चीन में पढ़ी-लिखी लड़कियों को बदसूरत और बूढ़ा कहा जाता है, चौंका देगी वजह

चीन में पढ़ी-लिखी युवतियों को सेक्सलेस और यहां तक कि थर्ड जेंडर कहा जाता है- सांकेतिक फोटो (Pixabay)
चीन में पढ़ी-लिखी युवतियों को सेक्सलेस और यहां तक कि थर्ड जेंडर कहा जाता है- सांकेतिक फोटो (Pixabay)

चीन में एजुकेटेड लड़कियों (women's education in China) को UFO कहा जाता है, जिसका अर्थ है- अगली (बदसूरत), फूलिश (मूर्ख) और ओल्ड (बूढ़ी). डॉक्टरेट कर रही लड़कियों से खुद उनके पुरुष सहपाठी भी दोस्ती नहीं करते.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 1, 2020, 6:42 PM IST
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सुपर पावर बनने का सपना देख रहे चीन में महिलाओं की हालत बहुत खराब है. वहां ज्यादा पढ़ी-लिखी युवतियों को सेक्सलेस और यहां तक कि थर्ड जेंडर कहा जाता है. जी हां, चीन में अगर कोई युवती PhD कर डाले तो उसके लिए यही शब्द है. तकनीक और सैन्य ताकत में आगे बढ़ने के बाद आम चीनी नागरिक के दिमाग में पढ़ी-लिखी महिलाओं के खास अच्छी सोच नहीं. जानिए, क्या है चीन में शानदार शिक्षा पाई महिलाओं के हाल.

महिलाओं पर हिंसा गंभीर समस्या
दुनिया के कई देशों की तरह चीन में भी महिलाओं के साथ हिंसा (violence against women in China) गंभीर समस्या है. वहां हिंसा का अंदाजा इस बात से लग सकता है कि 40 प्रतिशत शादीशुदा या रिश्ते में आ चुकी महिलाएं यौन हिंसा और मारपीट का शिकार होती हैं. खुद ऑल चाइना वीमन्स फेडरेशन (All-China Women's federation) ने इस बात की पड़ताल की. हालांकि ऊपर से संपन्न और आधुनिक दिखने वाले चीन में महिलाओं के साथ हिंसा के तरीके काफी बारीक हैं. जैसे यहां पढ़ी-लिखी महिलाओं के साथ होने वाला भेदभाव.

चीन में कोई युवती मास्टर्स से आगे पढ़ने की सोचे या पढ़े तो लड़के उससे शादी के लिए तैयार नहीं होते- सांकेतिक फोटो (pickpik)

बचा-खुचा कहा जाता है ज्यादा शिक्षित लड़कियों को


क्वार्टज की एक रिपोर्ट के मुताबिक अगर वहां कोई युवती मास्टर्स से आगे पढ़ने की सोचे या पढ़े तो लड़के उससे शादी के लिए तैयार नहीं होते हैं. यहां तक कि ऐसी लड़कियों को 'बचा-खुचा' कहा जाता है. लेता हांग फिंचर ने इसपर एक किताब भी लिखी है- Leftover Women: The Resurgence of Gender Inequality in China.

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सोशल मीडिया पर पुरुषों ने दी राय
शिक्षित चीनी लड़कियों के बारे में आम चीनी पुरुषों की इस सोच पर वहां काफी बहसें भी हो रही हैं. जैसे चीन में क्वोरा की तरह ही एक वेबसाइट है, जिसपर इस तरह का सवाल रखा गया कि क्या फीमेल PhD शादी के लिए वाकई में बुरा विकल्प हैं? इसका जवाब वहां की दकियानूसी मानसिकता को दिखाता है. यूजर्स ने माना कि ऐसी लड़कियां बेशर्म, ढोंगी और गंदगी से रहने वाली होती हैं, जिनसे शादी नहीं की जा सकती. इसी तरह से Weibo साइट पर सवाल के जवाब में 7000 में से 30% यूजर्स ने कहा कि वे ऐसी लड़की से शादी नहीं करेंगे जो PhD हो.

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क्या पढ़ी-लिखी युवतियां क्रूर होती हैं?
खुद चीन की मीडिया वहां शिक्षित लड़कियों के बारे में ये छवि बना रही है. वहां के एक मार्शल आर्ट सीरियल में एक नन थी, जो पढ़ी-लिखी होने के साथ-साथ खासी क्रूर भी थी. सीरियल काफी लोकप्रिय हुआ लेकिन उसके बाद से शिक्षित लड़कियों की तुलना उसी क्रूर नन से होने लगी. इसके लिए चीनी में बाकायदा एक शब्द भी खोज निकाला गया- miejue shitai यानी बिना दया की नन.

