Explained: कैसे द्वीप देश क्यूबा अपने यहां एक नहीं, 5 वैक्सीन बना रहा है?

क्यूबा का हेल्थकेयर सिस्टम पूरी दुनिया में पसंद किया जाता है (news18 English via Reuters)

क्यूबा का हेल्थकेयर सिस्टम पूरी दुनिया में पसंद किया जाता है (news18 English via Reuters)

क्यूबा में हर 155 व्यक्ति पर 1 डॉक्टर (Cuban doctors) है. ये अमेरिका और इटली से कहीं ज्यादा है, साथ ही यहां के मेडिसिन स्कूल ELAM को दुनिया का बेहतरीन मेडिकल स्कूल कहा जाता है. अब ये देश अमेरिका से टीका लेने की बजाए अपने लिए कोरोना वैक्सीन (corona vaccine) बना रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 20, 2021, 2:58 PM IST
  • Share this:
कैरिबियाई सागर स्थित द्वीप देश क्यूबा (Cuba) में एक ओर तो राजनैतिक अस्थिरता है लेकिन दूसरी ही तरफ ये छोटा-सा देश इक्का-दुक्का नहीं, बल्कि 5 कोरोनावायरस वैक्सीन (coronavirus vaccine) पर काम कर रहा है. इनमें से दो टीके अपने अंतिम चरण यानी फाइनल स्टेज में पहुंच चुके हैं. अगर तीसरा ट्रायल भी सफल रहा, तो क्यूबा पहला लैटिन अमेरिकी देश बन जाएगा, जिसके पास स्वदेशी वैक्सीन होगी. वैसे क्यूबा के मेडिकल इतिहास को देखते हुए ये बात बहुत हैरतअंगेज नहीं होगी.

मदद का रहा है इतिहास 

साल 2020 के मार्च में यूरोपियन देश कोरोना से लड़ रहे थे. दुनियाभर के स्वास्थ्य विशेषज्ञ वहां जाने से घबराने लगे थे, तब क्यूबा जैसे छोटे देश ने अपने डॉक्टरों की टीम यूरोप के अलावा वेनेजुएला, निकारगुआ, जमैका और सूरीनाम भी भेजी, जहां कोरोना तांडव कर रहा था.

क्या है यहां के डॉक्टरों में खास
जब क्यूबा के डॉक्टर ग्रेजुएशन कर लेते हैं तो उन्हें ऐसे ही किसी देश में भेजा जाता है, जहां संक्रामक बीमारी फैली हो या कोई दूसरी जरूरत हो. अक्सर वे 1 से 2 साल तक वहां काम करते हैं. संक्रमित जगहों पर जाने से पहले अस्पताल उनकी सख्त ट्रेनिंग करवाते हैं, जिसमें पर्सनल सेफ्टी का ध्यान रखना सबसे जरूरी होता है. साथ ही उन्हें उस देश की भाषा, खानपान और संस्कृति का भी बेसिक ज्ञान मिलता है.

cuba coronavirus vaccine
कैरिबियाई सागर स्थित द्वीप देश क्यूबा में फिलहाल राजनैतिक अस्थिरता है - सांकेतिक फोटो (felixwong)


कैसी है यहां पर मेडिकल सुविधाएं



लगभग 1.15 करोड़ की आबादी वाले इस छोटे से देश में कई ऐसी खासियतें हैं, जो इसका हेल्थकेयर सिस्टम पूरी दुनिया में पसंद किया जाता है. खुद World Health Organization का मानना है कि यहां की स्वास्थ्य सुविधाओं से सारे देश सीख सकते हैं. सरकारी आंकड़ों के अनुसार फिलहाल लगभग 60 देशों में क्यबूा के 30 हजार डॉक्टर सेवाएं दे रहे हैं. क्यूबा में हर 155 लोगों पर 1 डॉक्टर उपलब्ध है. ये अमेरिका और इटली से बेहतर है. बेहतरीन विशेषज्ञों की वजह से क्यूबा लंबे समय से ही अपने यहां दुनियाभर के डॉक्टरों को ट्रेनिंग दे रहा है.

अबतक 123 देशों के डॉक्टर ट्रेनिंग पा चुके 

यहां लेटिन अमेरिकन स्कूल ऑफ मेडिसिन (ELAM) में फिजिशियन्स को प्रशिक्षण मिलता है. साल 1998 से अबतक 123 देशों के डॉक्टर यहां प्रशिक्षण पा चुके हैं. खुद UN के पूर्व सेक्रेटरी जनरल Ban Ki-moon के अनुसार क्यूबा का मेडिसिन स्कूल ELAM दुनिया का सबसे आधुनिक मेडिकल स्कूल है. यही वजह है कि क्यूबा की मेडिकल सुविधाओं को क्यूबन मॉडल के नाम से दुनिया में जाना जाता है.

दुनिया का सबसे बड़ा डॉक्टर निर्यातक देश है ये

इस देश में जानकार डॉक्टर तो हैं लेकिन आर्थिक तंगी है. ऐसे में डॉक्टरों को बाहर भेजा जाना क्यूबा की अर्थव्यवस्था पर कई तरह से मदद करता है. इस बारे में इकनॉमिक इंटेलिजेंस युनिट के विशेषज्ञ मार्क केलर बताते हैं कि जैसे वेनेजुएला में साल 1998 में अंदरुनी क्रांति हुई, उसके बाद वेनेजुएला और क्यूबा एक-दूसरे की मदद करने लगे. तेल के मामले में मजबूत वेनेजुएला क्यूबा को पैसों और तेल की मदद करता था, तो बदले में क्यूबा उसे डॉक्टर और खेल प्रशिक्षक भेजता रहा.

cuba coronavirus vaccine
साल 1998 से अबतक 123 देशों के डॉक्टर क्यूबा में प्रशिक्षण पा चुके हैं- सांकेतिक फोटो (pixabay)


टीकों का नामकरण भी हो चुका 

फिलहाल क्यूबा में कोरोना वायरस के रोजाना 1000 मरीज आ रहे हैं. यानी यहां कोरोना संभला नहीं है. अब इसे ही ठीक करने के लिए क्यूबन वैज्ञानिक एक साथ 5 वैक्सीन्स पर काम कर रहे हैं. इनमें से दो वैक्सीन अपने अंतिम चरण में हैं. इन्हें स्पेनिश नाम Soberana दिया गया, जिसका अर्थ है संप्रभुता. एक और वैक्सीन का नामकरण क्यूबा के क्रांतिकारी जोस मत्रि के नाम पर हुआ. इसके अलावा दो वैक्सीन्स को क्यूबा को स्पेन से आजादी दिलाने वालों को समर्पित किया गया.

ये भी पढ़ें: वो कंपनी, जिसकी वैक्सीन दुनिया में सुपरहिट मानी जा रही है, जानिए उसके बारे में सबकुछ   

इस ट्रायल में हजारों लोग शामिल

सोबेराना 2 नाम की वैक्सीन के तीसरे चरण में 44 हजार से ज्यादा लोग शामिल हुए हैं. अगर सबकुछ सही रहता है तो इसे सेंटर फॉर स्टेट कंट्रोल ऑफ मेडिसिन्स, इक्युपमेंट और मेडिकल डिवाइसेज (CECMED) को भेजा जाएगा, जहां पर मंजूरी के बाद ये अस्पतालों में पहुंचेगा. इरान और वेनेजुएला में भी इसका ट्रायल चल रहा है. दिलचस्प बात है कि क्यूबा कोरोना से परेशान होने के बाद भी दुनिया के उन कुछ देशों में है, जिनके यहां अब तक विदेशी वैक्सीन लेकर टीकाकरण शुरू नहीं हुआ.

cuba coronavirus vaccine
क्यूबा में कोशिश की जा रही है कि ये वैक्सीन सामान्य फ्रिज के तापमान पर काम कर सके- सांकेतिक फोटो


फिलहाल इन मुद्दों पर शोध जारी

फिलहाल क्यूबा के वैज्ञानिक ये समझने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या वैक्सीन की तीसरी डोज भी चाहिए होगी, या दो हफ्तों के अंतराल पर दोनों डोज देना काफी रहेगा. ये भी कोशिश की जा रही है कि ये वैक्सीन सामान्य फ्रिज के तापमान पर काम कर सके. इस ट्रायल के रिजल्ट मई की शुरुआत में आने की उम्मीद की जा रही है. इस बीच देश में 1,24,000 हेल्थ वर्कर्स को एक अन्य वैक्सीन अब्डाला दी जा चुकी है.

कौन से देश क्यूबा की वैक्सीन लेंगे?

क्यूबा सरकार का दावा है कि बहुत से देशों ने उससे 100 मिलियन डोज खरीदने की बात की है. कई गरीब देश, जो पश्चिमी देशों की मंहगी वैक्सीन नहीं ले पा रहे, वे क्यूबा की ओर उम्मीद से देख रहे हैं. कम्युनिस्ट देश वेनेजुएला ने यहां बनी वैक्सीन अब्डाला का उत्पादन भी शुरू कर दिया है.

ये भी पढ़ें: Explained: देश में गहराते ऑक्सीजन संकट की क्या है वजह, क्या है हल?   

वैक्सीन न खरीदने के पीछे राजनैतिक कारण भी

वैसे क्यूबा के अपनी वैक्सीन बनाने और अमेरिका या उसके मित्र देशों ने वैक्सीन न लेने का कारण क्यूबा और अमेरिका के बीच तनाव भी है. असल में दूसरे विश्वयुद्ध के बाद जब दुनिया दो ताकतवर हिस्सों में बंटी तो क्यूबा ने अमेरिका को आंख दिखाते हुए रूस का पक्ष लिया था. यही बात अमेरिका को खटकती रही और उसने क्यूबा पर खूब पाबंदियां भी लगा दीं. दोनों देशों के बीच अब भी तनाव चला आ रहा है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज