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मोटापे के शिकार लोगों को प्रायोरिटी पर मिलना चाहिए वैक्सीन, पर क्या है बहस?

मोटापे के शिकार लोगों को प्रायोरिटी पर मिलना चाहिए वैक्सीन, पर क्या है बहस?

मोटापे के शिकार लोगों को कोरोना का जोखिम ज़्यादा है.

मोटापे के शिकार लोगों को कोरोना का जोखिम ज़्यादा है.

यह बताया जा चुका है कि गंभीर रोगों (Severe Medical Conditions) से ग्रस्त लोगों को कोरोना वायरस (Corona Virus) का खतरा ज़्यादा होने के कारण उन्हें प्रायोरिटी ग्रुप (Priority Groups) में रखा गया, लेकिन क्या आप जानते हैं कि संक्रमण (Covid-19) के खतरे और मोटापे का क्या कनेक्शन है?

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    वैक्सीन कार्यक्रम (Vaccine Roll-out) के तहत भारत ही नहीं, बल्कि हर जगह इस बात पर ज़ोर है कि प्रायोरिटी के आधार पर किसे पहले टीका दिया जाए. भारत में सबसे पहले फ्रंटलाइन वर्करों (Frontline Workers) को टीका दिए जाने के बाद वरिष्ठ नागरिकों और फिर 45 वर्ष से ज़्यादा उम्र के लोगों को वैक्सीन दिए जाने की गाइडलाइन जारी की गई है. दूसरी तरफ, कुछ देशों में देखने में आ रहा है कि वैक्सीन दिए जाने के मोटापे के शिकार (Obese People) लोगों को भी एक प्रायोरिटी ग्रुप बनाया गया है, लेकिन इसे लेकर एक बहस छिड़ रही है.

    अमेरिका में मोटे लोगों को वैक्सीन दिए जाने के कार्यक्रम के ऐलान के बाद भी ऐसे लोग हिचक और संकोच के चलते वैक्सीन लेने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे. सोशल मीडिया पर इसे लेकर यहां तक कहा जा रहा है कि इन लोगों को प्रायोरिटी नहीं दी जाना चाहिए. ऐसी ही चर्चाएं कनाडा में भी हो रही हैं. क्या यह प्रायोरिटी ग्रुप बनाया जाना सही है? क्या है पूरी बहस?

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    मोटापे को इतनी तवज्जो क्यों?
    यॉर्क यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर शॉन वॉर्टन ने ताज़ा लेख में बताया कि मोटापा एक पेचीदा और गंभीर मेडिकल स्थिति है, जिसे डायबिटीज़ और दिल के रोगों जैसी श्रेणी में समझा जाना चाहिए. यह सिर्फ वज़न से संबंधित नहीं है और सिर्फ डायट या व्यायाम ही इसके इलाज नहीं हैं. जेनेटिक और कई मेडिकल कारणों से यह समस्या हो सकती है और केस के हिसाब से इसके ​इलाज की प्रोसेस भी अलग होती है.

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    शर्म और हिचक के चलते अमेरिका में मोटे लोग वैक्सीन लेने से कतरा रहे हैं.


    कम्युनिटी बेस्ड मेडिकल सेवाएं देने वाले वॉर्टन का कहना है कि अगर लोग यह मानते हैं कि मोटे लोग अपनी गलतियों या चयन के कारण ही मोटे हैं, तो यह उनकी भूल है. इसे गंभीरता से समझना ज़रूरी है.

    मोटापा और कोविड का खतरा?
    करीब 75 अध्ययनों से डेटा लेकर किए गए ताज़ा विश्लेषणों के आधार पर यह बताया जा रहा है कि जो लोग मोटोपे से ग्रस्त हैं, उन्हें कोविड-19 के संक्रमण का खतरा तो ज़्यादा है ही, संक्रमण होने पर अस्पताल या आईसीयू में भर्ती होने और मौत होने का खतरा भी ज़्यादा है. जैसा कि अन्य गंभीर रोगों से ग्रस्त मरीज़ों के मामले में देखा गया.

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    इन स्टडीज़ के आधार पर साफ तौर से माना जा चुका है कि मोटापे के शिकार लोगों को प्रायोरिटी के आधार पर वैक्सीन ​दी जाना चाहिए. अमेरिका और कनाडा के राज्यों में 40 बीएमआई से ज़्यादा लोगों को इस ग्रुप में रखा गया है. हालांकि बीएमआई को लेकर भी विवाद है, लेकिन सुविधा के लिए इसे एक पैमाने के तौर पर रखा गया है.

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    क्या बन गई है स्थिति?
    अगर किसी को डायबिटीज़, अस्थमा या कोई अन्य गंभीर रोग है, तो वह वैक्सीन लेने के लिए पहुंच रहा है लेकिन मोटापे के शिकार लोग ज़्यादातर शर्म और हिचक के ​चलते प्रायोरिटी पर वैकसीन लेने में संकोच महसूस कर रहे हैं कि उनका मज़ाक उड़ाया जाएगा. सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से मोटे लोगों का मज़ाक किए जाने और उनकी बीमारी को लेकर गलत धारणाओं के कारण यह स्थिति बन गई है.

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    वैक्सीन के लिए प्रायोरिटी ग्रुप्स में मोटापा पीड़ितों को रखा गया है.


    एक्सपर्ट्स का कहना है कि 50 साल पहले अगर आपको डिप्रेशन होता तो लोग कहते कि मस्ती करो. लेकिन अब गंभीर डिप्रेशन एक मेडिकल कंडीशन है जिसका इलाज वैज्ञानिक अप्रोच से संभव हुआ है. यही बात मोटापे के साथ भी लागू होती है. मोटापा कई मानसिक समस्याओं की जड़ भी साबित हो चुका है. वॉर्टन समेत कई एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि मोटापे के शिकार लोगों को हिचक छोड़कर वैक्सीन लेना चाहिए और लोगों को उन्हें हतोत्साहित नहीं प्रोत्साहित करने वाला माहौल देना चाहिए.

    मोटे लोगों को कैसे होता है खतरा?
    आप जानते हैं कि मोटापे के शिकार होने पर गुर्दे, दिल, कार्डियोवैस्कुलर, डायबिटीज़, कुछ कैंसरों और अन्य गंभीर रोगों का खतरा बढ़ जाता है. इन रोगों से ग्रस्त लोगों के लिए कोरोना वायरस संक्रमण का जोखिम ज़्यादा साबित हो चुका है. डेटा की मानें तो मोटापे के शिकार भी इन्हीं कारणों से कोरोना संक्रमण को लेकर ज़्यादा संवेदनशील हैं.

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    दर्जनों अध्ययनों में पाया जा चुका है कि कोविड-19 बेहद गंभीर जिन केसों में हो सकता है, उनमें रिस्क फैक्टरों के हिसाब से मोटापे के शिकार लोगों के केस भी हैं. इन्हीं स्टडीज़ के बाद मोटे लोगों को प्रायोरिटी ग्रुप में रखा गया.

    Tags: Corona Virus Vaccine, Covid-19 vaccine, Obesity, Research on corona

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