चीनी सेना में भी महिलाओं के साथ खास बेहतर रवैया नहीं है- सांकेतिक फोटो (flickr)


रखे जाते हैं अजीबोगरीब नाम
विज्ञान में रुचि रखने वाले लोग UFO से खूब परिचित होंगे. चीन में एजुकेटेड लड़कियों को UFO कहा जाता है, जिसका फुल फॉर्म है- अगली (बदसूरत), फूलिश (मूर्ख) और ओल्ड (बूढ़ी). डॉक्टरेट कर रही लड़कियों के साथ खुद उनके पुरुष सहपाठी भी दोस्ती नहीं करते हैं, बल्कि अजीबोगरीब नामों से उनका मजाक उड़ाते हैं.

माओ काल में सुधरी थी हालत
चीन में कम्युनिस्ट लीडर माओ जेडांग के आने के बाद वहां लड़कियों की पढ़ाई-लिखाई का स्तर सुधरा था. साल 1981 तक वहां स्कूल जाने वाली लड़कियों की संख्या में 40 प्रतिशत तक इजाफा हुआ. हालांकि इसी दौरान एक दूसरी लहर भी चली. दरअसल चीन में तब इंडस्ट्रीज बढ़ रही थीं. अच्छी कार्यक्षमता के कारण वहां ज्यादा संख्या में महिलाओं की भर्ती होने लगी. इससे परेशान चीन का मीडिया पुराने समय को लौटाने की बात करने लगा, जहां औरतें घर पर रहा करती थीं.

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पुरुषों की तुलना में महिलाओं की आबादी कम
वैसे चीन में औरतों की बेहतर पढ़ाई को नीचा दिखाने के पीछे एक और वजह है. असल में यहां महिलाओं की तुलना में पुरुषों की जनसंख्या काफी ज्यादा है. नेशनल ब्यूरो ऑफ स्टेटिस्टिक्स के मुताबिक साल 2020 में ही चीनी पुरुषों की संख्या महिलाओं से 24 मिलियन से ऊपर जा चुकी है. अब चीन में लड़कों की बड़ी आबादी शादी के लिए साथी न मिलने की समस्या से जूझ रही है. यहां तक कि पड़ोसी देशों और पाकिस्तान की भी माइनोरिटी से लड़कियों की चीन में तस्करी की खबरें आती रहती हैं. माना जा रहा है कि युवाओं के अविवाहित रहने पर बच्चों की संख्या भी कम रहेगी और इससे अर्थव्यवस्था पर बुरा असर होगा.

चीन में औरतों की बेहतर पढ़ाई को नीचा दिखाने के पीछे कई वजह हैं- सांकेतिक फोटो (needpix )


की जा रही है बहुपतित्व की बात
समस्या को हल करने के लिए चीन के जाने-माने अर्थशास्त्री ने two-husband रणनीति अपनाने की बात कही है. इस चीनी वेबसाइट में अपने नियमित स्तंभ लिखने वाले ये प्रोफेसर काफी ख्यात हैं. उन्होंने बहुपतित्व की वकालत करते हुए तिब्बत का भी हवाला दिया कि वहां पर भी कई समुदायों में एक पत्नी के कई पति होते हैं. “Is polyandry really a ridiculous idea?” यानी क्या बहुपतित्व वाकई में खराब है शीर्षक के साथ उन्होंने तिब्बत की बात की. और चीन को भी इसी तरीके से समस्या हल करने का सुझाव दिया. हालांकि खुद चीन में ही इस बात पर काफी बवाल हुआ था लेकिन तब भी शिक्षित महिलाओं के साथ व्यवहार में बदलाव नहीं आया.

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यहां तक कि चीन में महिला अधिकारों पर बात करने वाली संस्था, All-China Women’s Federation ने साल 2011 में कह दिया था कि जब तक युवतियां एमए या पीएचडी खत्म करती हैं, वे बासी मोती जैसी रह जाती हैं. बता दें कि ये संस्था चीन की सरकारी संस्था है, जो खुद ही महिलाओं की उच्च शिक्षा को बाधा मानती है.
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