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21वीं सदी के भारत की 'सबसे बोल्ड' प्रेम कहानी का अंत क्यों हुआ?

News18Hindi
Updated: February 19, 2020, 5:51 PM IST
21वीं सदी के भारत की 'सबसे बोल्ड' प्रेम कहानी का अंत क्यों हुआ?
2006 में जूली और मटुकनाथ की तस्वीरों ने पूरे देश के अखबारों में सुर्खियां बनाई थीं.

जूली और मटुकनाथ (Julie and Matuknath) की प्रेम कहानी स्थापित सामाजिक मान्यताओं के खिलाफ थी लेकिन दोनों ने इसकी परवाह नहीं की. अब मटुकनाथ पर जूली की प्रताड़ना के आरोप लग रहे हैं.

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साल 2006 में पटना के जूली और मटुकनाथ देश के हर घर में चर्चा का विषय बन गए थे. इसका कारण सिर्फ दोनों के बीच का प्रेम नहीं था. दोनों की उम्र के फासले को लेकर सब तरफ चर्चा हो रही थी. चर्चा के और भी कई कारण थे. मसलन जूली ने मटुकनाथ को प्रपोज किया था. साथ ही इस रिश्ते को लेकर जूली की मुखरता सबको चुभ रही थी.

मटुकनाथ शादीशुदा थे और उनके बच्चे भी थे. उनकी छवि परिवार को धोखा देने वाले एक रंगीन मिजाज उम्रदराज व्यक्ति की बन गई थी. लेकिन दोनों की तस्वीरें जब भी अखबारों में छपती तो खूब चर्चा होती. कभी जूली-मटुकनाथ हाथों में हाथ डाले नजर आते तो कभी मटुक नाथ जूली को बिठाकर रिक्शा चलाते नजर आते. ऐसा लगता है ये दोनों हर मुश्किल में एक दूसरे के साथ हैं लेकिन इस घटना के करीब 14 साल बाद अब तस्वीर बदल चुकी है. दोनों का साथ न सिर्फ टूट गया है बल्कि मटुकनाथ पर जूली की प्रताड़ना के आरोप भी लग रहे हैं.

क्या हैं वर्तमान हालात
मटुकनाथ ने दुनिया को दिखाने के लिए आज भी घर में जूली की तस्वीरें लगा रखी है. मटुकनाथ उनको निहारते ही नहीं बल्कि जताते भी हैं कि जूली से आज भी उतना ही प्यार करते हैं जितना पहले करते थे. आप सोचेंगे कि आखिर मटुकनाथ की वेलेंटाइन यानी प्रेमिका जूली पिछले पांच वर्षों से कहां हैं और मटुकनाथ जूली का पता क्यों नहीं बताते हैं?





तो जानिये हकीकत है क्या?
वर्षों पहले साध्वी बनने निकली जूली अब सात समंदर पार हैं और उनकी हालत नाजुक है. जूली को अब मदद की दरकार भी है. दरअसल मटुकनाथ की जूली इस वक्त जिंदगी और मौत से जूझ रही हैं. वहीं मटुकनाथ आज भी बिंदास जिंदगी जी रहे हैं और प्यार का झूठा राग अलाप रहे हैं. ये बातें भोजपुरी गायिका देवी ने कही हैं. उन्होंने जूली का पता ढूंढ निकाला है और मटुकनाथ पर आरोप लगाए हैं.

देवी ने उतारा झूठे प्रेम का नकाब!
देवी ने कहा है कि हाल ही में उन्हें अचानक एक परिचित का मैसेज आया जिसके द्वारा ये पता चला कि जूली इस वक्त वेस्टइंडीज के त्रिनिदाद में जिंदगी और मौत से जूझ रही है और कई महीनों से वो मानसिक रूप से बीमार हैं.

जूली को वापस नहीं लाना चाहते हैं मटुकनाथ!
देवी का दावा है कि जूली की हालत का पता चलते ही उन्होंने जब संपर्क साधा तो जूली ने तस्वीर भेजकर अपनी हालत से वाकिफ कराया और भारत लाकर इलाज कराने की गुहार लगाई. देवी का आरोप है कि पूरा वाकया समझते ही उन्होंने मटुकनाथ से संपर्क साधा, लेकिन मटुकनाथ ने जूली को भारत लाने से इनकार कर दिया और कहा कि मेरे पास इतने पैसे नहीं हैं.

मरणासन्न हालत में हैं जूली
देवी की मानें तो जूली अब बात करने लायक भी नहीं हैं और वेस्टइंडीज के एक साधु के माध्यम से जूली का समाचार पता चल पाता है. तस्वीरें देखकर आप अंदाजा नहीं लगा सकते कि ये वही जूली हैं जिसे आपने कभी देखा था क्योंकि जूली अब मरणासन्न स्थिति में पहुंच गई हैं.



...तो टूट गया जूली-मटुकनाथ का रिश्ता!
अब मटुकनाथ के मदद करने से इनकार करने के बाद देवी ने ठान लिया है कि अपनी दोस्त जूली को हर हाल में भारत लाना है और इलाज करवाना है. जूली की मदद के लिए देवी ने पहले जूली के भाई को भी फोन किया, लेकिन भाई ने भी उनका आग्रह ये कहकर ठुकरा दिया कि उनका रिश्ता टूट चुका है. बहरहाल अब मानवता और दोस्ती का फर्ज अदा करते हुए देवी ने जूली की मदद के लिए सीएम नीतीश कुमार को पत्र लिखा है, वहीं विदेश मंत्रालय से भी गुहार लगाई है कि जूली को भारत लाकर उसकी जान बचाएं.

'लवगुरु' ने दी ये झूठी सफाई
पूरे मामले की सच्चाई पता चलते ही जब न्यूज़ 18 ने मटुकनाथ से पूछा तो उनका जवाब आया कि वो वर्ष 2004 से ही जूली से प्रेम कर रहे थे और 2006 में ये प्रेम जग-जाहिर हुआ. वो एक तरफ जूली से अथाह प्रेम का दावा भी कर रहे थे और अपने आपको भोगी करार देते हुए यह भी इच्छा जता रहे थे कि इनकी जिंदगी में जूली के अलावा कोई और भी प्रेमिका आए तो वो स्वीकार कर लेंगे.



सामने आया मटुकनाथ का निष्ठुर चेहरा
जूली कहां है? जब उनसे ये सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ये सिर्फ मुझे पता है कि जूली कहां है. वहीं इन्होंने यह भी कहा कि आखिरी बार जूली से एक महीने पहले बात हुई थी. मटुकनाथ ने अपने प्रेम की तुलना कृष्ण और राधा से करते हुए कहा कि वो कृष्ण हैं तो जूली राधा है. यानी जूली बीमार है इस बात को मानने से भी उन्होंने इनकार कर दिया. उन्होंने साफ कहा कि जूली मदद मांगेगी तब उसे विदेश से वापस लाने की सोचेंगे.

(रजनीश कुमार की स्टोरी से इनपुट के साथ)

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First published: February 19, 2020, 3:59 PM IST
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