लोग क्यों होते हैं लेफ्टी...वो क्या वाकई ज्यादा स्मार्ट होते हैं

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Updated: August 19, 2019, 4:29 PM IST
लोग क्यों होते हैं लेफ्टी...वो क्या वाकई ज्यादा स्मार्ट होते हैं
दुनिया में लेफ्ट हैंडर्स को हमेशा खास समझा जाता है

दुनियाभर में मुश्किल से दस फीसदी लोग लेफ्टी (Left Hander) होते हैं इसलिए उन्हें हमेशा खास (smarter) माना जाता है..लेकिन क्या वास्तव में ऐसा होता है

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आमतौर पर हम अपने शरीर के एक हिस्से को दूसरे की तुलना में ज्यादा वरीयता देते हैं. यानी स्वाभाविक तौर पर जब हम कोई काम करने जाते हैं तो अपने आप शरीर के वो हिस्से पहले हरकत में आते हैं. इसी से तय होता है कि आप लेफ्टी (Left Hander) हैं या राइटी (Right Hander). लेकिन एक बड़ा सवाल ये भी है कि क्या लेफ्टी लोग ज्यादा स्मार्ट होते हैं

दुनियाभर में राइटी यानी दायें हाथ और दायें पैर वाले ज्यादा हैं. वहीं लेफ्टी उनकी तुलना में कम यानी दस फीसदी. शायद इसलिए लेफ्टी लोगों को हमेशा खास माना जाता रहा है. ऐसा केवल मनुष्यों में ही नहीं बल्कि जानवरों में भी होता है.

पहले वैज्ञानिक मानते थे कि आपके लेफ्टी या राइटी होने के लिए एक अकेली खास जीन जिम्मेदार है. लेकिन अब पता लग रहा है कि इसके लिए केवल एक नहीं बल्कि कई अलग तरह के जीन अपना काम करते हैं. साथ ही वातावरण भी हमारे फुर्तीलेपन पर प्रभाव डालता है. हां, इसमें ब्रेन की भूमिका सबसे खास होती है.

रुअरर यूनिवर्सिटी बोहम के वैज्ञानिक सेबेस्टियन ओकलेनबर्ग ने जांच में पाया कि जिस तरह मनुष्यों में बायें हत्था या दायें  हत्था होते हैं, वैसा ही जानवरों में भी होता है. हालांकि बहुत दायें हाथ के लोग अपने कई काम लेफ्ट हाथ से करते भी देखे गए.

लेफ्ट हैंडर और लेफ्ट फुटेड तो होते ही हैं साथ ही लेफ्ट हेडेड भी होते हैं. सामान्यतौर पर जब लोगों को गाल पर चुंबन लेना होता है तो उनका सिर दायीं ओर घुमता है लेकिन कई लोग बायीं ओर भी सिर घुमाते हैं


दुनिया के सबसे बेहतरीन गिटारिस्टों में एक थे जिमी हेंड्रिक्स. उनके पिता ने बहुत चाहा कि उनका बेटा लेफ्ट नहीं बल्कि राइट हैंड से गिटार बजाए लेकिन वो ऐसा नहीं कर पाए. हालांकि हैंड्रिक्स हमेशा लिखने और खाना खाने के लिए दायें हाथ का इस्तेमाल करते थे.

क्या जो दायें हाथ वाले होते हैं वो ऐसा भी करते हैं..
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जर्मनी के मीडिया हाउस डैश वैले ने अपने एक सर्वे में पाया कि 85 से 90 फीसदी लोग दायें हाथ वाले होते हैं. क्या जो लोग दायें हाथ से अपना ज्यादा काम करते हैं, वो क्या अपने शरीर के बाकी कामों के लिए दायें हिस्से का ही इस्तेमाल करते हैं.

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इस बारे में वैज्ञानिक ओकलेनबर्ग कहते हैं, "हां, आमतौर पर ऐसा ही होता है. अक्सर गालों पर चुंबन लेने के लिए लोग ऐसा ही करते हैं, वो सिर को दायीं ओर घुमाकर गालों पर किस करते हैं लेकिन कुछ लोग स्वाभाविक तरीके से सिर को लेफ्ट राइड की ओर टर्न करते हैं और फिर गालों पर चुंबन देते हैं.

अगर आप फुटबॉल का खेल देखते हों तो अक्सर पाएंगे कि ज्यादातर लोग गोल मारने के लिए शॉट के लिए जब अपना पैर हरकत में लाते हैं, तो उनका दायां पैर होता है. कुछ लोग बायें पैर से शॉट लेना पसंद करते हैं. दुनियाभर में केवल लियोनल मैसी ही हैं जिनके दोनों पैर फुटबॉल के मैच में बराबरी से चलते हैं.

हाथ और पैर ही नहीं आंखें और कान भी लेफ्टी-राइटी 
लेफ्ट और राइट की ये हरकत केवल हाथ, पैर और सिर तक ही नहीं सीमित रहती बल्कि उनकी आंखों और कान तक भी जाती है. मसलन जब लोग टेलीस्कोप पर अपनी आंख लगाते हैं तो एक हिस्से की ही आंख का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं.

हम हाथ और पैरों से तो लेफ्टी हो ही सकते हैं कुछ लोग आंखों और कान के मामले में लेफ्टी होते हैं यानी जरूरत पड़ने लेफ्ट आंख या लेफ्ट कान का इस्तेमाल करते हैं


इसी तरह जब आपको दरवाजे पर कान लगाकर कुछ सुनना हो तो आप एक खास हिस्से वाला कान ही आगे करते हैं. ये हर एक के साथ होता है. बेशक हम अपने दोनों कानों से सुन सकते हैं और दोनों आंखों से देख सकते हैं लेकिन हमेशा वरीयता एक खास कान या आंख को देते हैं.

प्रिंस विलियम्स और डचेज कैथरीन को जब गालों पर चुंबन लेना होता है तो वो अपने सिर का दायां हिस्सा घुमाते हैं. 65 फीसदी मनुष्य ऐसा ही करते हैं. यहां फिर सवाल उठता है कि क्या जो लोग बायें हत्था होते हैं, वो बायें पैर को पहले हरकत में लाते हैं और स्वाभाविक तौर पर अपने सिर को पहले बायीं ओर घुमाते हैं.

अगर आप लेफ्टी हैं तो लेफ्ट फुटर भी होंगे
वैज्ञानिक मानते हैं कि हां, ऐसा ज्यादा होता है. अगर मैं लेफ्ट हैंडर हूं तो आमतौर पर लेफ्ट फुटर होऊंगा और चुंबन लेने के लिए सिर को बायीं ओर घुमाना पसंद करूंगा. हालांकि आपके बोलने और देखने की इंद्रियां इससे अलग होती हैं लेकिन तब भी वो कहीं ना कहीं आंतरिक तौर पर जुड़ी भी हो सकती हैं या फिर हाथ के संचालन वाली इंद्रिय से स्वतंत्र.

फुटबॉल में कुछ खिलाड़ी लेफ्ट पैर से ज्यादा एक्टिव रहते हैं


ऐसा ही जानवरों के साथ भी होता है 
हां, ये जानवरों के लिए भी सही है. कुछ समय पहले कुत्तों और बिल्लियों के आलस पर एक अध्ययन हुआ. मनुष्यों की तुलना में ये अनुपात 50-50 का होता है.जानवरों में लेफ्ट हैंडर और राइट हैंडर का अनुपात बराबर होता है. ब्रेन केवल काम करने के आदेश तक सीमित रहता है.

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क्या होती है ब्रेन की भूमिका
हमारे हैंडनेस के पीछे क्या दिमाग की भूमिका होती है- वैज्ञानिक कहते हैं, हां, असली भूमिका दिमाग की ही होती है. ब्रेन दो हिस्सों में बंटा होता है-दायां और बायां हिस्सा. आप लेफ्ट हैंडर हैं या राइट हैंडर, ये इस पर निर्भर करता है कि आपके दिमाग का कौन सा ब्रेन का हिस्सा ज्यादा बेहतर प्रदर्शन करता है.

राइट हैंडर लोगों में ब्रेन का लेफ्ट साइड बेहतर होता है तो लेफ्ट हैंडर लोगों में ब्रेन का दायां हिस्सा. ब्रेन का लेफ्ट हिस्सा हमेशा दायें हिस्से और राइट हिस्सा हमेशा बायें हिस्से को नियंत्रित करता है.

माना जाता है कि जो लोग लेफ्ट हेैंडर होते हैं वो अन्य लोगों की तुलना में अलग हटकर सोचते हैं


अब बात स्मार्टनेस की 
अब सवाल ये है कि क्या लेफ्ट हैंडर लोग राइट हैंडर्स की तुलना में ज्यादा स्मार्ट या ज्यादा क्रिएटिव होते हैं. इस पर वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसा नहीं होता. 1970 में इसे लेकर एक छोटा अध्ययन हुआ था, जिसके निष्कर्ष तो कई बार नकारा भी जा चुका है, ये अध्ययन कहता है कि लेफ्ट हैंडर ना तो स्मार्ट होते हैं और ना ही राइट हैंडर्स लोगों की तुलना में ज्यादा क्रिएटिव. वैसे दुनिया में सबसे ज्यादा क्रिएटिव लोगों के तौर पर लियोनार्दो दा विंची की बात होती है, वो लेफ्टी थे. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा भी लेफ्टी थे.

1995 में मनोवैज्ञानिक स्टेनल कोरेन ने एक अध्ययन किया, जो न्यूयार्क टाइम्स में प्रकाशित हुआ. इसके अनुसार बायें हाथ वाले अलग हटकर सोचते हैं, उनके पास आइडियाज की कमी नहीं होती. खासकर ये खासियतें आदमियों में ज्यादा पाई जाती हैं. रिसर्च ये भी कहती है कि मानसिक लचीलेपन, याददाश्त आदि में लेफ्ट हैंडर्स का जवाब नहीं लेकिन ये नहीं कहा जा सकता कि वो ज्यादा इंटेलिजेंट होते हैं.

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First published: August 19, 2019, 3:05 PM IST
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