Home /News /knowledge /

आपातकाल के 44 साल - पार्ट 2 : जॉर्ज फर्नांडीज़ पर क्यों लगा था तस्करी का इल्ज़ाम?

आपातकाल के 44 साल - पार्ट 2 : जॉर्ज फर्नांडीज़ पर क्यों लगा था तस्करी का इल्ज़ाम?

न्यूज़18 क्रिएटिव

न्यूज़18 क्रिएटिव

इंदिरा गांधी सरकार ने 25 जून 1975 की आधी रात देश में इमरजेंसी लागू करवा दी थी, जो 1977 तक प्रभावी रही. इमरजेंसी के कारणों, नेताओं की भूमिकाओं, ज़रूरी घटनाक्रमों और इमरजेंसी के असर से जुड़ी 44 कहानियां तीन भागों में पढ़ें.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत भाजपा के कई वर्तमान नेता और देश के कई लेखक, कलाकार, विद्वान व चिंतक समय समय पर कह चुके हैं कि आज़ाद हिंदोस्तान के इतिहास में सबसे दुर्भाग्यपूर्ण समय 1975 से 77 के बीच का था, जब देश ने इमरजेंसी के हालात देखे. क्या क्या हुआ था, जिसकी वजह से इमरजेंसी को हमेशा इतना दुर्भाग्यपूर्ण या 'लोकतंत्र का हत्यारा' या 'लोकतंत्र का कलंक' कहा गया?

    आपातकाल के 44 साल - पार्ट 1 : इमरजेंसी का आइडिया इंदिरा गांधी को दिया किसने था?

    1975 में लगी इमरजेंसी 1977 में खत्म हुई और चुनाव हुए. जनता पार्टी की सरकार बनी, लेकिन चूंकि विपक्ष बुरी तरह कमज़ोर था इसलिए ये सरकार जैसे तैसे ढाई तीन साल चली और फिर 1980 में 'मज़बूत सरकार' के वादे पर कांग्रेस सरकार सत्ता में आई. इंदिरा गांधी फिर प्रधानमंत्री बनीं और इमरजेंसी को लेकर इंदिरा गांधी या उनकी सरकार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकी.

    इमरजेंसी के 44 साल होने के मौके पर यहां पढ़िए, 44 ज़रूरी और दिलचस्प कहानियों के दूसरे भाग में 15 कहानियां.

    इमरजेंसी लगाने के इंदिरा के तर्क झूठे थे!
    1. इंदिरा गांधी ने कई मौकों पर इमरजेंसी के फैसले का बचाव करते हुए कहा था कि उनके पास ऐसी पुष्ट सूचनाएं थीं कि देश की सुरक्षा को खतरा था. इंदिरा ने ये भी दावा किया था कि देश की सरकार के खिलाफ एक बड़ी साज़िश रची जा रही थी. बाद में ये दावे किए गए कि इंदिरा के पास इस तरह की कोई सूचना या इंटेलिजेंस नहीं थे.

    emergency, 1975 emergency reasons, what was national emergency, leaders in emergency, emergency facts, आपातकाल, 1975 आपातकाल एक कड़वा सच, आपातकाल पर कविता, राष्ट्रीय आपातकाल कितनी बार लगा है, आपातकाल क्यों लगाया गया था
    इमरजेंसी के वक्त एक संदेश प्रसारण के दौरान इंदिरा गांधी. फाइल फोटो


    2. वहीं, प्रेस की पाबंदी को लेकर इंदिरा ने दावे किए थे कि प्रेस की स्वतंत्रता पर पाबंदी लगाना इसलिए ज़रूरी था क्योंकि सरकार जब आर्थिक और सामाजिक क्रांति के कदम उठा रही थी तो प्रेस रोड़ा बन रही थी. देश को बचाने के लिए ऐसा करना ज़रूरी था. बाद में शाह कमीशन ने कहा था कि इंदिरा के दावों जैसा कोई खतरा प्रेस से नहीं था.

    बड़े छात्र आंदोलन बने बड़े कारण
    3. इमरजेंसी के कारणों के पीछे बड़े आंदोलन रहे. इनमें से एक था जयप्रकाश नारायण उर्फ जेपी के नेतृत्व में हुआ आंदोलन. मार्च अप्रैल 1974 में बिहार की छात्र संघर्ष समिति सहित किसान, मज़दूर जैसे वर्ग सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए थे क्योंकि जेपी ने संपूर्ण क्रांति का नारा देकर अहिंसक आंदोलन का आह्वान किया था.
    4. वहीं 1973 से 74 के बीच गुजरात में नव निर्माण आंदोलन हुआ था. इस छात्र आंदोलन का असर ये हुआ था कि चिमनभाई पटेल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था और राज्य में राष्ट्रपति शासन लगने की नौबत आई थी.

    emergency, 1975 emergency reasons, what was national emergency, leaders in emergency, emergency facts, आपातकाल, 1975 आपातकाल एक कड़वा सच, आपातकाल पर कविता, राष्ट्रीय आपातकाल कितनी बार लगा है, आपातकाल क्यों लगाया गया था
    लोकनायक जयप्रकाश नारायण एक विरोध प्रदर्शन के दौरान.


