मोबाइल फोन की बैटरी क्यों ब्लास्ट होती है? जानिए इससे बचने के तरीके

आइए जानते हैं कि मोबाइल फोन ब्लास्ट होने की बड़ी वजहें कौन-कौन सी है

News18Hindi
Updated: July 27, 2019, 6:25 PM IST
मोबाइल फोन की बैटरी क्यों ब्लास्ट होती है? जानिए इससे बचने के तरीके
जानिए आपके मोबाइल की बैटरी क्यों फटती है
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Updated: July 27, 2019, 6:25 PM IST
आगरा में दो युवक चार्जिंग में लगे फोन में इयरफोन लगाकर गाना सुन रहे थे. इसी दौरान उनका मोबाइल फोन गर्म हो गया, जिसके बाद उनका मोबाइल फोन ब्लास्ट कर गया. मोबाइल फटने के इस हादसे से एक युवक की मौत हो गई और दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गए. इस तरह की घटनाओं के बाद जो बड़े सवाल उठते है वो ये कि आखिर मोबाइल फोन ब्लास्ट क्यों होते हैं? मोबाइल में आग लगने जैसी घटनाएं क्यों होती है? आइए जानते हैं कि मोबाइल ब्लास्ट होने की बड़ी वजहें कौन-कौन सी है.

बैटरी की ओवरचार्जिंग

मोबाइल ओवर चार्जिंग की समस्या तब आती है जब बैटरी को कई घंटों तक चार्जिंग पर लगाकर छोड़ दिया जाता है. मोबाइल की बैटरी को जरूरत से ज्यादा चार्ज करना, मोबाइल की बैटरी के फटने की एक बड़ी वजह है. जब बैटरी को जरूरत से ज्यादा चार्ज किया जाता है तो कैथोड से एनोड पर जरूरत से ज्यादा लिथियम आयन पहुंच जाता है. जानकारों के मुताबिक अधिकतर मोबाइल की बैटरियों में ओवर चार्जिंग से बचाने की व्यवस्था की हुई होती है. फुल चार्ज होने पर बैटरी का अपने आप चार्ज होना बंद हो जाता है. लेकिन, हाल में हुए हादसों से पता चला है कि इस व्यवस्था में भी दिक्कतें पाई गई हैं. इसी लिए मोबाइल एक्सपर्ट्स कभी भी बैटरी को 100 फिसदी चार्ज न करने की सलाह देते हैं.

मोबाइल ब्लास्ट


फास्ट चार्जिंग वाले चार्जर का उपयोग

पिछले कुछ समय से मोबाइल कंपनियां अपने स्मार्ट फोनों के लिए जल्दी चार्ज करने वाले चार्जर दे रही है, इससे ये होता है कि कम समय में ही बैटरी में ज्यादा एनर्जी स्टोर हो जाता है. इस फास्ट चार्जिंग वाली बैटरी से सेम कंपनी का मोबइल चार्ज करते हैं हैं तो ये दिक्कत नहीं आती है, लेकिन जब उस चार्जर से दूसरे मोबाइल को चार्ज करेंगे तो मोबाइल के फटने के चांसेज बढ़ जाते हैं. मोबाइल एक्सपर्ट्स फास्ट चार्जिंग की सुविधा को खतरनाक मानते हैं. उनके मुताबिक इस सुविधा से बैटरी में प्लेटिंग की दिक्कत आने लगती है. दोनों इलेक्ट्रोड जिसके अंतर्गत कैथोड और एनोड आते हैं, वो अंडे की क्रेट की तरह होते हैं. चार्जिंग को दौरान लिथियम आयन को अंडों की तरह एनोड की क्रेट में बने खांचों में व्यवस्थित होना होता है. लोकिन फास्ट चार्जिंग के दौरान ये आयन तेजी से और अधिक मात्रा में एनोड पर आते हैं जिससे ये एनोड की क्रेट के खांचों में सही से व्यवस्थित नहीं हो पाते. जिसकी वजह से बैटरी के अंदर शार्ट सर्किट जैसी समस्या पैदा होती है.

जब देखते-देखते हाथ में फट गया मोबाइल

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चार्जिंग के समय मोबाइल का उपयोग करना

मोबाइल एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब आप चार्जिंग के समय फोन का इस्तेमाल करते हैं, तो मोबाइल और उसका बैटरी दोनों गर्म हो जाती है. दोनों के एक साथ गर्म होने के कारण इस गर्मी के ब्लास्ट में तब्दील होने के चांसेज रहते हैं. हमें इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि जब मोबाइल चार्ज हो रहा होता है तब उसके ब्लास्ट होने के चांसेज सबसे ज्यादा होते हैं. इसलिए मोबाइल को चार्ज करते समय उसका इस्तेमाल करने से बचे.

खराब हो चुके बैटरी का उपयोग

कई बार लोग पुराने हो चुके या फूल चुके बैटरी का प्रयोग निरंतर करते रहते हैं या सस्ते दामों में मिलने वाले खराब क्वालिटी के बैटरी का इस्तेमाल करते, जोकि थोड़ी देर की चार्जिंग में ही मोबाइल को गर्म कर देता है. इस तरह के बैटरी सबसे ज्यादा फटते हैं.

ब्लास्ट हुआ 'iphone'


मोबाइल फोन की बैटरी को ब्लास्ट होने से कैसे बचाएं

बैटरी को ब्लास्ट होने से बचने के लिए हमें कुछ सतर्कता बरतनी चाहिए. जैसे- ओरिजिनल चार्जर से ही बैटरी चार्ज किया जाना चाहिए. चार्जिंग के दौरान मोबाइल का उपयोग ना करें. फोन को ज्यादा गर्म जगहों पर ना रखें. मोबाइल की बैटरी को आवश्यकता से अधिक चार्ज ना करें. ऐसे ऐप्स को इंस्टॉल करने से बचें जो आपके फोन को गर्म या हैंग करता हो. फास्ट चार्जिंग वाले चार्जर ना खरीदें.

इन दिक्कतों से बचने के लिए भविष्य की तैयारी

मोबाइल कंपनियों भविष्य में बैटरी फटने की समस्या से बचने के लिए नए तरीकों पर काम कर रही हैं. इसके लिए वैज्ञानिक इलेक्ट्रोलाइट को रासायनिक पदार्थों से बनाना शुरू कर रहे हैं. इलेक्ट्रोलाइट को रासायनिक पदार्थों से बैटरी ज्यादा गर्मी को बर्दास्त कर सकेंगे. साथ ही अधिक तापमान पर दूसरे रासायनिक पदार्थों में रिएक्शन नहीं होगा.

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First published: July 27, 2019, 6:24 PM IST
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