ट्रंप पर आई इस किताब से क्यों बरपा है हंगामा

अमेरिका के भरोसेमंद पत्रकार बॉब वुडवर्ड की किताब सुपरहिट किताबों में शुमार हो चुकी हैं, दस लाख कापियां प्रिंट की जा रही हैं

Sanjay Srivastava | News18Hindi
Updated: September 12, 2018, 2:13 PM IST
ट्रंप पर आई इस किताब से क्यों बरपा है हंगामा
अमेरिका के भरोसेमंद पत्रकार बॉब वुडवर्ड की किताब सुपरहिट किताबों में शुमार हो चुकी हैं, दस लाख कापियां प्रिंट की जा रही हैं
Sanjay Srivastava | News18Hindi
Updated: September 12, 2018, 2:13 PM IST
जाने माने अमेरिकी खोजी पत्रकार बॉब वुडवर्ड की नई किताब "फीयरः ट्रंप इन द व्हाइट हाउस " ने रिलीज होते ही अमेरिकी में बिक्री के तमाम रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. किताब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अजीबोगरीब व्यावहार के बारे में बताती है. दावा करती है कि उनके बहुत से सहयोगी उनके आदेशों से डरे रहते हैं और कोशिश करते हैं कि किस तरह उनके तमाम विध्वंसकारी आदेशों को टाला जा सके या उसके उलट काम किया जा सके.
इस किताब में जो भी बातें हैं, वो कभी इतने विस्तार से नहीं कही गईं. किताब कहती है, ट्रंप चाहते थे कि सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद की हत्या कर दी जाए. उन्होंने ऐसा ट्वीट भेजने का प्रस्ताव रखा, जिसमें उत्तर कोरिया के खिलाफ अपनी सेना को सतर्क करने संबंधी आदेश देना था. ये किताब वाशिंगटन पोस्ट के रिपोर्टर का बड़ा धमाका है. उन्होंने अपने सूत्रों के जरिए जो बातें कहलवायी हैं, वो हिला देने वाली हैं.

व्हाइट हाउस के अधिकारियों के चेहरों पर घबराहट
किताब कहती है कि व्हाइट हाउस से जुड़े अधिकारियों के चेहरों पर हमेशा घबराहट पढी जा सकती है. हालांकि ट्रंप ने इन दावों को झूठा बताया. उनका कहना है कि ये सारे बातें लोगों को बरगलाने के लिए लिखी हैं.

ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने कभी रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों से वो चर्चा ही नहीं कि जिसका उल्लेख किताब में है. डिफेंस सेक्रेटरी जेम्स मैटिस ने भी किताब के दावों को ख़ारिज किया. किताब में कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के हवाले से कहा गया कि उन्होंने कई संवेदशील काग़ज़ात ट्रंप से केवल इसलिए छिपाकर रखे ताकि कहीं वो उन पर दस्तख़त न कर दें. किताब में लिखा है कि वरिष्ठ अधिकारियों ने ट्रंप को 'झूठा' और बेवकूफ़ कहा था.

किताब में लिखा है कि व्हाइट हाउस अधिकारियों के चेहरों की हवा आमतौर पर उड़ी रहती है और कई बार अजीब हालत में आ जाते हैं


कौन है लेखक
Loading...
वुडवर्ड एक बेहद प्रतिष्ठित पत्रकार हैं. उन्होंने 1970 के दशक में वॉटरगेट स्कैम में राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन की भूमिका सामने लाने में बड़ी भूमिका निभाई थी.
सबसे पहले इस किताब के कुछ अंश वॉशिंगटन टाइम्स में प्रकाशित हुए. अगले दिन न्यूयॉर्क टाइम्स में इस विषय पर व्हाइट हाउस के एक अज्ञात वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से एक लेख छपा. लेख में अधिकारी ने कहा है कि प्रशासन की समस्याओं की जड़ राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की अनैतिकता है.

कैसे चल रहा है व्हाइट हाउस में कामकाज
बॉब वुडवर्ड किताब में मिली सूचनाओं का सोर्स बताने से कतई मना करते हैं. उनकी किताब का हर अध्याय पर्याप्त विवरण से युक्त है. किताब बताती है कि व्हाइट हाउस में अंदरूनी कामकाज कैसे चल रहा है.
वो ये भी बताती है कि हर बात पर पर्दे के पीछे ट्रंप की सहयोगियों से टकराहट चलती रहती है. वुडवर्ड का दावा है कि इस किताब में लिखी हर बात सही है. ये बात उन्हें कई सूत्रों और गहरी बातचीत से हासिल हुई. एक बड़े सोर्स ने तो खुद ब खुद उनसे संपर्क कर ट्रंप के दृष्टिकोण और प्राथमिकताओं के बारे में बताया.

फीवर बुक लिखने वाले बॉब वुडवर्ड अमेरिका के भरोसेमंद जर्नलिस्ट हैं. उन्हें देश में गंभीरता से लिया जाता है


वुडवर्ड की अमेरिका में विश्वसनीयता जबरदस्त 
बॉब वुडवर्ड की अमेरिकियों में इस कदर विश्वसनीयता और ख्याति है कि माना जाता है कि वो जो कहेंगे और लिखेंगे, उसका कोई आधार होगा. जब निक्सन के राष्ट्रपति रहने के दौरान उन्होंने वाटरगेट कांड का खुलासा किया तो पहले तो निक्सन प्रशासन ने लीपापोती की कोशिश की. आखिरकार निक्सन को पद से इस्तीफा देना पड़ा. इस मामने ने वुडवर्ड को अमेरिका का सबसे प्रसिद्ध रिपोर्टर बना दिया.

बंद दरवाजे के पीछे क्या हो रहा है
इसके बाद वो दशकों से वाशिंगटन में अपने संपर्कों के जरिए रिपोर्टिंग करते रहे हैं, उन्होंने अमेरिकी सरकार के शीर्ष स्तर को लेकर कई किताबें लिखीं हैं. उनकी पिछली राजनीतिक किताबों में सुप्रीम कोर्ट, फेडरल रिजर्व और पूर्व राष्ट्रपति के कार्यकालों को कवर किया गया है. उनकी किताबें पाठकों को अक्सर बंद दरवाजों के पीछे होने वाली बातों को सामने लाती रही हैं. इस सबके लिए वुडवर्ड को हमेशा से सरकार के शीर्ष स्तरीय अधिकारियों का सहयोग भी मिलता रहा है.

किताब को नापंसद भी कर सकते हैं कुछ लोग
हो सकता है कि बॉब वुडवर्ड की इस किताब को कुछ लोग नापसंद करें - क्योंकि वुडवर्ड ने ये किताब केवल कुछ लोगों के विचार, अनुभव और दृष्टिकोण के आधार पर लिखी है. जिसमें आमतौर उनके पूर्वाग्रह भी आए ही होंगे. आमतौर पर किताब के सूत्र वो अफसर हैं, जो ट्रंप प्रशासन में शुरुआती दिनों में जुड़े रहे हैं लेकिन बाद में उन्हें निकाल दिया गया.

किताब में वास्तव में है क्या
इस किताब के कुछ चैप्टर्स में वर्ष 2016 के राष्ट्रपति अभियान के आखिरी महीनों की बात है. फिर किताब ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद 13 महीनों में व्हाइट हाउस प्रशासन की बात करती है. उन तमाम नीतियों की बात करती है, जो ट्रंप प्रशासन ने राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक नीतियों, उत्तर कोरिया, व्यापार, अफगानिस्तान, सीरिया और ट्रंप के हैरानी से भरे कमेंट्स से गुजरते हैं. किताब खासकर ट्रंप प्रशासन की चिंता में डालने वाली विदेशी नीतियों पर ज्यादा बात करती है.

Donald Trump on midterm polls, Trump warns evangelical leaders of violence by left if Republicans lose, Trump warns religious leaders, मध्यावधि चुनावों को लेकर डोनाल्ड ट्रंप का बयान, रिपब्लिकन्स की हार की स्थिति में हिंसक बदलाव की दी चेतावनी, डोनाल्ड ट्रंप ने धार्मिक नेताओं को आगाह किया
वुडवर्ड की किताब कहती है कि व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा-ट्रंप इडिएट हैं


ट्रंप के आदेश पर हिल गए थे अफसर
फरवरी 2017 पर वुडवर्ड लिखते हैं, " जनरल स्टाफ के संयुक्त चीफ्स के चेयरमैन जोसफ डनफोर्ड की मुलाकात ग्राहम से हुई. उन्होंने कहा कि वो ट्रंप के उत्तर कोरिया के खिलाफ नई युद्ध योजना से हिल गए हैं-ग्राहम के अनुसार उस डनफोर्ड राष्ट्रपति के अतिरेक फैसला लेने के तौरतरीकों से विचलित लग रहे थे."
04 अप्रैल 2017 को जब सीरिया ने अपने विद्रोहियों पर गैस हमला किया तो ट्रंप ने डिफेंस सेक्रेटरी मैटिस को फोन किया. वो चाहते थे कि सीरियाई राष्ट्रपति असद के खिलाफ कार्रवाई की जाए- उसकी हत्या कर देनी चाहिए. ये अब जरूरी हो चुका है. उन सभी लोगों को खत्म कर दो, जो इसके जिम्मेदार हैं. वुडवर्ड की किताब के अनुसार, "ट्रंप के इस आदेश के बाद डिफेंस सेक्रेटरी मैटिस ने एक सीनियर सहयोगी से कहा, हम ऐसा कुछ नहीं करने जा रहे हैं, हालांकि इसके बाद अमेरिका ने एक हवाई कार्रवाई सीरिया के खिलाफ जरूर की."

ट्रंप करने वाले थे एक खतरनाक ट्वीट
वर्ष 2018 की शुरुआत में ट्रंप ने उत्तर कोरिया के शासक किम जांग उन पर फब्ती कसने वाले ट्वीट किए, इसके बाद ट्रंप ने ऐसा ट्वीट करने का प्रस्ताव किया कि वो दक्षिण कोरिया में तैनात 28,500 सैनिकों को तैयार रहने का आदेश देने जा रहे हैं. तब राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एच आर मैकमास्टर ने उन्हें आगाह किया कि अगर वो ऐसा कोई आदेश देते हैं तो उत्तर कोरिया ये मानेगा कि उस पर तुरंत हमला होने वाला है. आखिरकार उन्होंने बात मान ली और ऐसा ट्वीट नहीं भेजा.
जिस तरह ट्रंप विदेशी नीतियों में बदलाव लाना चाहते थे, उसको लेकर भी उन्हें उनके सहयोगियों ने समझाया कि वो विश्व व्यवस्था में बाधा नहीं पहुंचाएं. ट्रंप के तौरतरीकों से उनके सहयोगी कुठित होते रहे हैं. वैसे ट्रंप के पक्षधर कहते हैं कि ये किताब शिकायत पेटिका ज्यादा लगती है.

क्या किताब पर विश्वास करना चाहिए
वुडवर्ड की इमेज अति सावधानी से नोट्स और इंटरव्यू लेकर काम करने वाले गंभीर पत्रकार की रही है. वो अपने सभी इंटरव्यू रिकॉर्ड करते हैं. उसी के आधार पर किताबें लिखते हैं. उनकी किताब में आमतौर पर वही बात आती है, जो उनसे इंटरव्यू के दौरान कही गई है या उनके अतिविश्वस्त सूत्र ने उन्हें बताई हो. लेकिन जिस तरह वो किताबें लिखते हैं- उसमें सूत्रों और गैर सूत्रों को साथ मिलाकर फिर उसे जामा पहनाते हैं-कहा जा सकता है कि उसमें वो कुछ मिर्च मसाला मिलाते हैं. लेकिन उनके सूत्रों और जानकारियों को लेकर सवाल भी उठे हैं. विवाद भी हुए हैं.

कुछ समय पहले एक किताब फायर एंड फुरी में ट्रंप की मानसिक स्थिति पर सवाल उठाया गया था


ट्रंप के दिमाग पर सवाल उठा चुकी है एक किताब
पत्रकार माइकल वुल्फ की किताब "फायर एंड फ्यूरी: इनसाइड द ट्रंप व्हाइट हाउस" कुछ महीने पहले प्रकाशित हुई थी. इस किताब में भी ट्रंप के मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल उठाया गया था. पुस्तक में उनकी मानसिक स्थिति को लेकर बातें की गई हैं.
वुल्फ ने पुस्तक में लिखा है कि ट्रंप के आसपास रहने वाले लोग लगातार पद पर बने रहने के लिए उनकी बुद्धिमत्ता और क्षमता पर सवाल उठाते रहते हैं.लेखक का दावा है कि ओवल ऑफिस में अव्यवस्था से वाकिफ करीब 200 लोगों का उन्होंने साक्षात्कार किया है.
हालांकि इस किताब के आते ही व्हाइट हाउस ने कहा, ट्रंप बहुत बुद्धिमान हैं. इस बात से नाराज ट्रंप ने ट्विटर पर अपने आप को बहुत ही स्थिर और होशियार व्यक्ति बताया. उन्होंने कहा, मैं जीनियस हूं. ट्रंप ने अपने डॉक्टर हैरल्ड बोर्नस्टीन का एक पत्र प्रकाशित किया, जिसमें बताया गया था कि उनका शारीरिक स्वास्थ्य बहुत अच्छा है.

