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अमेरिका में क्यों जा रही हैं बड़े पैमाने पर चाइनीज लोगों की नौकरियां

अमेरिका में हजारों चीनियों की नौकरियां चली गई हैं

अमेरिका में हजारों चीनियों की नौकरियां चली गई हैं

अमेरिका में चाइनीज लोगों की नौकरियां बड़े पैमाने पर जा रही हैं. उम्मीद भी नहीं कि उन्हें ये नौकरियां दोबारा मिल सकेंगी. कुल मिलाकर अमेरिका में चीनी अप्रवासी चौराहे पर खड़ा हो गया. ना तो उसके पास पैसा और ना ही वो चीन वापस लौटना चाहता है

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    अमेरिका में इस समय काफी बड़ी संख्या में चीनी लोगों की नौकरियां जा रही हैं. फिलहाल अमेरिका में कोरोना वायरस के चलते जो त्राहि-त्राहि मची हुई है, उसमें उनको दोबारा नौकरी मिलती हुई दीख भी नहीं रही. ज्यादातर चीनियों के सामने ये सवाल पैदा हो रहा है कि वो अमेरिका में ही रहें या वापस चीन लौट जाएं.
    तांग पिछले छह सालों से अमेरिका में नौकरी कर रही हैं. वो चीन के झेझियांग प्रांत की रहने वाली हैं. उनका एच1-बी वीसा इस साल के आखिर में खत्म हो जाएगा. कुछ समय पहले तक उनकी कंपनी ने उन्हें भरोसा दिया था कि वो उनको आगे भी बरकरार रखेगी. इसके चलते उन्होंने अमेरिका में ही एक अपार्टमेंट खरीद लिया था.
    लेकिन 13 मार्च को जब उन्हें नौकरी से निकाला गया तो उनकी कमाई ही नहीं खत्म हो गई बल्कि वीसा स्टेट भी उन्होंने गंवा दिया. अब वो जिस कंपनी में काम कर रही थीं, उसने उनको आगे बरकरार रखने का इरादा छोड़ दिया है. लिहाजा अब उनके लिए अमेरिका में आगे बने रहना बहुत मुश्किल हो गया है. अमेरिका में नियम ऐसे हैं कि अगर कोई एच1-बी वीसा धारक गंवा देता है तो उसे 60 दिनों के भीतर अपना वीसा स्टेटस बदलने के लिए आवेदन करना होता है. इसमें वीसा का स्टेटस बदलकर टूरिस्ट या स्टूडेंट का हो जाएगा या फिर उन्हें नई नौकरी तलाशनी होगी, जहां एम्लायर उनके वर्क वीसा को स्पांसर कर सके.

    क्या हो रहा अमेरिका में रह रहे चीनियों के साथ 
    अगर वो ऐसा नहीं कर पाईं तो उन्हें अमेरिका छोड़ना होगा या फिर अवैध तौर पर रुकना होगा. लेकिन वीसा अवधि खत्म होने के 180 दिनों से अधिक तक वहां रुकी रहीं तो उनके भविष्य में अमेरिका आने पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है. फिलहाल इस स्थिति में अमेरिका में किसी के लिए नौकरी पाना बहुत मुश्किल है और अगर आप चीन से ताल्लुक रखने हैं तो ये असंभव जैसा है.

    वापसी के टिकट बहुत महंगे
    ऐसे में सबकुछ सोचने के बाद तांग ने जब चीन वापस लौटने का फैसला किया तो उसे पता लगा कि वो ऐसा नहीं कर सकती, क्योंकि अप्रैल की डायरेक्ट फ्लाइट्स में सीटें उपलब्ध नहीं हैं. और अगर वो कई जगह फ्लाइट बदलते हुए चीन लौटती है तो उसके वायरस से संक्रमित होने का खतरा है. टिकट भी बहुत महंगे हो चुके हैं. नतीजतन अब वो कोशिश कर रही है कि किसी अमेरिकी यूनिवर्सिटी में उसे दाखिला मिल जाए, तो वो वैध तरीके से अमेरिका में रह सकती है.

    चाइनीज लोगों की नौकरियां ज्यादा जा रहीं
    चूंकि कोरोना वायरस महामारी चीन से दुूनियाभर में फैली है, लिहाजा मुश्किलें भी ज्यादा हैं. हालांकि ये आधिकारिक आंकडा उपलब्ध नहीं है कि कितने चीनियों की नौकरी अमेरिका में चली गई है लेकिन वीचैट पर जिस तरह से सैकड़ों चीनी ये बता रहे हैं कि अमेरिका में उनकी नौकरियां चली गई हैं, उससे लगता है कि ये संख्या हजारों में है. सभी की स्थिति कमोवेश तांग सरीखी ही है.
    रोज ब रोज वी चैट के ग्रुप्स तनाव और उलझनों से भरी बातचीत से दिखते हैं, जिसमें नौकरी छूट जाने, वीसा की अड़चनें और वापस चीन नहीं लौट पा सकने का तनाव नजर आता है.

    पहली बार अमेरिका में चीनियों के साथ हो रहा ऐसा
    न्यूयार्क में अप्रवास मामलों के वकील यिंग काओ कहती हैं कि मैं पहली बार देख रही हूं कि इतनी बड़ी संख्या में वीसा होल्डर अपनी नौकरियां गंवां रहे हैं. यिंग के ज्यादातर क्लाइंट चाइनीज ही हैं. उनका कहना है कि ये हाल तो वर्ष 2008 में आई मंदी से भी ज्यादा खराब है.

    क्या नियम हैं अमेरिका में एच1-बी वीसा के 
    अमेरिका में बाहर से आकर नौकरी करने वालों को आमतौर पर एन1 बी वीसा मिलता है. पिछले पांच सालों में ऐसे 09 लाख वीसा जारी किए गए हैं. ये तीन साल के लिए वैध होता है. हां फिर इसे खत्म होने पर तीन साल के लिए बढ़ाया जा सकता है. अब अमेरिका ने नौकरी से हाथ धो रहे विदेशी लोगों को कोई ग्रेस पीरियड देने के बारे में नहीं कहा है.

    कुछ के पास पैसा नहीं तो कुछ वापस जाना नहीं चाहते
    अब हालत ये है कि बहुत से नौकरी से हाथ गंवा बैठे चीनियों के पास वापस लौटने का पैसा नहीं है तो कुछ लोग वापस नहीं जाना चाहते, उसमें एक वर्ग एलडीबीटी समुदाय का है, जिनके लिए अमेरिका में रहना बहुत सुकून भरा है, क्योंकि वहां के कानून इसे सपोर्ट करते हैं लेकिन चीन में ऐसे संबंध कानून तौर पर अपराध की श्रेणी में आते हैं और सीधे जेल पहुंचा सकते हैं.

    चीनियों के खिलाफ है नाराजगी
    अमेरिका में कोरोना महामारी जिस कदर फैल रही है, उसके बाद ना केवल डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन बल्कि यहां के आम लोगों के बीच चीनियों के खिलाफ रोष झलकने लगा है. इससे वो आशंकित भी हैं कि आने वाला समय उनके लिए पता नहीं कैसा होगा.

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