बेंगलुरु में ऐसा क्या है जो ये रहने के लिहाज से बना सबसे शानदार शहर?

बेंगलुरु को रहने के लिए देश का सबसे शानदार शहर माना गया (Photo- pixabay)

बेंगलुरु को रहने के लिए देश का सबसे शानदार शहर माना गया (Photo- pixabay)

नब्बे के दशक तक बेंगलुरु शहर उत्तर भारतीयों के लिए सैर-सपाटे की जगह हुआ करता था, हालांकि अब ये शहर देशभर के युवाओं के लिए रहने की सबसे बढ़िया जगह के तौर पर सामने आया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 5, 2021, 11:50 AM IST
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आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (Ministry of Housing & Urban Affairs) ने हाल ही में उन शहरों की सूची बताई, जो रहने के लिहाज से सबसे बढ़िया हैं. इसके लिए 111 शहरों में छंटनी हुई और फिर जीवन सुगमता सूचकांक (Ease of Living Index) के आधार पर उन्हें क्रम दिया गया. इसमें बेंगलुरु को रहने के लिए देश का सबसे शानदार शहर माना गया. वैसे बेंगलुरु का नाम अक्सर ऐसी वजहों से चर्चा में रहता है. तो आखिर इस शहर में ऐसा क्या है, जो रहने वालों को इतना पसंद आता है? यहां समझिए.

कर्नाटक की राजधानी पहले उत्तर भारतीय लोगों को घूमने-फिरने के लिहाज से पसंद थी लेकिन धीरे-धीरे ये सिलिकॉन सिटी की तरह विकसित हुई और अब यहां के स्थानीय लोगों के अलावा बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों और खासकर उत्तर भारत से लोग यहां रह रहे हैं. खानपान अलग होने के बाद भी उत्तर भारतीयों को इससे शिकायत नहीं, बल्कि वे देशभर के दूसरे बड़े शहरों की बजाए बेंगलुरु को रहने के लिए प्राथमिकता दे रहे हैं. इसके पीछे कई कारण हैं.

bengaluru ease of living index 2020
एक्सट्रीम मौसम झेलकर आए दूसरे राज्य के लोगों को बेंगलुरु काफी पसंद आता है (Photo- pixabay)




बेंगलुरु के लिविंग इंडेक्स में सबसे ऊपर होने की एक वजह तो प्राकृतिक है. दरअसल इस शहर का मौसम हमेशा शानदार रहता है. यहां न तो ज्यादा गर्मी होती है और न ही ज्यादा ठंड, बल्कि सालभर यहां शाम होते हुए हवा हल्की ठंडी हो जाती है. साथ ही यहां शायद ही कभी चिपचिपाहट-भरा मौसम मिलता हो. ऐसे में एक्सट्रीम मौसम झेलकर आए दूसरे राज्यों के लोगों को ये शहर काफी पसंद आ जाता है.
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बेंगलुरु की जीवनशैली दूसरे मेट्रोज के मुकाबले काफी सस्ती लेकिन आरामदेह है. यहां घर लेने के लिए दिल्ली-मुंबई की तरह भारी किराया नहीं देना पड़ता. हां, ये बात जरूर है कि किराए पर घर लेते हुए मकान-मालिक कई तरह की शर्तें रख सकते हैं ताकि आसपास रहने वालों को कोई असुविधा न हो. इसके अलावा एकमुश्त रकम ली जाती है, जिसे सिक्योरिटी अमाउंट कहते हैं. आमतौर पर ये पैसे घर खाली करते हुए वापस हो जाते हैं. इसके अलावा खाने-पीने और जरूरत की दूसरी चीजें भी यहां कम कीमत पर उपलब्ध हैं.

bengaluru ease of living index 2020
यहां पर्यावरण के लिए जागरुकता भी कई बड़े शहरों के मुकाबले ज्यादा दिखती है (Photo- pixabay)


एक और वजह भी आर्थिक है. बेंगलुरु के सिलिकॉन सिटी की तरह विकसित होने के बाद से यहां रोजगार के मौके बढ़े. आईटी के अलावा मैकुफेक्चरिंग में भी यहां निजी के अलावा सरकारी कंपनियों ने भी काफी निवेश किया. अगर आपमें प्रतिभा और अनुभव है तो यहां मनचाहे पैसे मिल पाते हैं. ये भी इस शहर की ओर युवाओं को आकर्षित कर रहा है.

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इसके अलावा बेंगलुरु मेट्रो होने के बाद भी दूसरी राजधानियों से एकदम अलग है. यहां परंपरा और आधुनिकता का अनोखा मेल दिखता है. इसके लिए आपको शहर के एक से दूसरा कोना नापने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि एक कॉलोनी में ही ये संगम दिख जाता है. तो बाहर से आने वालों के लिए ये काफी सुविधाजनक होता है.

bengaluru ease of living index 2020
छोटे और कम आबादी वाले शहरों में शिमला ने बाजी मार ली (Photo- pixabay)


केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने लिविंग इंडेक्स में जो 111 शहर लिए थे, उनमें महानगरों में सबसे ऊपर बेंगलुरु रहा. इसके बाद पुणे दूसरे और अहमदाबाद तीसरे स्थान पर रहा. वहीं छोटे और कम आबादी वाले शहरों में शिमला ने बाजी मार ली. बता दें कि इसमें शहरों की आबादी के मुताबिक भी सूची तैयार की गई थी, जिसमें कम आबादी वाले शहरों में शिमला के बाद दूसरे नंबर पर भुवनेश्वर दूसरे और सिलवासा तीसरे स्थान पर रहा.

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शहरों की आबोहवा, सफाई और व्यापार से लेकर हर नागरिक की जागरुकता के आधार यह रैंकिंग जारी की गई थी. इस दौरान पर्यावरण की स्वच्छता और सड़कों का भी ध्यान रखा गया. सूची के लिए स्टडी करने का उद्देश्य नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता को जांचना और बेहतर करने के लिए प्रेरित करना रहा.
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