होम /न्यूज /नॉलेज /क्यों दूसरे फुटबॉलर्स से डिफरेंट हैं मेसी

क्यों दूसरे फुटबॉलर्स से डिफरेंट हैं मेसी

क्या हैं अर्जेंटीनी फुटबालर की शारीरिक खासियतें, जो उन्हें एक नेचुरल एथलीट बनाती है.

    कहा जाता है कि फुटबाल में एक से एक दिग्गज खिलाड़ी हुए हैं लेकिन लियोनल मेसी सरीखा कोई नहीं हुआ और न ही होगा. वह देखने में जितने सामान्य लगते हैं खेलने में उतने ही असाधारण. मैदान पर उतरते ही वह डायनमो बन जाते हैं. उनके साथी फुटबालर कहते हैं कि अगर तीन अलग तरह के फुटबॉलर को मिला दें तो जो सामने आएगा, वो मेसी होंगे.

    आइए मेसी की खूबियों के बारे में जानते हैं, जिसने उन्हें पिछले एक दशक में दुनिया का सबसे महानतम खिलाड़ी बना दिया. मेराडोना जैसा महान खिलाड़ी भी कहता है कि उन्होंने अपनी जिंदगी में बहुत ढेर सारे फुटबॉलर्स को देखा है लेकिन मेसी जैसा गेंद कंट्रोल करने वाला नहीं देखा.

    संंतुलन यानि बैलेंस
    मेसी पांच फुट छह इंच के हैं यानि अपने आइडियल डिएगो मेराडोना से एक इंच लंबे. उनका बॉडी संतुलन और चपलता मेराडोना सरीखी है. कद में लंबा नहीं होने से उनके शरीर की सेंटर ऑफ ग्रेविटी नीचे रहती है, लिहाजा दौड़ने और खुद को संतुलित रखने में मदद मिलती है. ये उनकी स्पीड को बढ़ाता है. वह जब गेंद लेकर दौड़ते हैं तो उनकी स्पीड अविश्वसनीय तौर पर बढ़ जाती है. वह अपनी स्पीड कभी और कैसी भी हालत में बढा सकते हैं. गेंद लेकर दौड़ते समय वह अचानक डायरेक्शन यानि दिशा बदलने में सक्षम हैं.

    मजबूत पैर
    उनके पैर छोटे और मजबूत हैं. लिहाजा जब वो ड्रिबलिंग करते हैं तो उनसे गेंद को ले पाना टेढी खीर बन जाता है. उनके दोनों पैरों का तालमेल गजब का है हालांकि उन्हें बाएं पैर का खिलाड़ी माना जाता है. वो दमदार शाट, अचूक पास और पैने किक लगाते हैं. खासकर उन्हें फ्री किक और पेनाल्टी किक का विशेषज्ञ माना जाता है. ये उनके पैरों की ही खासियत है कि उन्हें दुनिया का सबसे बेहतरीन ड्रिबलर कहा जाता है. हालांकि डाइव के मामले में उन्हें कुछ कमजोर कहा जाता है.

    Lionel Messi

    पैनी आंखें
    उनका विजन शानदार और असाधारण कहा जाता है. वह गेंद लेकर भागने के साथ मैदान की गतिविधि पर नजर रखने में सक्षम रहते है. इसके चलते उनके पास ऐसे होते हैं कि विरोधी खिलाड़ी अक्सर चकित रह जाते हैं. उन्हें अंदाज भी होता कि वो ऐसा कर सकते हैं.

    ऊपरी शरीर
    ऐसा नहीं है कि उनके शरीर का निचला ही ज्यादा मजबूत है बल्कि निचले शरीर को संतुलित करने के लिए ऊपरी हिस्सा भी वैसा ही है. छातियां चौड़ी और शरीर सौष्ठव दमदार है. दोनों हाथों का फैलाव दौड़ते समय संतुलन में मदद करता है.

    News18 Hindi

    सिर
    उनका सिर आम खिलाड़ियों की तरह है. हालांकि वो ज्यादा हेडर पसंद नहीं करते.

    वजन
    उनका वजन 66 किलो के आसपास है. पिछले कुछ सालों में उन्होंने वजन को तीन से चार किलो कम किया है. ये काम उन्होंने अपने न्यूट्रीशियन की सलाह पर किया. इसके बाद उनके खेल की चपलता और बढ़ गई.

    क्या है खुराक
    उनके इतालवी न्यूट्रीशियन स्पेलिशलिस्ट ने उन्हें ज्यादा पानी पीने के साथ अच्छे ऑलिव आयल का सेवन करने और ताजे फल, सब्जियों और अार्गनिक अनाज के सेवन की सलाह दी. उनसे कहा गया कि वो पेस्टिसाइड्स आधारित अनाज, फलों और सब्जियों के सेवन से बचें. इसके अलावा उन्हें रोज ड्राईफ्रूट्स के साथ बीजों के सेवन के लिए कहा गया. एक जमाने में वह पिज्जा के दीवाने थे लेकिन अब उन्होंने इसे खाना कम कर दिया है. उसी तरह उनसे मीट और शुगर की मात्रा भी कम करने को कहा गया है.

    फिनिशर
    वह गजब के फिनिशर हैं. ये बात उन्हें दूसरों से अलग करती है. उन्हें शायद ही अवसर गंवाते देखा गया हो अगर वो पेनाल्टी एरिया में हैं और गेंद मिल जाए तो गोल में बदलने की गुंजाइश बढ़ जाती है. पेनाल्टी एरिया के बाहर से भी उन्होंने बहुत से गोल किए हैं. जैसे कि अपना 600वां गोल भी उन्होंने 30 गज दूर से किया. कहा जाता है कि उनकी स्पीड और कंट्रोल इतना तेज है कि गोलकीपर के दिमाग को पढते हुए अंतिम लम्हों में वह प्लान बदलकर गच्चा दे देते हैं.

    News18 Hindi

    मानसिक मजबूती
    मानसिक मजबूती और असाधारण हालात में भी टिके रहने की उनकी क्षमता ने उन्हें ऐसा खिलाड़ी बना दिया जो किसी भी स्थिति और कैसे भी मैदान पर खेल सकता है. प्रतिकूल हालत में उन्हें कमाल करते देखा गया है. इस मामले में वह मौजूदा और अतीत के सभी महान खिलाड़ियों से बेहतर हैं. ये बहुत कम लोगों को मालूम है कि जब वह छोटे थे तो उन्हें ग्रोथ हार्मोन डिसआर्डर था. तब उनका कद चार फुट दो इंच का था. तब उन्हें महंगे इंजेक्शन लगते थे. उनका परिवार इसे वहन करने की स्थिति में नहीं था. अर्जेंटीना के रिवर प्लेट ने उन्हें केवल इसलिए नहीं लिया, क्योंकि वो एचजीएच इंजेक्शन का हर महीने का 900 डॉलर का खर्च बर्दाश्त नहीं कर सकता था. तब बार्सिलोना ने उन्हें लिया. और उनके बिलों का भुगतान किया. अन्यथा मेसी आज सामान्य जीवनशैली नहीं जी रहे होते और इतने दिग्गज फुटबाल खिलाड़ी बन पाते. तब उनकी आंखें न केवल कमजोर होतीं बल्कि प्रतिरोधक क्षमता भी कम होती. पहले वो बहुत ज्यादा होमसिक थे.

    कड़ी मेहनत करने वाले
    वह कड़ी मेहनत करने वाले खिलाड़ी माने जाते हैं. अपनी क्षमताओं में ज्यादातर की बढोतरी उन्होंने अपनी मेहनत की है.

    तकनीक तौर पर मजबूत
    मेसी की विजन बढिया है, खेल के बारे में किसी को कोई शक ही नहीं. लेकिन कहा जाता है कि फुटबाल को जितनी अच्छी तरह वह समझते हैं और टैक्निकली मजबूत हैं, उतना शायद ही कोई हो.

    स्वार्थी नहीं
    पूरी तरह टीम के खिलाड़ी. कभी भी किसी स्थिति में पास देते हैं और टीम की मदद से हिचकिचाते नहीं.

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें