चीन में हर चौथा कपल ले रहा है तलाक, अलग होने की फीस सिर्फ 2 डॉलर

80 के दशक और उसके बाद में जन्में सभी बच्चों को बिना किसी भाई-बहन के अकेले ही बड़ा होना पड़ा. इस वजह से उनके अंदर बांटने की प्रवृत्ति ख़त्म हो गई है.

News18Hindi
Updated: February 9, 2019, 12:38 PM IST
चीन में हर चौथा कपल ले रहा है तलाक, अलग होने की फीस सिर्फ 2 डॉलर
एक दूसरे से अलग होने को तैयार हैं चीनी जोड़े
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Updated: February 9, 2019, 12:38 PM IST
चीन बीते कई सालों से दुनिया की सबसे बड़ी शक्ति बनने की होड़ में शामिल है. चाहे विज्ञान हो या इकॉनमी, हर क्षेत्र में तरक्की कर रहा मामले में बहुत पिछड़ता जा रहा है. यह क्षेत्र है लंबे समय तक चलने वाली शादियां. बीते एक दशक में चीन के युवाओं में तलाक लेने की दर में बढ़ोतरी हुई है. चीन के युवा अब शादी में कम और तलाक पर ज्यादा यकीन करने लगे हैं. चीन की राजधानी बीजिंग में 100 में से 40 जोड़े तलाक लेकर अलग हो गए हैं. यानी हर 4 में से एक व्यक्ति तलाकशुदा है!

चीनी सरकार की स्टेटिस्टिक बुलेटिन में पाया गया कि बीते सालों में यह दर लगातार बढ़ी ही है. 2014 में यह दर 2.67 प्रतिशत थी जो 1985 के 0.4 प्रतिशत से दोगुनी से भी अधिक है. चीन के बहुत से लोग इस बढ़ते हुए तलाक के कल्चर के लिए सोशल मीडिया को जिम्मेदार मानते हैं!

सोशल मीडिया की वजह से बढ़ रही है दूरियां:



बहुत से चीनी युवाओं का मानना है कि सोशल मीडिया उन्हें एक दूसरे से दूर कर रहा है. चीन में बाकी दुनिया की तरह व्हाट्सऐप और फेसबुक नहीं हैं लेकिन उनके अपने बहुत से सोशल मीडिया ऐप हैं.चीनीसोशल मीडिया ऐप जैसे विक्सिन (वी चैट) और मोमो (टिंडर) की वजह से लोगों से मिलना और नयी दोस्तियां बनाना बहुत आसान हो गया है. बहुत से उम्रदराज लोग मानते हैं कि सोशल मीडिया की वजह से अफेयर करना आसान हो गया है, इसीलिए युवा शादी में बंधकर नहीं रहना चाहते.

औरतें हुई हैं सशक्त, इसलिए गलत शादी से हो रही हैं आजाद:

बीते एक दशक में चीन में औरतोंकी हालत में सुधार हुआ है. खासकर शहरी औरतें अब बेहतर शिक्षा और नौकरियां हासिल कर रही हैं. उनमें यह समझ बढ़ने लगी है कि तलाक लेना कोई शर्मनाक बात नहीं है. इसीलिए अब शहरी औरतें गलत और तकलीफ भरी शादियों से खुदको आजाद कर रही हैं. शादी टूटने के बाद चीनी संस्कृति में औरतों के लिए दूसरे पार्टनर तलाशना बहुत मुश्किल हो जाता था.

लेकिन अब डेटिंग ऐप्स की बदौलत महिलाएं बहुत से लोगों को डेट कर रही हैं और खुद को शादी से अधिक खुश महसूस कर रही है. पहले चीनी महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से अपने पतियों पर निर्भर होना पड़ता था. लेकिनअब महिलाएं खुद सक्षम हैं. वाइट कालर नौकरियों पर जहाँ पहले आदमियों का ही हक़ होता था, अब वहां महिलाएं भी अपनी सफलता के परचम लहरा रही हैं. बहुत मामलों में औरतें आदमियों से ज्यादा कमा रही हैं. इसीलिए वो जबरदस्ती की शादी से खुद को आजाद करने के लिए तलाक का सहारा ले रही हैं.
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चीन की 'एक ही बच्चा ' पॉलिसी भी है जिम्मेदार:

80 के दशक में बढ़ती आबादी को देखते हुए चीन ने 'एक ही बच्चा' पॉलिसी लागू कर दी थी. इस पॉलिसी के तहत सभी चीनी कपल को सिर्फ एक ही बच्चा पैदा करने का अधिकार था. इससे चीन की जनसंख्या तो कंट्रोल हो गई लेकिन एक नई समस्या पैदा हो गई.

80 के दशक और उसके बाद में जन्में सभी बच्चों को बिना किसी भाई-बहन के अकेले ही बड़ा होना पड़ा. इस वजह से उनके अंदर बांटने की प्रवृत्ति ख़त्म हो गई है. लोगों का मानना है कि इस वजह से यह पीढ़ी बहुत स्वार्थी हो गई है. वही वजह है कि इन लोगों को किसी के साथ रहने में मुश्किल आ रही है. इसीलिए ऐसे कपल्स में जल्दी लड़ाइयां होती हैं और तुरंत ही तलाक की नौबत आ जाती है.

चीन में तलाक लेना आसान हुआ है:

इन सभी कारणों के अलावा चीन में तलाक लेना बहुत आसान हुआ है. अब सिर्फ 2 डॉलर में लोग तलाक ले सकते हैं. 2003 से पहले तक तलाक लेने के लिए एक तीसरी पार्टी की जरूरत पड़ती थी. लेकिन उसके बाद से यह कानून पूरी तरह से बदल गया है. दूसरे देशों में अगर आप तलाक की अर्जी देते हैं तो पहले आपको कुछ समय तक अलग-अलग रहना पड़ता है. साथ ही कॉउंसलर की भी मदद लेनी पड़ती है. इसके बाद भी दो लोग साथ रहने के लिए तैयार ना हों तो तलाक दिया जाता है. लेकिन चीन में अलग रहने की कोई पॉलिसी नहीं है. सिर्फ 2 डॉलर जमा कर आप तलाक ले सकते हैं. इसीलिए चीन में तलाक की दरों में बढ़ोतरी हुई है.

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