फिर चर्चा में सबरीमाला, जानें मंदिर में महिलाओं की एंट्री के मुद्दे से जुड़ी दो कहानियां

केरल का प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर

केरल का प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर

Kerala Assembly Elections 2021: जबकि वोटिंग में सिर्फ तीन दिन रह गए हैं, पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने उस ज़िले में चुनावी रैली की, जहां सबरीमाला मंदिर है. यही नहीं, मोदी ने भाषण (PM Modi Speech) के दौरान भगवान अयप्पा (Lord Ayyappa) का जाप करते हुए सबरीमाला पर फोकस किया.

  • Share this:
केरल में पेरियार टाइगर रिज़र्व (Periyar Tiger Reserve) की 18 पहाड़ियों के बीच प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर स्थित है, जहां के प्रमुख देवता अयप्पा हैं और यहां लाखों की संख्या में हर साल श्रद्धालु देश दुनिया से पहुंचते रहे हैं. यह मंदिर महिलाओं के प्रवेश जैसे मुद्दों को लेकर पहले भी कई बार चर्चा में रह चुका है, लेकिन फिलहाल इसलिए फोकस (Focus on Sabarimala) में आ गया है क्योंकि विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र एक रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi Rally) ने भगवान अयप्पा और इस मंदिर से जुड़ी कई बातें कीं. मान्यता है कि इस मंदिर की स्थापना ऋषि परशुराम (Sage Parashuram) ने की थी. लेकिन कुछ और रोचक मान्यताएं भी इस मंदिर से जुड़ी हैं.

साल 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले में सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश को लेकर यहां अनुमति दे दी थी. इसके बावजूद, सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 साल की उम्र की महिलाओं के प्रवेश को लेकर हिचक और रोकटोक जारी रही है. रजस्वला महिलाओं के प्रवेश पर रोक को लेकर यहां दो कहानियां प्रचलित रही हैं. इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट की मानें तो इनमें से एक पौराणिक और श्रुति आधारित है, तो दूसरी को इतिहास आधारित बताया जाता है.

ये भी पढ़ें : 4 अप्रैल : उन दो नेताओं का आखिरी दिन, जिन्हें था अपनी हत्या का पूर्वाभास!

शिव और विष्णु के प्रेम की कहानी
एक श्रुति आधारित पौराणिक किस्सा इस तरह है कि समुद्र मंथन में​ निकले अमृत को राक्षसों से हासिल करने के लिए विष्णु ने मोहिनी अवतार लिया था, तो उसके बाद इस मोहिनी रूप से शिव आकर्षित हो गए थे. शिव और मोहिनी से जो संतान उत्पन्न हुई, वो भगवान अयप्पा थे.

sabarimala temple issue, sabarimala case, sabarimala controversy, kerala election news, सबरीमाला मंदिर, सबरीमाला विवाद क्या है, सबरीमाला केस, केरल विधानसभा चुनाव न्यूज़
सबरीमाला मंदिर के भगवान अयप्पा


दक्षिण में एक राक्षसी का आतंक था, जिसे वरदान के मुताबिक केवल शिव और विष्णु की संतान ही हरा सकती थी. वयस्क होने से पहले ही अयप्पा ने उस राक्षसी को हरा दिया था. हारने पर खुलासा हुआ कि वो राक्षसी वास्तव में एक रूपवती स्त्री थी जो श्राप के चलते राक्षसी का जीवन जी रही थी. हारने के बाद इस स्त्री ने अयप्पा के सामने विवाह का प्रस्ताव रखा.



ये भी पढ़ें : लग्ज़री कारों का दीवाना दुनिया का इकलौता भारतीय, जिसके पास है करोड़ों की बुगाटी

पहले अयप्पा ने मना किया, लेकिन उस स्त्री के बार बार प्रस्ताव रखने पर अयप्पा ने वचन दिया कि जिस दिन सबरीमाला में नये श्रद्धालु उनकी प्रार्थना के लिए आना बंद कर देंगे, उस दिन वो उससे शादी कर लेंगे. इस पर वह स्त्री राज़ी हुई. इस कहानी के मुताबिक उस स्त्री को आज भी सबरीमाला के पास ही मंदिर में मल्लिकापुरथम्मा के तौर पर पूजा जाता है. मान्यता के अनुसार मल्लिकापुरथम्मा के सम्मान में ही कोई रजस्वला स्त्री अयप्पा के मंदिर में नहीं जाती.

क्या है इतिहास आधारित कहानी?

भगवान अयप्पा के मंदिर के बारे में एक और कहानी के मुताबिक माना जाता है कि वो पंथलम के राजपरिवार में पैदा हुए थे. केरल के पट्टनमथिट्टा ज़िले में इस राज परिवार का वर्चस्व था. यह वही ज़िला है, जहां सबरीमाला मंदिर है और जहां भगवान अयप्पा को प्रणाम करते हुए पीएम मोदी ने शनिवार को चुनावी भाषण भी दिया.

sabarimala temple issue, sabarimala case, sabarimala controversy, kerala election news, सबरीमाला मंदिर, सबरीमाला विवाद क्या है, सबरीमाला केस, केरल विधानसभा चुनाव न्यूज़
न्यूज़18​ कार्टून


बताते हैं कि पंथलम के महल में पले बढ़े अयप्पा अपनी प्रजा के कल्याण के लिए बड़ा दिल रखते थे. तभी, बाबर या वावर नाम के एक कथित अरब आक्रांता ने उनके राज्य पर हमला किया तो अयप्पा ने उसे हरा दिया. हारने के बाद वावर पूरी श्रद्धा से अयप्पा का अनुयायी हो गया. लोग बताते हैं कि सबरीमाला से 40 किलोमीटर दूर ही एरूमली में एक गुफा को वावर की आत्मा का निवास माना जाता है. मान्यता है कि अयप्पा के श्रद्धालुओं की रक्षा वावर करते हैं.

ये भी पढ़ें : पाकिस्तान मूल के जाहिद कुरैशी, जो अमेरिका में पहले मुस्लिम फेडरल जज होंगे

इस कहानी के अनुसार अयप्पा चूंकि अपने भक्तों की प्रार्थनाएं और मनोकामनाएं पूरी करने में बहुत व्यस्त रहते हैं इसलिए उन्होंने सांसारिक इच्छाओं से मुक्त रहने का प्रण लिया, जिसमें स्त्रियों का संपर्क भी वर्जित है. कई लोग इसे ही महिलाओं के प्रवेश को लेकर चलते रहे प्रतिबंधों की वजह बताते हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज