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मुफ्ती मोहम्मद सईद के फैसले को गलत क्यों ठहरा रही हैं महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा

News18Hindi
Updated: February 20, 2020, 11:42 PM IST
मुफ्ती मोहम्मद सईद के फैसले को गलत क्यों ठहरा रही हैं महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा
इल्तिजा ने कहा है कि वो नाना के फैसले से सहमत नहीं थीं.

इल्तिजा (Iltiza Mufti) का कहना है कि उनकी नजर में बीजेपी (BJP) के साथ सरकार बनाने का नाना मुफ्ती मोहम्मद सईद (Mufti Mohammad Sayeed) का फैसला सही नहीं था.

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  • Last Updated: February 20, 2020, 11:42 PM IST
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जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद (Mufti Mohammad Sayeed) का बीजेपी (BJP) के साथ मिलकर राज्य में सरकार बनाने के फैसले पर उनकी नातिन और महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने सवाल उठाए हैं. एक अखबार को दिए इंटरव्यू में इल्तिजा मुफ्ती ने कहा है कि उनके नाना का बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाने का फैसला गलत था. इल्तिजा मुफ्ती सामान्य तौर पर लाइमलाइट से दूर रहती थीं लेकिन कश्मीर से आर्टिकल 370 की समाप्ति के बाद उनकी प्रतिक्रियाएं तेज हुई हैं. आर्टिकल 370 की समाप्ति के पहले राज्य की आखिरी मुख्यमंत्री इल्तिजा की मां महबूबा मुफ्ती ही थीं.

कश्मीर पर दिए हैं तीखे बयान
हाल-फिलहाल इल्तिजा कश्मीर के हालात को लेकर तीखे बयान देती रही हैं. दो दिन पहले ही उन्होंने कहा था कि मैं गृहमंत्री अमित शाह को चुनौती देती हूं कि कश्मीर में अकेले घूमकर दिखाएं. हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा था कि मैं प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी की इज्जत करती हूं लेकिन मुझे नहीं मालूम कि वो भ्रमित हैं या फिर वो देश को भरमा रहे हैं. इल्तिजा का कहना है कि यह बात सही है कि कश्मीर के लोग स्थानीय नेताओं महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला से गुस्सा हैं लेकिन वो ज्यादा क्रोधित केंद्र सरकार पर हैं.

बोलीं-कश्मीर में चौपट हुआ व्यापार



जब उनसे पूछा गया कि केंद्र सरकार का कहना है कि कश्मीर के हालात सामान्य हो रहे हैं तो उनका जवाब था-कश्मीरी लोगों के सामने इस वक्त भावनात्मक और आर्थिक दोनों संकट है. सेब कारोबारियों समेत अन्य छोटे कारोबारियों का व्यापार ठप हो गया है. कश्मीर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ टूरिज्म इंडस्ट्री थी लेकिन वो भी अब बिल्कुल टूटने की कगार पर है.

'नाना ने किया था जनमत का सम्मान'
उनके नाना मुफ्ती मोहम्मद सईद ने बीजेपी के साथ मिलकर सरकार क्यों बनाई थी? इस पर इल्तिजा का जवाब था कि बीजेपी के साथ सरकार बनाने को लेकर मेरे नाना की नीयत साफ थी. बीजेपी को जम्मू से बढ़िया जनमत मिला था और सईद साहब जनादेश का सम्मान करना चाहते थे. इल्तिजा का कहना है कि कई मुद्दों को आप पीछे मुड़कर देखते हैं तो आपको लगता है कि ये सही नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत तौर पर मुझे लगता है कि ये फैसला सही नहीं था.

कश्मीर के हालात पर रखती रही हैं विचार
हाल ही में मीडिया को संबोधित करते हुए भी इल्तिजा बीजेपी पर सवाल उठाया था. उन्होंने कहा था कि अगर पार्टी को लगता है कि उसकी मां राष्ट्र विरोधी हैं तो उन्होंने 2014 में उनकी पार्टी के साथ गठबंधन क्यों किया था. उन्होंने कहा कि जम्मू के लोग भी अनुच्छेद-370 को खत्म करने से नाखुश हैं और दावा किया है कि अगर अभी जम्मू में चुनाव होते हैं तो बीजेपी का सफाया हो जाएगा. खुद के राजनीति में आने के सवाल पर इल्तिजा का जवाब था कि वह अभी राजनीति में आने के लिए तैयार नहीं हैं. गौरतलब है कि इल्तिजा मुफ्ती को कश्मीर की नई आवाज के रूप में प्रचारित किया जा रहा है. महबूबा मुफ्ती के ट्विटर हैंडल से इल्तिजा ही ट्वीट करती हैं. इल्तिजा ने 20 सितंबर को महबूबा के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से ट्वीट कर इसकी जानकारी दी थी.

 

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First published: February 20, 2020, 9:57 PM IST
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अपडेटेड: April 09 (05:00 PM)
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स्रोत: जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी, U.S. (www.jhu.edu)
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