    फिर PMO नहीं PMH से चली सरकार
    5. कहा जाता है कि इमरजेंसी के दौरान प्रधानमंत्री कार्यालय से नहीं बल्कि प्रधानमंत्री आवास से सरकार चलती थी और सरकार के मंत्रियों और अफसरों की लगाम इंदिरा के बरक्स संजय गांधी के हाथ में हुआ करती थी.
    6. इंदिरा गांधी ने कृषि, शिक्षा, गरीबी, उद्योग आदि से जुड़ा एक 20 सूत्रीय कार्यक्रम बनाया तो उधर, संजय गांधी ने शिक्षा, परिवार नियोजन वगैरह से जुड़ा अपना पांच सूत्रीय कार्यक्रम अलग से जारी किया. बाद में दोनों को मिलाकर 25 सूत्रीय कार्यक्रम सरकार ने पेश किया. और फिर परिवार नियोजन के नाम पर नसबंदी की मुहिम जिस तरह चलाई गई, उससे कौन वाकिफ नहीं!

    जारी रहा प्रतिबंधों का दौर
    7. प्रेस की आज़ादी को प्रतिबंधित किया जा चुका था. प्रधानमंत्री और प्रतिपक्ष के नेताओं के बयानों की रिपोर्टिंग तक प्रतिबंधित हुई थी.
    8. सरकार के विरोधी कई नेताओं के जनता से संवाद को प्रतिबंधित करने के लिए उन्हें या तो जेलों में ठूंसा गया या नज़रबंद किया गया.
    9. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और जमात-ए-इस्लामी सहित कुछ राजनीतिक पार्टियों की गतिविधियों पर बैन लगा दिया गया.
    10. प्रतिबंधों का आलम ये था कि 9 हाई कोर्ट ने कहा कि इमरजेंसी के बावजूद अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देने का प्रतिवाद कोई दायर कर सकता है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट पर सरकार के इशारे पर चलने का आरोप लगा और ऐसी तमाम अर्ज़ियां पेंडिंग ही रहीं.

    बड़ौदा डायनामाइट केस
    11. इमरजेंसी के दौरान इंदिरा गांधी सरकार ने समाजवादी मज़दूर नेता जॉर्ज फर्नांडीज़ और 24 अन्य नेताओं के खिलाफ सरकार के खिलाफ साज़िश का केस दायर किया था, जिसे बड़ौदा डायनामाइट केस के नाम से जाना गया.

    emergency, 1975 emergency reasons, what was national emergency, leaders in emergency, emergency facts, आपातकाल, 1975 आपातकाल एक कड़वा सच, आपातकाल पर कविता, राष्ट्रीय आपातकाल कितनी बार लगा है, आपातकाल क्यों लगाया गया था
    इमरजेंसी के दौरान जॉर्ज फर्नांडीस की चर्चित तस्वीर.


    12. सीबीआई ने इस केस में कार्रवाई कर सरकारी जगहों और रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के इरादे से डायनामाइट की तस्करी करने का आरोप फर्नांडीज़ व अन्य पर लगाया. इन लोगों पर सरकार के खिलाफ द्रोह का आरोप भी लगा. जून 1976 में इन आरोपियों को तिहाड़ जेल में बंद कर दिया गया.
    13. जॉर्ज फर्नांडीज़ ने जेल में मुकदमे के चलते हुए भी 1977 में बिहार के मुज़फ्फरपुर से चुनाव लड़ा. उनके समर्थक जेल में ज़ंजीरों में जकड़े फर्नांडीज़ की तस्वीर दिखाकर जनता के बीच प्रचार करते थे. 1977 में जनता पार्टी की सरकार ने इस मुकदमे को खारिज कर फर्नांडीज़ समेत जितने भी आरोपी बनाए गए थे, सबको मुक्त किया.

    तुर्कमान गेट नरसंहार मामला
    14. इमरजेंसी के दौरान संजय गांधी की ज़िद के कारण इंदिरा गांधी सरकार ने दिल्ली स्थित तुर्कमान गेट पर बनी झुग्गी बस्ती को नेस्तनाबूद करने का आदेश जारी किया और फिर वहां विरोध प्रदर्शन शुरू हुए.
    15. विरोध को दबाने के लिए पुलिस ने फायरिंग की और बस्ती से हटने का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारी मारे गए. शाह कमीशन की रिपोर्ट में कहा गया कि करीब 20 लोगों की मौत हुई.

    क्रमश: अगले भाग में पढ़ें इमरजेंसी से जुड़ी आखिरी 15 कहानियां.

    ये भी पढ़ें :
    आपातकाल के 44 साल - पार्ट 1 : इमरजेंसी का आइडिया इंदिरा गांधी को दिया किसने था?
    आपातकाल की सुबह घबराए हुए थे इंदिरा सरकार के मंत्री
    राजनीतिक हितों के लिए हुई थी लोकतंत्र की हत्या : शाह

    Tags: Emergency, George Fernandes, Indira Gandhi, Jayaprakash narayan, Sanjay gandhi

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर