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क्यों जल रहा है ईरान? आखिर कुछ ही घंटों में कैसे मारे गए 200 से ज्यादा युवा

Sanjay Srivastava | News18Hindi
Updated: November 20, 2019, 9:11 PM IST
क्यों जल रहा है ईरान? आखिर कुछ ही घंटों में कैसे मारे गए 200 से ज्यादा युवा
समूचे ईरान में सड़कों पर उतरी नाराज जनता पर फायरिंग कर रहे हैं ईरानी रेवोल्यूशनरी गार्ड्स

ईरान में बहुत दिनों से गुस्सा अंदर ही अंदर फैल रहा था. इसके बाद भी जब हुक्मरानों ने एक झटके में तेल की कीमतों में 50 फीसदी की बढोतरी कर दी तो हालात बेकाबू हो गए. पूरा ईरान अब सड़कों पर उतरा हुआ है

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  • Last Updated: November 20, 2019, 9:11 PM IST
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नई दिल्ली.  ईरान (Iran) में गुस्से की लहर है. शहर हो या कस्बा-समूचा ईरान सड़कों पर उतर आया है. विरोध प्रदर्शन जारी हैं. आगजनी हो रही है, बैंकों और दुकानों को लूटा जा रहा है. पूरा देश जल रहा है. एक दिन देश के 21 शहरों में चल रहे उग्र प्रदर्शन कर रहे लोगों पर ईरान के सुरक्षा बलों (Revolutionary guards corps of Iran) ने फायरिंग की, जिसमें करीब 200 ज्यादा युवाओं के मारे जाने की ख़बरें है. हालांकि ईरान ने इससे इनकार किया है लेकिन एमनेस्टी इंटरनेशनल (Rights group Amnesty International) का दावा है कि मरने वाले और ज्यादा हो सकते हैं.

ईरान इस समय तीन ओर से संघर्ष झेल रहा था लेकिन ये असंतोष उनकी परेशानियों में और इजाफा करने वाला है. अमेरिका (America) ने अगर वर्ष 2015 में ईरान पर आर्थिक प्रतिबंधों की घोषणा कर दी थी तो दूसरी ओर खाड़ी देश उसके खिलाफ होते जा रहे हैं. तीसरा खाड़ी में तनाव का माहौल है. अमेरिकी समुद्री सैन्य बेड़ा वहां ईरान से निपटने के लिए आकर खड़ा हो गया है. ईरान की सबसे बड़ी समस्या आर्थिक हालात हैं, जो लगातार मुश्किल भरे होते जा रहे हैं.

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ताजातरीन संकट पांच दिन पहले ईरान में तेल के दामों में 50 फीसदी की बढ़ोत्तरी और इसकी राशनिंग से उभरा है. इसने एक झटके में पूरे देश में गुस्से की लहर पैदा कर दी है. लोग पांच दिनों से घर से बाहर निकल कर सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं. ये प्रदर्शन लगातार उग्र होते जा रहे हैं. आखिर क्या वजह है कि अमेरिका की आंख में आंख डालकर बात करने वाले ईरान के लिए ये प्रदर्शन ज्यादा बड़ा संकट लेकर आए हैं.

दरअसल आर्थिक हालातों के चलते पिछले दो सालों से ईरान में महंगाई बढ़ती जा रही थी. उससे मुद्रास्फीति इस कदर तेजी से बढ़ रही थी कि देशवासी हिले हुए हैं. खाने से लेकर दवाइयां तक महंगी हो चुकी हैं. बहुत ढेर सारे रोजमर्रा के सामान तो लोगों की जेब के बाहर ही हो गए हैं.



ईरान में नौकरियां जा रही हैं, आर्थिक बदहाली है
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अमेरिकी प्रतिबंधों पर आर्थिक तौर पर चरमराते ईरान में इस हालात में लोगों की नौकरियां जा रही हैं. बिजनेस बंद हो रहे हैं. अवसर कम हो रहे हैं. लिहाजा लोगों को अपनी बचत को निकालकर काम चलाना पड़ रहा है और अब वो भी खत्म रही है.

ऐसे में तेल के दामों में इतनी भारी बढोतरी ने अंदर ही अंदर पल रहे असंतोष को ज्वालामुखी की तरह बाहर ला दिया है. जनता को लग रहा है कि पहले से मुश्किल झेल रही उसकी जेब पर ये एक और तगड़ी मार है. सरकार का कहना है कि उसने तेल के दाम इसलिए बढ़ाएं हैं ताकि देश में गरीबों की मदद के लिए फंड बनाया जा सके.

तेल के दाम बढ़ने से भड़के लोग
जनता सरकार के इस तर्क से संतुष्ट नहीं है. क्योंकि उसे लग रहा है कि तेल के दाम बढ़ने से उसकी रोजमर्रा की जिंदगी में मुश्किलें और ज्यादा बढ़ने वाली हैं. महंगाई पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा. जब जनता की पेट्रोल के दाम कम करने की अपील सरकार ने दो टूक शब्दों में खारिज कर दी तो फिर उनके सामने सड़कों पर उतरने के अलावा कोई और रास्ता बाकी नहीं बचा.

ईरान में पिछले दो तीन सालों से लगातार आर्थिक हालात आम आदमी के लिए खराब हो रहे हैं लेकिन अब स्थितियां बदतर हो गई हैं. ऐसे में तेल के दामों में बड़ी बढ़ोत्तरी ने जनता के गुस्से को भड़का दिया


तेल के दामों में 50 फीसदी बढ़ोत्तरी को ईरान के सर्वोच्च धार्मिक गुरु अयातुल्लाह खामनैनी, प्रधानमंत्री हसन रुहानी, न्यायिक प्रमुख इब्राहिम रैसी और संसद के स्पीकर अली लारीजानी की इकोनॉमिक क्वारिडिनेशन की सुप्रीम काउंसिल की मंजूरी हासिल है. इन सभी ने मूल्य वृद्धि को वापस लेने से इनकार कर दिया.

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स्तब्ध करने वाली एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट 
एमनेस्टी इंटरनेशनल की ये रिपोर्ट स्तब्ध करने वाली है कि पांचवें दिन के विरोध प्रदर्शन पर ईरान की सेना ने एक दो नहीं बल्कि 21 जिलों में कड़ाई से काम लिया. उन्होंने नाराज भीड़ पर फायरिंग की, इसमें करीब 200 लोग मारे गए. हालांकि ईरान का कहना है कि केवल तीन मारे गए हैं और वो भी उसके सैनिक. एमनेस्टी इंटरनेशनल का कहना है कि उसकी रिपोर्ट पुख्ता और प्रत्यक्षदर्शियों के साथ आसपास के इलाकों के पत्रकारों पर आधारित है.

ईरान में हर शहर और कस्बे में इस समय विरोध प्रदर्शन जारी है. सरकार के मूल्य वृद्धि वापस नही लिए जाने की बात हालात और खराब कर दिए हैं


मारे गए लोगों में युवा ज्यादा
चूंकि इन प्रदर्शनों में युवा ही शिरकत रहे हैं लिहाजा मारे गए लोगों में युवा ही शामिल हैं. ईरान में आमतौर पर ऐसे प्रदर्शन में मारे गए लोगों के शव सेना खुद ले जाती है. उसे उनके घरवालों को नहीं दिया जाता और ना ही उनका पोस्टमार्टम होता है. यहां तक संयुक्त राष्ट्र को एक बयान में कहना पड़ा है कि ईरान प्रदर्शनकारियों के साथ शांति से निपटे, क्योंकि प्रदर्शनकारियों को भी अपनी आवाज उठाने का मूलभूत अधिकार हक है.

ईरान के नेताओं ने एक झटके में तेल के दामों में काफी बढोतरी तो कर दी लेकिन ये फैसला अब उन पर बहुत भारी बैठ रहा है


क्या है अब ईरान में तेल के दाम
ईरान में तेल के ताजातरीन दाम बढ़ने के बाद से तेलों के दाम 15,000 ईरान रियाल प्रति लीटर हो गया है. सरकार द्वारा की गई राशनिंग के तहत अब देश में कोई भी अपने प्राइवेट वाहन के लिए 60 लीटर से ज्यादा तेल का इस्तेमाल नहीं कर सकता.

ईरान ने तेल के दामों में एक झटके में 50 फीसदी की बढोतरी तो की ही साथ ही तेल के इस्तेमाल पर राशनिंग भी कर डाली


कोटे से ज्यादा तेल पर उससे प्रति लीटर 30,000 रियाल प्रति लीटर की दर से दाम वसूला जाएगा. हालांकि ये रेट भी ईरान के लिहाज से अभी कोई ज्यादा नहीं कहे जा रहे हैं. लेकिन देशभर में लोगों ने अपने वाहन सड़क किनारे खड़े कर दिये हैं.

ईरानी रियाल बहुत बुरे हाल में 
हालांकि ईरान दुनिया में तेल का चौथा बड़ा उत्पादक देश है लेकिन अब अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते इंटरनेशनल मार्केट में उसके तेल की बिक्री काफी गिर गई है. मुद्रास्फीति और महंगाई के चलते डॉलर की तुलना में ईरान रियाल बहुत गिर गया है. फिलहाल डॉलर की तुलना में ईरान रियाल रिकॉर्ड तौर पर नीचे गिर चुका है.

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का कहना है कि ईरान की इकोनॉमी पहले ही संकट के हाल में पहुंच चुकी है. अमेरिकी प्रतिबंध जारी रहने हालत और खराब होगी.

रोजमर्रा की चीजों के दाम 
रेस्टोरेंट में साधारण भोजन (एक व्यक्ति)     -         330 रुपए 
दो लोगों के लिए मिड रेंज रेस्टोरेंट में खाना  -        1250 रुपए 
कैपेचिनो कॉफी -                                                  140 रुपए 
दूध                                                               - 60 रुपए लीटर 
चावल (एक किलो)                                             - 210 रुपए
अंडे एक दर्जन                                                   - 120 रुपए 
टमाटर (एक किलो)                                            -60 रुपए
प्याज (एक किलो)                                              - 50 रुपए  
(दामों के स्रोत - https://www.numbeo.com/cost-of-living/country_result.jsp?country=Iran)

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First published: November 20, 2019, 8:59 PM IST
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