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क्यों खास है 'पुरी', जहां से पीएम मोदी लड़ सकते हैं 2019 में चुनाव!

News18Hindi
Updated: January 3, 2019, 5:50 PM IST
क्यों खास है 'पुरी', जहां से पीएम मोदी लड़ सकते हैं 2019 में चुनाव!
ओडिशा बीजेपी के एक प्रमुख नेता ने दावा किया है कि पीएम मोदी अगले आम चुनाव में पुरी से कर सकते हैं दावेदारी

बीजेपी के वरिष्ठ नेता और विधायक प्रदीप पुरोहित ने दावा किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी लोकसभा चुनाव ओडिशा की पुरी लोकसभा सीट से लड़ सकते हैं.

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  • Last Updated: January 3, 2019, 5:50 PM IST
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बीजेपी के वरिष्ठ नेता और विधायक प्रदीप पुरोहित ने बुधवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी लोकसभा चुनावों में ओडिशा की पुरी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं. बहरहाल, प्रधानमंत्री ने मंगलवार को इस मुद्दे पर कहा था कि यह मीडिया की देन है, इसके बावजूद पुरोहित ने यह दावा किया है.

बीजेपी नेता ने पत्रकारों से कहा, ‘कोई भी प्रधानमंत्री के पुरी से चुनाव लड़ने से इनकार नहीं कर सकता है. प्रधानमंत्री की पुरी सीट से चुनाव लड़ने की 90 प्रतिशत संभावना है. उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री ओडिशा के लोगों से प्रेम करते हैं और उनका पुरी से लगाव है. लिहाजा अगले चुनाव में वह इस सीट से लड़ सकते हैं.’

जानकार इसे 2019 में ही होने वाले ओडिशा विधानसभा चुनावों से जोड़कर देख रहे हैं. उनका मानना है कि इस सीट से लोकसभा चुनाव में दावेदारी करने से मोदी ओडिशा में बीजेपी के प्रभाव को बढ़ा सकते हैं. लेकिन पुरी के राजनीतिक महत्व से इतर हम आपको इसके ऐतिहासिक महत्व के बारे में बता रहे हैं. साथ ही यह भी कि क्यों पुरी पर्यटकों के लिए है खास? और अगर आप वहां जाएं तो कहां घूमें और क्या करें?



जगन्नाथ मंदिर



पुरी का प्रमुख आकर्षण जगन्नाथ मंदिर है. यह भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है. यह भारत के चार धामों से भी एक है. 4 लाख वर्गफुट में फैला यह मंदिर चारदीवारी से घिरा है. अपनी वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध होने के अलावा यह भारत के सबसे अमीर मंदिरों में से भी एक है.

यहां की रथयात्रा प्रसिद्ध है. जो मंदिर के पास के 5 किमी क्षेत्र में ही होती है. इसे पुरुषोत्तम क्षेत्र कहा जाता है. रथ यात्रा में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा तीनों अलग-अलग रथों पर सवार होते हैं.

मंदिर के बारे में लोग कहते हैं कि रोज यहां लाखों लोग खाना खाते हैं. हर 12 साल बाद मंदिर में देवताओं की नई काष्ठ प्रतिमा बनवाई जाती है.

उठा सकते हैं ओडिशा की मिठाइयों का लुत्फ
पुरी के जगन्नाथ मंदिर के पास ही है आनंद बाजार. इस जगह पर आप न केवल मंदिर में चढ़ावे के लिए महाप्रसाद खरीद सकते हैं बल्कि ओडिशा की प्रसिद्ध मिठाइयों का लुत्फ भी उठा सकते हैं.

इसके अलावा अगर आपको लगता है कि आपको चार धाम में से एक जगन्नाथपुरी का प्रसाद लेकर घर भी जाना है तो आप इसी बाजार से 'ख़ाजा' का प्रसाद खरीद सकते हैं. ख़ाजा शक्कर, घी और मैदे से बना होता है. इसे आसानी से पैक किया जा सकता है और लंबे वक्त तक यह खराब नहीं होता.

समुद्र तट का उठा सकते हैं आनंद और बालू की कलाकृति बनाना सीख सकते हैं
आप यहां साफ-सुथरे समुद्र तट का आनंद उठा सकते हैं. पुरी जाकर आप बालू से कलाकृति बनाना भी सीख सकते हैं.

होटल मेफेयर बीच रिसॉर्ट और पंथनिवास के बीच स्थित स्थित है भारत के मशहूर सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक का इंस्टीट्यूट. इसे उन्होंने 1995 में शुरू किया था. यह खुले में समुद्र के किनारे की बालू पर चलता है. यहां आकर उत्सुक लोग इस कला को सीख सकते हैं. सुदर्शन पटनायक ने ही इंटरनेशनल सैंड आर्ट फेस्टिवल की भी शुरुआत कराई है.

रघुराजपुर क्राफ्ट विलेज से एक कलाकृति घर जरूर लेकर जाएं
पुरी शहर से 14 किमी दूर स्थित है रघुराजपुर गांव. ये अपनी पट्टचित्र पेंटिंग्स के लिए फेमस है. इसे सूखे ताड़ के पत्तों या कपड़ों पर बनाया जाता है. इनपर पौराणिक कथाएं चित्रित की जाती हैं. इसके अलावा गांव वाले लकड़ी और ताड़ के पत्तों से और भी पेंटिंग्स बनाते हैं.

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First published: January 3, 2019, 1:52 PM IST
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