दक्षिण अफ्रीका में भारतीयों को क्यों बनाया जा रहा है निशाना

रंगभेद के बाद दक्षिण अफ्रिका (South Africa) में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर हिंसा हुई है. (फोटो: AFP)

South Africa में भारतीय समुदाय (Indian Community) के लोगों पर हमले हो रहे हैं. इसके पीछे भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा (Jacob Zuma) के भारत के गुप्ता बंधुओं से संबंध हैं.

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    दक्षिण अफ्रीका (South Africa) में हिंसा हो रही है. इस हिंसा में निशाना भारतीय समुदाय (Indians) है. क्या यह अफ्रीकी लोगों के मन में भारतीयों के प्रति वाकई कोई गुस्सा है या फिर ये किसी यह एक सोची समझी रणनीति के तहत की गई हिंसा है. इसका संबंध भ्रष्टाचार के आरोप में दक्षिण अफ्रिका के पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा (Jacob Zuma) की गिरफ्तारी से है जिसके बाद फैली हिंसा में भारतीयों को निशाना बनाया गया है. भ्रष्टाचार के इन मालमों में भारतीय मूल के गुप्ता बंधुओं के शामिल होने से लोगों में भारतीयों के प्रति नाराजगी इस हिंसा कारण बताया जा रहा है.

    क्या है मामला
    यह रंगभेद के बाद से दक्षिण अफ्रीका में हुई सबसे खराब हिंसा बताई जा रही है. इस हिंसा में जुमा के समर्थक शामिल हैं जो उनके जेल जाने के बाद से भारतीय समुदाय पर भड़के हुए हैं. जुमा पर कोर्ट ने अपने उस आदेश का उल्लंघन करने के लिए सजा सुनाई है जिसमें उन्हें अपने कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार के मामलों की जांच में प्रस्तुत होना था. जुमा 2009 से 2018 तक दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति थे. दक्षिण अफ्रीका में ये दंगे जुमा को बचाने और प्रभावशाली गुप्ता परिवार पर ध्यान लगवाने का प्रयास बताए जा रहे हैं.

    कौन हैं गुप्ता बंधु
    जुमा के भ्रष्टाचार के मामले के तार भारतीय मूल के तीन गुप्ता बंधुओं तक जाते हैं. ये सहारनपुर उत्तर प्रदेश के अजय, अतुल और राजेश गुप्ता हैं. रंगभेद के बाद नेल्सन मंडेला के कार्यकाल में ये भाई 1993 में दक्षिण अफ्रीका आए और सबसे पहले सहारा कम्प्यूटर्स की स्थापना की. इसके बाद इस परिवार ने अपना व्यवसाय विमानन, ऊर्जा, उत्खनन, तकनीकी और मीडिया में फैला लिया.

    जुमा के कार्यकाल में विस्तार
    जुमा के कार्यकाल में गुप्ता बंधु को सरकार से बहुत सारे लाभ मिले जिसके बाद उनका पूर्व राष्ट्रपति से नजदीकी संबंध हो गए जो साल 2015-16 में एक सहारा कम्प्यूटर कार्यक्रम में दिखाई भी दिए. रिपोर्ट्स के मुताबिक अतुल गुप्ता 2016 में दक्षिण अफ्रिका के 7वें सबसे बड़े धनी बन गए. और उनकी नेटवर्थ 77.3 लाख डॉलर तक पहुंच गई.

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    जैकब जुमा (Jacob Zuma) साल 2009 स 2018 तक दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति थे. (तस्वीर: 360b / Shutterstock)


    पारिवारिक नजदीकियां
    गुप्ता बंधुओं और जमा के बीच में नजदीकियां तब और बढ़ गईं जब जुमा के बच्चे डुडुजेलि जुमा और डुडुजेन जुमा ने गुप्ता बंधुओं की कम्पनियों में काम करना शुरू कर दिया जबकि जुमा के एक पत्नी बोंगी एनगेमा जुमा गुप्ता  बंधुओं की उत्खनन कंपनी में काम करने लगीं. यहीं से दोनों परिवारों के बीच लोगों का गुस्सा बढ़ने लगा और जुप्ताज शब्द का उदय हुआ.

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    भ्रष्टाचार के आरोप
    गुप्ता और जुमा बंधुओं के बीच गठजोड़ साल 2016 के बाद कुछ प्रमुखता से दिखा. आरोप है कि गुप्ता बंधुओं ने जुमा के मंत्रिमंडल की नियुक्ति को प्रभावित करने का प्रयास किया जिसमें उन्होंने वित्त मंत्रालय के प्रमुख पदों की पर पदोन्नति का वायदा किया था यदि उनके व्यवसायिक हितों का ध्यान रखा जाए.

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    साल 12017 में जैकब जुमा (Jacob Zuma) को भारी विरोध का सामना करना पड़ा था जिसके बाद उन्हें अपने कुर्सी गंवानी पड़ी थी. (तस्वीर: Charles HB Mercer / Shutterstock)


    जुमा को छोड़ना पड़ा पद
    इसी तरह से 2017 में हैक हुए एक लाख ईमेल की जांच में पाया गया कि वर्दे फार्म परियोजना में सरकारी पैसा अतुल गुप्ता के अकाउंट में गया था. इसका भारी जनविरोध हुआ और जुमा को बाहर करने की मांग होने लगी . 2018 में  विपक्ष जुमा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जिससे अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस को जुमा से हटने के लिए कहना पड़ा.

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    गुप्ता बंधु अभी फरार हैं. ऐसा बताया जा रहा है कि वे फिलहाल दुबई में हैं, जिसके साथ दक्षिण अफ्रीका की प्रत्यर्पण संधि नहीं है. गुप्ता परिवार पर कुल 1.2 करोड़ अफ्रीकी रैंड के भ्रष्टाचार का आरोप है. जुमा फिलहाल भ्रष्टाचार मामले में कोर्ट की अवमानना के आरोप में 15 महीनों की जेल की सजा काट रहे हैं. हिंसा में 72 लोग मारे जा चुके हैं. भारत सरकार ने हिंसा पर चिंता जताई है और दक्षिण अफ्रीकी सरकार भी हिंसा के खिलाफ सक्रिय हो चुकी है.

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