सुपरहिट हो गई वुडवर्ड की किताब
बॉब वुडवर्ड की ये इस साल की सुपरहिट किताब तभी हो गई, जब ये बाजार में आई भी नहीं. प्रकाशक साइमन एंड श्सि्टर का कहना है कि पाठकों की मांग को देखते हुए वो इस किताब की दस लाख कापियां प्रिंट कर रहे हैं. ये किताब हार्डबुक के साथ ई बुक के तौर पर प्रकाशित हो रही है.

इस किताब की घोषणा जुलाई में हो गई थी. फिर प्रकाशन पूर्व इसके सेल्स आर्डर बढते चले गए. क्योंकि अमेरिका में वुडवर्ड की विश्वसनीयता बहुत ज्यादा है. इस किताब ने जबरदस्त तरीके से ये उत्सुकता भी जगाई कि उनकी इस किताब में आखिर व्हाइट हाउस के बारे में है क्या. ये किताब अमेजन और बर्न्स एंड नोब्ल्स पर लगातार खूब बिक रही है. इस किताब ने इससे पहले ट्रंप पर प्रकाशित हुई सभी किताबों को पीछे छोड़ दिया है.  फीयर वर्ष 2018 में अमेजन पर छठी सबसे ज्यादा बिकने वाली किताब बन चुकी है.

डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद उन पर जो किताबें लिखी गई हैं, उसमें आमतौर पर वो आलोचनाओं के घेरे में ही रहे हैं


ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद उन पर प्रकाशित कुछ किताबें
डोनल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद उन पर एक दर्जन से ज्यादा किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं. अधिकतर किताबों में उनकी आलोचना है.

1. कोलूजनः हाउ रसिया हेल्प्ड ट्रंप विन द व्हाइट हाउस, लेखक ल्यूक हार्डिंग
इस किताब का ट्रंप ने खंडन किया लेकिन इसमें काफी भरोसेजनक तरीके से इस बात को उजागर किया गया कि किस तरह मास्को ने ट्रंप के चुनाव जीतने में मदद की. लेखक हार्डिंग गार्डियन के मास्को करेसपोंडेंट रह चुके हैं. इस किताब में उन्होंने विस्तृत रिसर्च की है.

2. स्टीव बेनन, डोनल्ड ट्रंप एंड द स्टार्मिंग ऑफ द प्रेसीडेंसी, लेखक जोसुआ ग्रीन
- इसमें वो विवाद है जबकि स्टीव बेनन जैसी विवादित शख्सियत को ट्रंप के चुनाव जीतने के बाद व्हाइट हाउस में मुख्य रणनीतिकार बना दिया गया. बाद में उन्हें हटा भी दिया गया.

3. क्रीपिंग फासिज्मः ब्रेक्जिट, ट्रंप एंड राइज ऑफ द फार राइट, लेखक - नील फाकनर
फाकनर की किताब ट्रंप की जीत के बाद आई, जो ये कहती है कि ट्रंप की जीत किस तरह लोकतंत्र विरोधी भावना रखने वाले दक्षिण पंथियों का उभरना है. जो अमेरिका समेत दुनिया के कई देशों में नजर आ रहा है. ये किताब सवाल उठाती है कि क्या हम फासिज्म की दूसरी लहर का सामना कर रहे हैं.

4. अनबिलेबलः माई फ्रंट रो सीट टू द क्रेजएस्ट कैंपेन इन अमेरिकन हिस्ट्री, लेखक केटी तुर
केटी तुर एमएसएनबीसी में पत्रकार हैं और जब ट्रंप ने वर्ष 2015 में राष्ट्रपति चुनाव में अपनी दावेदारी घोषित की, तो वो करीब दो साल तक उनके चुनाव अभियान को कवर करती रहीं. उन्होंने हजारों मील की यात्रा की. ट्रंप की चुनावी सभाओं और रैलियों को कवर किया उन्होंने ट्रंप को लेकर अपने अनुभव लिखे और उन डर की बातें कीं, जो मीडिया के सामने उनके आने के बाद पैदा हो सकती हैं. किताब में ट्रंप को रहस्यमयी शख्स कहा गया.

5.इन अमेरिकाः टेल्स फ्राम ट्रंप कंट्री, लेखक कैट्रियोना पैरी
कैट्रियोना अवार्ड विजेता आयरिश जर्नलिस्ट हैं. इसमें चुनावों से लेकर व्हाइट हाउस तक ट्रंप से उपजे विवादों की बात है.
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर