• Home
  • »
  • News
  • »
  • knowledge
  • »
  • WHY BANGLADESH IS GIVING REBATE ON TAX TO COMPANIES FOR HIRING TRANSGENDER MRJ

जानिए, क्यों ट्रांसजेंडर्स पर जमकर मेहरबान हो रही हैं Bangladesh की कंपनियां

बांग्लादेश में 2 लाख से ज्यादा ट्रांसजेंडर हैं- सांकेतिक फोटो (Photo- news18 English via Reuters)

बांग्लादेश में स्थानीय कंपनियां ट्रांसजेंडरों (transgenders in Bangladesh) को बेहिचक अपने यहां काम पर रख रही हैं. जबकि पहले वे भेदभाव के कारण भीख मांगने या सेक्स ट्रेड में जाने को मजबूर थे.

  • Share this:
    पड़ोसी देश बांग्लादेश की GDP में तेजी से बढ़त दिख रही है, साथ ही साथ वहां कई दूसरे सामाजिक बदलाव भी आए हैं. जैसे हाल ही में वहां कंपनियां धड़ाधड़ ट्रांसजेंडरों की नियुक्तियां कर रही हैं, जबकि पहले समाज का ये तबका लगभग अपेक्षित था. इसके पीछे बांग्लादेशी सरकार का नया एलान माना जा रहा है.

    इस एलान ने खोले ट्रांसजेंडरों के लिए रास्ते
    को बांग्लादेश के वित्तमंत्री एएचएम मुस्तफा कलाम ने हाल ही में ट्रांसजेंडरों से जुड़ा एक एलान किया. इसके तहत अगर कोई कंपनी अपने यहां कुल वर्कफोर्स में 10 प्रतिशत ट्रांसजेंडरों को काम पर रखती है तो उसे टैक्स में सीधे 5 प्रतिशत की छूट मिलेगी या फिर ट्रांसजेंडरों की सैलेरी का लगभग 75 प्रतिशत सरकारी खाते से आएगा.

    फायदे के लिए कंपनियां कर रही नियुक्तियां 
    ये एक बड़ा फैसला है जो कंपनियों को भारी आर्थिक फायदा दे सकता है. यही कारण है कि वहां की स्थानीय कंपनियों में एकाएक ट्रांसजेंडर बढ़े हैं, जबकि पहले उनकी संख्या काफी कम थी. वैसे बांग्लादेश में 2 लाख से ज्यादा ट्रांसजेंडर हैं, यानी वे लोग हैं, जो खुद को इस पहचान में रखते हैं. वैसे सरकार के मुताबिक उनके यहां केवल 10 हजार ट्रांस ही हैं. मीडिया संस्थान अलजजीरा की एक रिपोर्ट में इस डाटा का जिक्र है.

    Bangladesh Transgender
    बांग्लादेश में ट्रांसजेंडरों की स्थिति में तेजी से सुधार आता दिख रहा है- सांकेतिक फोटो (pixabay)


    गैरकानूनी काम करने पर मजबूर रहा ये तबका
    जैसा कि ज्यादातर पिछड़े देशों में हो रहा है, ट्रांसजेंडर यहां पर भी सामाजिक अलगाव झेलते आए. उन्हें पढ़ाई या नौकरी में भेदभाव का सामना करना पड़ता है. यही कारण है कि बड़ी संख्या में ये लोग भीख मांगने और कई तरह के गैरकानूनी काम करने पर मजबूर हैं. घर में ही भेदभाव के कारण बहुतेरे ट्रांस कम उम्र में घर छोड़कर भागते और सेक्स ट्रेड में फंस जाते हैं.

    ये भी पढ़ें: क्या सालों से खाली पड़े Japan के PM आवास में आत्माएं बसती हैं?

    साल 2013 में इस देश में ट्रांसजेंडरों को थर्ड जेंडर की कानूनी मान्यता मिली. इसके बाद से ही बदलावों का जिक्र होने लगा. अब सरकार ने उन्हें मुख्यधारा में लाने का फैसला किया, जिसके तहत कंपनियों को छूट का एलान हुआ. ये नियम साल 2021-22 के लागू हो रहा है.

    ये भी पढ़ें: Explained: क्या 5G तकनीक दुनिया में तबाही ला सकती है?

    बजट में ट्रांसजेंडरों पर बात 
    ट्रांसजेंडरों को बेहतर काम और जीवन मिलने के लिए बने इस नियम का जिक्र वित्तमंत्री कलाम ने आर्थिक बजट पेश करते हुए किया. बता दें कि बांग्लादेश में इस फाइनेंशियल ईयर के लिए लगभग 71 बिलियन डॉलर के बजट की पेशकश हुई है, जो कि जुलाई से चालू होगी. इसके अलावा वहां की सरकार ने एक ऐसा कार्यक्रम भी शुरू किया जिसमें ट्रांसजेंडरों को अलग-अलग तरह की ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि उन्हें काम मिल सके.

    Bangladesh Transgender
    पहली ट्रांसजेंडर न्यूज एंकर तश्नुआ आनन शिशिर (Photo- news18 English via AFP)


    इसी साल आई पहली ट्रांस न्यूज एंकर 
    वैसे बांग्लादेश में ट्रांसजेंडरों की स्थिति बेहतर होती दिख रही है. इसी साल मार्च में वहां पहली ट्रांसजेंडर न्यूज एंकर आई. 29 वर्षीय तश्नुआ ने न्यूज पढ़ने के बाद अपनी आपबीती सुनाते हुए दुनिया को हैरान कर दिया था. उन्होंने बताया था कि अपनी पहचान को सामने लाने के लिए जिंदगी के बेहतरीन साल उन्होंने संघर्ष में बिताए और लगातार यौन हिंसा का सामना किया.

    ये भी पढ़ें: Explained: क्या है China का रेड टूरिज्म, क्यों इसे खतरनाक माना जा रहा है?

    बाद में हॉर्मोन थैरेपी के बाद तश्नुआ ने पब्लिक हेल्‍थ में मास्‍टर डिग्री हासिल की और देश की पहली ट्रांस बनीं, जिसने ऐसी कोई डिग्री ली. आगे चलकर उन्हें समाचार पढ़ने में दिलचस्पी हुई. पहले तो वे सारे ही ऑडिशन में रिजेक्ट होती रहीं लेकिन फिर साफ उच्चारण और धाराप्रवाह बोल सकने के कारण वे न्यूज एंकर के तौर पर चुनी गईं.

    बांग्लादेश की इकनॉमी तेजी से सुधर रही है 
    खासकर अगर पाकिस्तान से तुलना करें तो सत्तर के दशक में पाकिस्तान, बांग्लादेश से लगभग 70 प्रतिशत अमीर था लेकिन अब बांग्लादेश उससे 45 प्रतिशत ज्यादा रईस हो चुका है. ये विकास उन तमाम मुसीबतों के बाद है, जो आजादी से बाद से बांग्लादेश झेलता आ रहा है. बांग्लादेश की तेजी से बढ़त का श्रेय वहां के गारमेंट बिजनेस और विदेशों में रहने वाले बांग्लादेशियों को दिया जाता रहा, जो विदेशी मुद्रा से देश को फायदा दे रहे हैं. हालांकि ये भी सच है कि बांग्लादेश अभी विकासशील देशों में है यानी विकास में घट-बढ़ की काफी गुंजाइश शामिल है.