जानें आज के दिन पाकिस्तान ने क्यों बदल ली थी अपनी राजधानी

पाकिस्तान में सिंध इलाके का तटीय शहर कराची जिन्ना की पसंद थी. कराची बड़ा और पुराना शहर है. लेकिन मिलिट्री शासन के दौरान पाकिस्तान की राजधानी को बदलने का फैसला हुआ.

News18Hindi
Updated: August 1, 2019, 12:49 PM IST
जानें आज के दिन पाकिस्तान ने क्यों बदल ली थी अपनी राजधानी
इस्लामाबाद से पहले पाकिस्तान की राजधानी कराची थी
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Updated: August 1, 2019, 12:49 PM IST
1947 में आजाद होने और भारत से अलग होने के बाद पाकिस्तान ने कराची को अपनी राजधानी बनाया था. लेकिन 59 साल पहले आज ही के दिन यानी 1 अगस्त 1960 को पाकिस्तान ने अपनी राजधानी कराची से बदलकर इस्लामाबाद कर ली थी. पाकिस्तान के जनक मोहम्मद अली जिन्ना ने पाकिस्तान की राजधानी के तौर पर कराची को चुना था.

पाकिस्तान में सिंध इलाके का तटीय शहर कराची जिन्ना की पसंद थी. कराची बड़ा और पुराना शहर है. लेकिन मिलिट्री शासन के दौरान पाकिस्तान की राजधानी को बदलने का फैसला हुआ. 1 अगस्त 1960 को इस्लामाबाद को पाकिस्तान की राजधानी बना दिया गया. हालांकि इस्लामाबाद आधिकारिक तौर पर 14 अगस्त 1967 को पाकिस्तान की राजधानी बना.

क्यों कराची बना था पाकिस्तान की राजधानी
जिन्ना ने बहुत सोच समझकर कराची को पाकिस्तान की राजधानी बनाया था. इसके पीछे वाजिब सोच थी. कराची बड़ा और पुराना शहर है. इस शहर से सटा बंदरगाह है, जो व्यापार के लिए अहम था. इसी वजह से कराची आज भी पाकिस्तान के संपन्न शहरों में गिना जाता है. इसे आज भी पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी माना जाता है. कला और संस्कृति के नजरिए से भी कराची पाकिस्तान के दूसरे इलाकों से काफी आगे रहा. लेकिन मिलिट्री शासन ने जिन्ना की इस सोच को किनारे रख दिया.

Why did the capital of Pakistan moved from Karachi to Islamabad in 1960 in ayub khan rule
इस्लामाबाद की मशहूर फैजल मस्जिद


प्रेसीडेंट जनरल अयूब खान ने कराची से हटाकर देश की राजधानी इस्लामाबाद कर दी. इसके पीछे सेना की रणनीति थी. बताया जाता है कि पाकिस्तान ने कश्मीर को फोकस में रखकर अपनी राजधानी बदली थी.

क्या कश्मीर की वजह से पाकिस्तान ने बदली अपनी राजधानी
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पाकिस्तान ने अपनी राजधानी बदलने के पीछे कई कारण बताए. कहा गया कि कराची की आबादी काफी ज्यादा है. वो पुराना और बेतरतीब तरीके से बसा शहर है. राजधानी होने के लिए शहर का एक स्ट्रक्चर में निर्माण होना चाहिए. राजधानी के लिए ऐसा होना शहर चाहिए, जहां सरकारी दफ्तरों के लिए आवश्यक इमारतें हों. इसके साथ ही नई इमारतों के लिए जगह भी होनी चाहिए.

सिर्फ एक वजह नहीं थी. कराची से इस्लामाबाद राजधानी स्थानांतरित करने के पीछे भारत से कश्मीर हासिल करना भी एक मकसद था. सेना के लिए इस्लामाबाद इस लिहाज से ठीक शहर था. पाकिस्तान आर्म्ड फोर्सेस का हेड क्वार्टर भी इस्लामाबाद से सटे रावलपिंडी में था. इस्लामाबाद के पाकिस्तान के राजधानी बनने के दौरान रावलपिंडी ही राजधानी बना रहा. रावलपिंडी और कश्मीर के करीब होने की वजह से इस्लामाबाद को पाकिस्तान की राजधानी बनाया गया.

पाकिस्तानी जनरल अयूब खान ने निजी वजहों से भी बदली राजधानी
इसके पीछे कुछ और वजहें भी बताई जाती हैं. कहा जाता है तत्कालीन मिलिट्री प्रेसिडेंट को दक्षिण सिंध में स्थित कराची का मौसम अच्छा नहीं लगता था. वो अपने पावर बेस के करीब रहना चाहते थे, जो रावलपिंडी में था. ये जनरल के होम टाउन रेहाना के भी करीब था. जनरल अयूब खान राष्ट्रपति रहते हुए हर हफ्ते अपने घर जाया करते थे.

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पाकिस्तान का शहर कराची


एक वजह ये भी बताई जाती है कि इसके पीछे ग्रेटर पंजाब का सपना काम कर रहा था. 1947 में आजादी के बाद कराची की आबादी करीब 10 लाख थी. बंटवारे के बाद बड़ी संख्या में भारत से आए रिफ्यूजी ने यहां शरण ली. कहा जाता है कि कराची की आबादी बढ़कर 60 लाख हो गई. इसके बाद वहां नागरिक सुविधाओं और शहर की साफ सफाई से लेकर सुरक्षा व्यवस्था में मुश्किलें सामने आने लगी. इसलिए बाद में राजधानी बदलने का फैसला किया गया.

कुछ वर्षों तक रावलपिंडी रहा पाकिस्तान की राजधानी
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद अचानक नहीं बन गया. इस्लामाबाद में सरकारी इमारतों और राजधानी लायक सेवाओं के लिए उसे तैयार करने में वक्त लगा. इस दौरान रावलपिंडी पाकिस्तान की राजधानी बना रहा. जनरल अयूब खान इस्लामाबाद को मॉर्डन और व्यवस्थित शहर के तौर पर देखना चाहते थे.

इस्लामाबाद को इसके लिए 8 जोन में बांटा गया. डेप्लोमैटिक एंक्लेव, कमर्शियल डिस्ट्रिक्ट, एजुकेशन सेक्टर, इंडस्ट्रियल एरिया, सबके लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई. 1968 में इस्लामाबाद राजधानी के तौर पर तैयार हो गया. उसके बाद आधिकारिक तौर पर इस्लामाबाद पाकिस्तान की राजधानी बन गया.

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First published: August 1, 2019, 11:28 AM IST
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