कैसे होते हैं वो टेस्ट, जिनसे PNB घोटाले में आरोपी ने किया इनकार

News18Hindi
Updated: August 23, 2019, 7:53 PM IST
कैसे होते हैं वो टेस्ट, जिनसे PNB घोटाले में आरोपी ने किया इनकार
पॉलीग्राफ टेस्ट तकनीक को 80 से 90 फीसदी ही सही माना जाता है.

पीएनबी घोटाले (PNB Scam) के मुख्य आरोपी नीरव मोदी (Nirav Modi) और मेहुल चौकसी (Mehul Choksi) की गैर कानूनी मदद करने के आरोपी शेट्टी ने पॉलीग्राफ टेस्ट से इनकार किया है. जानें क्यों इस मामले में इस टेस्ट की ज़रूरत है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 23, 2019, 7:53 PM IST
  • Share this:
सीबीआई (CBI) चाहती है कि पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank) के पूर्व अधिकारी गोकुलनाथ शेट्टी (GK Shetty) का पॉलीग्राफ और नारको एनालिसिस टेस्ट (Polygraph Test) किया जाए लेकिन शेट्टी ने इस टेस्ट से मना कर दिया है. पीएनबी में 7 हज़ार करोड़ रुपये के घोटाले के मामले में नीरव मोदी और मेहुल चौकसी फरार हैं और इसी सिलसिले में सीबीआई शेट्टी से पूछताछ कर रही है. सीबीआई के मंशा ज़ाहिर करने के बाद शेट्टी ने ऐसे टेस्ट करवाने से मना किया है. उसने दलील दी है कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के निर्देश हैं कि इस टेस्ट के लिए आरोपी की मंज़ूरी लिया जाना ज़रूरी है. क्या आप पॉलीग्राफ व नारको एनालिसिस टेस्ट (Narco-Analysis Test) के बारे में जानते हैं?

ये भी पढ़ें : महिला होगी पाकिस्तान की पहली अंतरिक्ष यात्री, कौन हैं वो नामिरा सलीम?

पीएनबी (Punjab National Bank) के पूर्व डिप्टी मैनेजर 63 वर्षीय शेट्टी ने अपनी सेहत पर खराब असर पड़ने का कारण देते हुए यह टेस्ट करवाने से मना कर दिया. ये टेस्ट क्या होते हैं और क्यों इन्हें लाई डिटेक्टर टेस्ट (Lie Detector Test) के नाम से भी जाना जाता है? साथ ही ये भी जानें कि इस तकनीक की शुरुआत कैसे हुई थी और भारत में इनका कैसे इस्तेमाल किया जाता है.

क्या हैं पॉलीग्राफ, नारको एनालिसिस टेस्ट?

इन परीक्षणों के ज़रिए किसी व्यक्ति का झूठ पकड़ने के लिए कई किस्म की तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है. कार्डियो कफ को संवेदनशील इलेक्ट्रोड्स भी कहा जाता है और इसे आरोपी के शरीर के कई पॉइंट्स पर लगाया जाता है जिससे उसका ब्लड प्रेशर, सांस या नब्ज़ की गति, खून के प्रवाह और पसीने की ग्रंथियों में बदलाव को जांचा जा सकता है. इस तकनीक का मकसद ये जांचना होता है कि आरोपी सच बोल रहा है या झूठ या वह सवाल का जवाब नहीं जानता.

ज़रूरी जानकारियों, सूचनाओं और दिलचस्प सवालों के जवाब देती और खबरों के लिए क्लिक करें नॉलेज@न्यूज़18 हिंदी

नारको​ एनालिसि​स टेस्ट में केमिकल तकनीक का इस्तेमाल होता है. इसमें आरोपी को सोडियम पेंटोथैल ड्रग का एक इंजेक्शन दिया जाता है ताकि वह सम्मोहन ​जैसी स्थिति में पहुंच जाए और उसकी कल्पनाशीलता तकरीबन रुक जाए. इस स्थिति में चूंकि वह कल्पना नहीं कर पाता इसलिए माना जाता है कि वह सच बोल रहा है. इस ड्रग को 'ट्रुथ सीरम' भी कहा जाता है, जो सर्जरी के कुछ मामलों में एनिस्थीसिया के तौर पर भी इस्तेमाल होती है.
Loading...

क्या है इस तकनीक का इतिहास?
19वीं सदी में एक इतालवी क्रिमिनोलॉजिस्ट सीज़ार लोम्बोर्सो ने पूछताछ के दौरान अपराधी के ब्लड प्रेशर में आने वाले अंतर को जांचने वाली एक मशीन बनाई थी. इसी तरह की तकनीक पर काम होता रहा और 1914 में अमेरिकी मनोवैज्ञानिक विलियम मार्स्ट्रन ने ऐसी ही लेकिन कुछ एडवांस मशीन बनाई और उसके बाद कैलिफोर्निया पुलिस के जॉन लार्सन ने 1921 में.

PNB Scam, PNB Scam accused, Nirav Modi news, what is polygraph test, what is lie detector test, पीएनबी घोटाला, पीएनबी घोटाले के आरोपी, नीरव मोदी, पॉलीग्राफ टेस्ट क्या है, लाई डिटेक्टर टेस्ट क्या है
भारत में कुछ आपराधिक मामलों में पहले हो चुके हैं पॉलीग्राफ या लाई डिटेक्टर टेस्ट.


क्यों है इस टेस्ट को लेकर विवाद?
पहली बात तो ये कि इन टेस्ट्स को लेकर जो परिणाम सामने आए हैं, उनमें 100 फीसदी सटीक नतीजे नहीं मिले हैं इसलिए इनकी विश्वसनीयता पर पूरी तरह भरोसा नहीं किया जाता.

भारत में होता है इन परीक्षणों का इस्तेमाल?
इन परीक्षणों को भारत में केस सुलझाने में मदद के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इसके लिए कानूनी प्रावधान हैं और बगैर मंज़ूरियों के ये टेस्ट नहीं किए जा सकते. हाल में उत्तर प्रदेश के उन्नाव रेप मामले में ये परीक्षण किए गए थे. इससे पहले अपनी बेटी शीना बोरा की हत्या के मामले में आरोपी इंद्राणी मुखर्जी के मामले में मई 2017 में ये टेस्ट किए गए थे.

इससे पहले नोएडा के चर्चित आरुषि व हेमराज हत्याकांड में आरोपी डॉ. राजेश तलवार और डॉ. नूपुर तलवार के मामले में ये टेस्ट किए गए थे. उनके कंपाउंडर कृष्णा का नार्को टेस्ट से जुड़ा एक वीडियो लीक हो जाने पर हंगामा भी हुआ था.

पीएनबी केस में क्यों है इसकी ज़रूरत?
सीबीआई ने इस केस में शेट्टी के इस तर​ह के टेस्ट किए जाने की बात कही है. इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक सीबीआई ने कहा था कि वो 'शेट्टी के दूसरे मकसदों और उसे मिले अनाधिकारिक आर्थिक लाभ' के बारे में कुछ तय कर पाने में निश्चित नहीं हो पा रही थी. शेट्टी पर नियम तोड़कर नीरव मोदी और मेहुल चौकसी की मदद करने के आरोप हैं, जिनके चलते वह मार्च 2018 से सीबीआई हिरासत में है. सीबीआई उसके खिलाफ चार्जशीट दायर कर चुकी है और इस टेस्ट से शेट्टी के इनकार को लेकर कोर्ट में अगले हफ्ते सुनवाई हो सकती है.

ये भी पढ़ें:

मुस्लिम कवियों को कृष्ण से इतना ज़बरदस्त प्रेम क्यों रहा?
सारी मक्खियां मर गईं तो कब तक ज़िंदा रहेंगे इंसान? 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए नॉलेज से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: August 23, 2019, 7:28 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...