लाइव टीवी

दोमुंहा सांप की अंतरराष्ट्रीय मार्केट में क्यों करोड़ों में होती है कीमत?

News18Hindi
Updated: November 5, 2019, 1:01 PM IST
दोमुंहा सांप की अंतरराष्ट्रीय मार्केट में क्यों करोड़ों में होती है कीमत?
दोमुंहा सांप को भारत में 1972 के वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित किया गया है.

भारत में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (Wildlife Protection Act) 1972 के तहत संरक्षित दोमुंहा सांप का इस्तेमाल विशेषरूप से तांत्रिक क्रियाओं में किया जाता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 5, 2019, 1:01 PM IST
  • Share this:
भारत में संरक्षित दोमुंहा सांप (double-faced snake ) की अंतरराष्ट्रीय मार्केट (international market) में बहुत ज्यादा डिमांड है. जहां इसकी कीमत करोड़ों में बताया जाती है. राजस्थान के मरूस्थीय इलाकों में बहुतायत से पाये जाने वाले दोमुंहा सांप का वैज्ञानिक नाम रेड सेंड बोआ स्नेक है. इस सांप से जुड़े कुछ रूढ़ियों के चलते बहुत बड़े पैमाने पर इसकी स्मगलिंग होती है. अंतरराष्ट्रीय डिमांड के चलते इस सांप को विदेशों में 3 करोड़ से लेकर 25 करोड़ रुपए तक की कीमत में बेचा जाता है.

एक रिपोर्ट के अनुसार, दोमुंहे सांप का इस्तेमाल विशेषरूप से तांत्रिक क्रियाओं में किया जाता है. वहीं कुछ लोगों का ऐसा भी मानना है कि इन सांप को खाने से शारीरिक शक्ति और यौन शक्ति में बढ़ोतरी होती है. साथ ही एड्स जैसी खतरनाक बीमारी का भी इलाज इससे संभव है. हालांकि ऐसा होने के पीछे कोई वैज्ञानिक कारण नहीं हैं. लेकिन ऐसी किदवंतियों के चलते बड़े पैमाने पर इनकी तस्करी की जाती है.

दोमुंहा सांप को खाने से शारीरिक शक्ति और यौन शक्ति में बढ़ोतरी होती है.


देश के कई हिस्सों से होती है तस्करी

जानकारों का मानना है कि इस सांप की तस्करी देश के कई हिस्सों में चल रहा है. जिसमें मुख्यतौर पर बिहार, बंगाल, मध्य प्रदेश, उत्तरप्रदेश और हरियाणा राज्य शामिल हैं. दोमुंहे सांप का वास्तव में दो मुंह से कोई वास्ता नहीं होता है. दरअसल इस सांप की पूंछ की बनावट ऐसी होती है कि यह मुंह की तरह दिखाई देती है.

खतरा होने पर ये सांप अपनी पूंछ को मुंह की तरह ही हवा में खड़ा कर लेता है. जिसके चलते इस सांप को दो मुंहा सांप कहते हैं. इस सांप को लेकर दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में कई मिथक प्रचलित हैं. जिनके चलते इन सांप के अस्तित्व पर खतरा उत्पन्न हो गया है. भारत सरकार ने इन सांप को बचान के लिए 1972 में अन्य पांच जीवों के साथ इसे भी संरक्षित जीव में रखा है.

दोमुंहा सांप की पूंछ की बनावट ऐसी होती है कि यह मुंह की तरह दिखाई देती है.

Loading...

दोमुंहे सांप का मांस खाने से बीमारियों का इलाज
मध्य एशिया के देशों में ऐसी मान्यता है कि दोमुंहे सांप का मांस खाने से व्यक्तियों की बीमारी ठीक हो जाती है. यहां ऐसा भी माना जाता है कि ऐसे सांपों के सेवन से पुरूषों की जवानी मौत होने तक बनी रहती है. इसके अलावा कुछ आदिम कबीलों की ऐसी भी मान्यता है कि इस सांप से सर्वशक्तिमान ईश्वरीय ताकत को भी अपने नियंत्रिण में किया जा सकता है.

वहीं चीनी मान्यताओं के अनुसार दोमुंहे सांप को खाने से सेक्स पावर बढ़ती है. साथ ही मलेशियन लोगों की यह मान्यता है कि जिसके पास दोमुंहा सांप होता है उसका भाग्योदय हो जाता है. दोमुंहा सांप भारत सहित ईरान और पाकिस्तान में पाया जाता है. वैज्ञानिकों के अनुसार यह शर्मिला सांप है, जो रेतीली मिट्टी में पाया जाता है.

चीनी मान्यताओं के अनुसार दोमुंहे सांप को खाने से सेक्स पावर बढ़ती है.


मनुष्यों के लिए खतरा नहीं
यह सांप मनुष्यों से दूर भागता है. चूहे, कीड़े-मकोडे तथा छोटे जानवरों के शिकार पर यह सांप निर्भर करता है. यह सांप को लोगों के लिए खतरा नहीं होता है. अभी तक मनुष्यों को कटने का कोई मामला सामने नहीं आया है. वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट के अनुसार यह सांप शांत प्रवृति का होता है. जिसमें जहर की मात्रा न के बराबर होती है.

वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत संरक्षित होने के बाद, इसके पाए जाने पर वन विभाग को जानकारी देना अनिवार्य है. जहां इस सांप का डॉक्युमेंटेशन होता है. इस सांप को मारना और तस्करी करना कानूनन अपराध है.

ये भी पढ़ें:

अन्य देशों की तुलना में जानिए कितना गंभीर है दिल्ली का प्रदूषण

टेरर फंडिंग पर इस रिपोर्ट से बढ़ी इमरान की मुसीबत

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए नॉलेज से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 5, 2019, 1:01 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...