों के निशाने पर थे. अमेरिका लगातार इनपर नजर बनाए हुए था.

    कासिम सुलेमानी 2018 में उस वक्त सुर्खियों में आ गया था, जब उसने ऐलान किया था कि इराक की सरकार बनवाने में उसकी प्रत्यक्ष भूमिका है. सुलेमानी बगदाद आता-जाता रहता था, पिछले महीने भी वो यहां आया था, जब यहां सरकार बनाने की दिशा में पार्टियां लगी हुई थीं.

    पिछले दिनों कासिम सुलेमानी इरान में एक सेलिब्रिटी की तरह पॉपुलर हो चुका था. इंस्टाग्राम पर उसकी बड़ी फैन फॉलोइंग थी. उसके फैंस तब से बढ़ने शुरू हो गए, जब उसने 2013 में सीरिया के संघर्ष में ईरान की भूमिका स्वीकार की और सीरिया में संघर्ष की तस्वीरें और डॉक्यूमेंट्री इंस्टाग्राम पर पोस्ट करनी शुरू कर दी. कासिम सुलेमानी को म्यूजिक वीडियो और एनिमेटेड फिल्मों में भी दिखाया गया.

    कासिम सुलेमानी अपने दोस्तों के साथ दुश्मनों में भी खासा लोकप्रिय था. इरान के आसपास के देशों में अपना प्रभाव जमाने में कासिम सुलेमानी की अहम भूमिका थी. जिहादी ताकतों से जंग के साथ इराक और सीरिया के साथ बेहतर राजनयिक संबंधों में कासिम सुलेमानी ने बड़ा रोल निभाया था. सीआईए के एक पूर्व अधिकारी ने उसे इरान का जेम्स बॉन्ड कहा था.

    सीआईए के मुताबिक कासिम सुलेमानी पश्चिमी देशों में इस्लामिक क्रांति लाने में जुटा था, वो आतंकियों का समर्थन कर रहा था और पश्चिमी देशों की सरकारों को अस्थिर करने की कोशिशों में लगा था. ईरान के लोग उसे पसंद करते थे. वो चाहते थे कि सुलेमानी देश की राजनीति में हिस्सा ले. हालांकि उसने इस बात का खंडन किया था कि वो ईरान का राष्ट्रपति बनने की रेस में है.

    2018 में ईरान के लोकप्रिय नेताओं को लेकर एक सर्वे हुआ था. इस सर्वे में कासिम सुलेमानी को लोगों ने 83 फीसदी वोट दिए थे. सुलेमानी ने राष्ट्रपति हसन रोहानी और विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जरीफ को भी पीछे छोड़ दिया था.

    पिछले दो दशकों में कासिम सुलेमानी पर कई जानलेवा हमले हुए हैं. इन हमलों के पीछे भी अमेरिका और पश्चिमी देशों का हाथ बताया गया था. कासिम सुलेमानी अमेरिका के साथ पश्चिमी देश और इजरायल की खुफिया एजेंसियों के राडार पर थे.

    कासिम सुलेमानी के पास क्या थी जिम्मेदारी
    कासिम सुलेमानी ईरान की विदेशी आर्मी के प्रमुख था. उनके पास ईरान की सीमा के बाहर ऑपरेशन की जिम्मेदारी थी. वो ईरान के हितों को देखते हुए विदेशों में ऑपरेशन चलाते थे.

    2011 के सिविल वार में जब वो हार के करीब थे तो उन्होंने सीरिया के राष्ट्रपति बशर-अल-असद का समर्थन किया था. कासिम सुलेमानी ने इराक के विद्रोही गुटों की भी मदद की थी.

    who was iran major general qassim soleimani killed in us airstrike in iraq
    इरान की सेना


    कासिम सुलेमानी साल 1998 में इरान की कुद्स फोर्स के प्रमुख बने थे. उन्होंने हमेशा अपनी पोजिशन लो प्रोफाइल बनाए रखी. अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने ईरानी सेना को मजबूत किया. कासिम सुलेमानी ने लेबनान के हिजबुल्ला, सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद की सरकार और इराक में शिया मिलिशिया ग्रुप के साथ अच्छे संबंध बना रखे थे.

    कासिम सुलेमानी की मौत के बाद अब क्या होगा?
    अमेरिकी हवाई हमले में कासिम सुलेमानी के मारे जाने के बाद अब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ेगा. अमेरिका ने इसको लेकर चेतावनी भी जारी कर दी है. अमेरिका ने पाकिस्तान के एयर रूट को लेकर चेतावनी जारी की है कि इस रूट की हवाई उड़ानों को आंतकवादी निशाना बना सकते हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कासिम सुलेमानी के मारे जाने पर अमेरिकी झंडे को ट्वीट किया है. इसे अमेरिका के लिए बिग न्यूज बताया जा रहा है.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.