Home /News /knowledge /

आखिर इंडोनेशिया में ही क्यों आती है दुनियाभर की तबाही?

आखिर इंडोनेशिया में ही क्यों आती है दुनियाभर की तबाही?

इंडोनेशिया के पालू में सुनामी से हुई तबाही का मंजर (फाइल फोटो)

इंडोनेशिया के पालू में सुनामी से हुई तबाही का मंजर (फाइल फोटो)

हाल ही में इंडोनेशिया में आई भीषण सुनामी में करीब 300 लोगों की मौत हो गई है. दो महीने पहले भी सुनामी में ही 800 लोग मारे गए थे. इस इलाके में एक साल में कई बार भूकंप आ जाता है.

    सुनामी से इंडोनेशिया में भारी तबाही आई है. इंडोनेशिया में ज्वालामुखी फटने से आई सुनामी में मरने वालों की संख्या बढ़कर 281 तक जा पहुंची है और लगभग 800 लोग घायल हुए है. इस सुनामी के कारण करीब 20 मीटर ऊंची लहरें उठीं, जिसने कई टूरिस्ट बीच और तटवर्ती इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया और भारी तबाही मचाई. इंडोनेशिया की भूगर्भीय एजेंसी सुनामी की असली वजह पता लगाने में जुटी है. शुरू में अधिकारियों ने दावा किया था कि यह सुनामी नहीं है और सिर्फ समुद्र में उठीं ऊंची लहरें हैं. इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान और भूगर्भ एजेंसी के वैज्ञानिकों ने कहा कि अचानक क्राकाटाओ ज्‍वालामुखी के फटने के बाद समुद्र के नीचे भूस्खलन सुनामी का कारण हो सकता है.

    इंडोनेशिया में हमेशा आते रहते हैं भूकंप और सुनामी
    ऐसे में इंडोनेशिया में लगातार आने वाले भूकंप और सुनामी फिर चर्चा का विषय बन गए हैं. इसी साल की शुरुआत में लोमबोक द्वीप में कई तगड़े भूकंप आए थे. जिसमें सबसे ज्यादा खतरनाक रिक्टर स्केल पर 6.2 तीव्रता का भूकंप था. यह 5 अगस्त को यहां आया था. इस भूकंप में 550 लोगों की मौत हो गई थी. इसी तरह से 2010 में द्वीप में रिक्टर स्केल पर 7.5 तीव्रता का भूकंप आया था. जिसके बाद सुमात्रा के तटीय इलाकों में भयानक सुनामी आई थी. जिसमें 400 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी. इसी भूकंप में जावा द्वीप पर 600 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी.

    दो महीने पहले अक्टूबर में भी इंडोनेशिया में आए भूकंप और सुनामी से 800 से ज्यादा लोग मारे गए थे. अक्टूबर में आए इस भूकंप की रिक्टर स्केल पर तीव्रता 7.5 थी. इसके बाद समुद्र में 5 से 10 फीट की लहरें उठीं, जिन्होंने इस द्वीप पर भारी तबाही मचाई थी.

    क्यों इंडोनेशिया में आती है इतनी प्राकृतिक तबाही?
    इसके बाद से लगातार यह सवाल लोगों के मन में है कि आखिर इंडोनेशिया में ऐसा क्या है कि यहां सबसे ज्यादा प्राकृतिक तबाही आती है?

    दरअसल इंडोनेशिया,जावा और सुमात्रा जैसे देशों में ऐसा इसलिए होता है क्योंकि यह इलाका 'रिंग ऑफ फायर' इलाके में आता है. प्रशांत महासागर के किनारे-किनारे स्थित यह इलाका दुनिया का सबसे खतरनाक भू-भाग है.

    क्या है रिंग ऑफ फायर?
    इंडोनेशिया एक एक्टिव भूकंप जोन में स्थित है. यही कारण है कि यहां पर इतने ज्यादा भूकंप आते हैं. इंडोनेशिया प्रशांत महासागर में स्थित 'रिंग ऑफ फायर' का हिस्सा है.

    'रिंग ऑफ फायर' प्रशांत महासागर के बेसिन का इलाका है. जहां पर कई ज्वालामुखी फटते रहते हैं और तगड़े भूकंप के झटके आते हैं. भूकंप के चलते ही इसके आस-पास के समुद्रों में सुनामी का जन्म होता है. यह रिंग ऑफ फायर का इलाका करीब 40 हज़ार किमी के दायरे में फैला है. यहां पर विश्व के कुल एक्टिव ज्वालामुखियों के 75 फीसदी ज्वालामुखी हैं.

    अमेरिका के जियोलॉजिकल सर्वे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इसी इलाके में दुनिया के 90 फीसदी भूकंप आते हैं और बड़े भूकंपों में से भी 81 फीसदी इसी इलाके में आते हैं. यहां आने वाले भूकंपों का सीधा संबंध धरती के नीचे वाली प्लेट के खिसकने से है. जिनके खिसकने का कारण एक्टिव ज्वालामुखी भी होते हैं.

    2004 में आई सुनामी आज भी यहां लोगों को डराती है
    इस भूकंप और सुनामी के चलते लोगों को 14 साल पहले की सुनामी की तबाही की याद हो आई है, जब रिक्टर स्केल पर 9.1 के भूकंप ने सुनामी को जन्म दिया था, जिसका बहुत बुरा असर सुमात्रा पर हुआ था. इतना बुरा कि इसे दुनिया के जाने हुए इतिहास की सबसे खतरनाक प्राकृतिक आपदाओं में से एक माना जाता है. इसका असर 14 देशों पर पड़ा था. इस सुनामी का बड़ा शिकार इंडोनेशिया भी बना था. जहां इस सुनामी के बाद इंडोनेशिया में 1 लाख 68 हज़ार लोगों की मौत हो गई थी.

    यह भी पढ़ें : चलती ट्रेन से मोबाइल फोन या कोई कीमती चीज गिरे तो ऐसे पा सकते हैं वापस

    Tags: Earthquake, Fire, Indonesia, Live volcano, Tsunami

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर