पश्चिम बंगाल में क्यों सबसे लंबे 08 चरणों में होने जा रहे हैं विधानसभा चुनाव

पश्चिम बंगाल में चुनाव इस बार सबसे ज्यादा लंबे समय में होने जा रहे हैं.

पश्चिम बंगाल में चुनाव इस बार सबसे ज्यादा लंबे समय में होने जा रहे हैं.

बंगाल में विधानसभा के चुनाव इस बार उसके चुनावी इतिहास में सबसे लंबे होने जा रहे हैं. वहां 08 चरणों में इस बार अलग अलग इलाकों में वोट पड़ेंगे. आखिर क्या वजह है कि चुनाव आयोग को इस बार ऐसा करना पड़ रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 26, 2021, 6:33 PM IST
  • Share this:
भारतीय चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में इस बार के विधानसभा चुनाव 08 चरणों में कराने की घोषणा की है. पिछली बार बंगाल में विधानसभा के चुनाव 06 चरणों में हुए थे तो दो साल पहले लोकसभा के चुनाव 07 चरणों में. आखिर क्या वजह है कि देश के इस राज्य में चुनाव इतने लंबे और कई चरणों में होते हैं.

मुख्य तौर पर चुनाव आयोग इसकी वजह चुनाव में तैनात की जाने वाली सुरक्षा कंपनियों को एक जिले से दूसरे जिले में तैनात करने में लगने वाला समय, कानून-व्यवस्था की स्थिति और राज्य में चुनावों के दौरान होती रही हिंसा को बताता है.

पश्चिम बंगाल में 294 सीटों के लिए चुनाव होने हैं. मुख्य मुकाबला आमतौर पर सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच ही माना जा रहा है. चुनावों से पहले ही राज्य में माहौल गर्म है. कहीं कहीं से हिंसा की खबरें भी मिल रही हैं. वैसे बंगाल देश का ऐसा राज्य भी है, जहां चुनाव के दौरान सबसे ज्यादा हिंसा होती है.



हालांकि राज्य के सत्तारूढ़ दल और अन्य सियासी पार्टियों ने हमेशा आरोप लगाया है कि ऐसा केंद्र के इशारे पर हो रहा है ताकि चुनावों में राज्य के सत्तारूढ़ दल पर भरपूर दबाव बनाया जा सके. हालांकि पार्टियों का ये आरोप है कि लंबे चुनाव हमेशा मतदाताओं के लिए परेशानी का सबब बनते हैं.
क्या इसकी वजह बंगाल में चुनावी हिंसा है
दो साल पहले लोकसभा चुनावों के दौरान अगर बंगाल में हिंसा की घटनाएं हुईं थीं तो उसके बाद से ही बीजेपी लगातार बंगाल की तृणमूल कांग्रेस पर हिंसा को बढ़ावा देने का आरोप लगाती रही है. वर्ष 2018 में पंचायत चुनावों में भी बड़े पैमाने पर संघर्ष और हिंसा हुई थी. कहा जाता है राज्य में 70 के दशक में पंचायती राज व्यवस्था के लागू होने के बाद से ये चुनाव सर्वाधिक हिंसक रहा.

शांतिपूर्ण चुनावों के लिए क्या सही है आयोग का तर्क
वैसे ये बात सही है कि बंगाल में अगर चुनावों को शांतिपूर्ण तरीके से कराना है और उस पर चुनाव आयोग का नियंत्रण बना रहे तो ये तर्क सही लगता है कि बंगाल बड़े क्षेत्रफल वाला राज्य है. जिसमें चुनाव की व्यवस्था करने के लिए काफी बडे़ इंतजाम करने पड़ते हैं. लिहाजा चुनाव को 08 चरणों में कराया जा रहा होगा.

बंगाल का अब तक का सबसे लंबा चुनाव
हालांकि ये दिलचस्प है कि पिछले पांच सालों में बंगाल में चुनाव के चरण बढ़ते ही जा रहे हैं. इतने चरण में चुनाव तो अब तक देश के किसी राज्य में शायद नहीं हुए हैं. ये पहला मौका होगा जबकि किसी राज्य में 08 चरणों में चुनाव के दौरान मतदान होंगे.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज