दुनिया का ये इलाका है सबसे ज्यादा भूकंप प्रभावित, कहते हैं 'रिंग ऑफ फायर'

दुनिया का ये इलाका है सबसे ज्यादा भूकंप प्रभावित, कहते हैं 'रिंग ऑफ फायर'
इंडोनेशिया में आते हैं सबसे ज्यादा भूकंप (फाइल फोटो)

रिंग ऑफ फायर' इलाके में होने के कारण इंडोनेशिया में भूकंप से तो तबाही होती ही है साथ ही दूसरी प्राकृतिक आपदाएं भी सबसे ज्यादा आती हैं

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 24, 2019, 5:02 PM IST
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भूकंप आने की वजह होती है धरती के अंदर की प्लेटें. ये प्लेटें धरती के अंदर 80 से 100 किमी की गहराई पर होती हैं. ये प्लेटें 10 से 40 मिलीमीटर प्रति वर्ष की गति से इधर-उधर खिसकती रहती हैं. इन्हीं प्लेटों में से जो अगर कोई तेज गति से खिसक जाती है तो भूकंप आता है. अंग्रेजी में इस सिद्धांत को 'प्लेट टैक्टॉनिक' कहते हैं.

भूकंप की तीव्रता मापने के लिए रिक्टर स्केल पैमाने का इस्तेमाल होता है. इसपर 1 से 9 की तीव्रता के बीच इसे मापा जाता है. भारत में उत्तर-पूर्व के सभी राज्य, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड तथा हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्से भारत के सबसे ज्यादा भूकंप संभावित इलाकों में आते हैं. बुधवार को ही अरुणाचल प्रदेश में 5.9 तीव्रता का भूकंप आया था.

वैसे दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप प्रभावित इलाके की बात करें तो वह इंडोनेशिया है. पिछले साल की शुरुआत में और फिर दिसंबर में इंडोनेशिया में दो बड़े भूकंप आए थे. इन दोनों ही भूकंपों के दौरान सैकड़ों लोगों की जानें गई थीं.



इंडोनेशिया में क्यों आती है सबसे ज्यादा प्राकृतिक तबाही?



इंडोनेशिया में सबसे ज्यादा प्राकृतिक तबाही आने का कारण है इसका 'रिंग ऑफ फायर' में होना. इंडोनेशिया के अलावा जावा और सुमात्रा भी इसी इलाके में आते हैं. प्रशांत महासागर के किनारे-किनारे स्थित यह इलाका दुनिया का सबसे खतरनाक भू-भाग है.

रिंग ऑफ फायर एक एक्टिव भूकंप जोन है. यहां पर ज्वालामुखी फटने से तगड़े भूकंप से झटके आते हैं. इससे आस-पास के इलाकों में सुनामी भी आती है. यह इलाका करीब 40 हज़ार वर्ग किमी के इलाके में फैला हुआ है. विश्व के कुल एक्टिव ज्वालामुखी में से 75% यहीं पर हैं.

जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ अमेरिका की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इसी इलाके में दुनिया के 90 फीसदी भूकंप आते हैं और बड़े भूकंपों में से भी 81 फीसदी इसी इलाके में आते हैं. यहां पर लोगों ने अब बिल्डिंगों को भूकंप में ढ़हने से बचाने के लिए खराब हो चुके टायरों का प्रयोग शुरू किया है.



2004 में आई सुनामी आज भी यहां लोगों को डराती है
लोगों को 14 साल पहले आई भूकंप और सुनामी आज भी नहीं भूली है. जब रिक्टर स्केल पर 9.1 के भूकंप ने सुनामी को जन्म दिया था, जिसका बहुत बुरा असर सुमात्रा पर हुआ था. इतना बुरा कि इसे दुनिया के जाने हुए इतिहास की सबसे खतरनाक प्राकृतिक आपदाओं में से एक माना जाता है. इसका असर 14 देशों पर पड़ा था. इस सुनामी का बड़ा शिकार इंडोनेशिया भी बना था. जहां इस सुनामी के बाद इंडोनेशिया में 1 लाख 68 हज़ार लोगों की मौत हो गई थी.

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First published: September 24, 2019, 5:00 PM IST
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