अपनी ही बेटी को अपनाने से बचने के लिए स्टीव जॉब्स ने खुद को बता दिया नपुंसक

अपनी ही बेटी को अपनाने से बचने के लिए स्टीव जॉब्स ने खुद को बता दिया नपुंसक
जॉब्स की सबसे बड़ी संतान लिजा ब्रेनन ने अपनी किताब स्मॉल फ्राई में पिता से अपने रिश्तों का जिक्र किया है

एपल के संस्थापक ( founder of apple) स्टीव जॉब्स (Steve Jobs) अपनी सबसे बड़ी बेटी को सालों तक अपनाने से इनकार करते रहे. यहां तक कि बचने के लिए उन्होंने खुद को नपुंसक बता दिया. आखिरकार DNA टेस्ट में सच्चाई सामने आई.

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स्टीव जॉब्स की सबसे बड़ी संतान लिजा ब्रेनन ने अपनी किताब स्मॉल फ्राई में पिता से अपने रिश्तों का जिक्र किया है. उसमें बताया गया कि लंबे समय तक जॉब्स बेटी को अपनाने से बचते रहे. और कोर्ट में यहां तक कह दिया कि उनमें पौरुषत्व ही नहीं है कि वे पिता बन सकें. बाद में डीएनए टेस्ट के नतीजे आने के बाद आखिरकार उन्होंने लिजा को अपनी बेटी माना लेकिन तब भी दोनों के रिश्ते खराब ही रहे. लिजा ने अपनी किताब में खुलकर वो वजहें बताई हैं कि क्यों पिता बेटी को अपनाने से बचते रहे.

मई 1978 में लिजा ब्रेनन जॉब्स का जब जन्म हुआ, तब बच्ची की मां क्रिशन ब्रेनन और जॉब्स की उम्र लगभग 23 साल थी. उस वक्त जॉब्स काम के मुश्किल दौर से गुजर रहे थे. एपल पर उनका और उनके सहयोगी का काम चल रहा था. ऐसे में जॉब्स ने बच्ची के जन्म पर चुप रहना ही ठीक समझा. साल 1978 से अस्सी तक लिजा की मां छोटे-छोटे काम करके बच्ची का खर्च चलाती रही. आखिरकार 80 में ही उसने बच्ची के खर्च के लिए जॉब्स से गुजारा भत्ता देने की मांग की. जॉब्स इससे मुकर गए. मामला कोर्ट तक जा पहुंचा. यहां जॉब्स ने सीधे कह दिया कि वे पिता बन ही नहीं सकते और बच्ची किसी दूसरे की संतान है. कैलिफोर्निया की सैंट मैटियो काउंटी में जिला जज के पास जॉब्स ने अपने नपुंसक होने का शपथपत्र दे दिया. डीएनए में सच सामने आया तब जाकर उन्होंने बच्ची के खर्च के लिए महीने के 500 डॉलर देने को हामी भरी. इसके बाद भी वे कहते रहे कि यूएस की 28 प्रतिशत आबादी में से कोई भी पिता हो सकता है.

आखिरकार उन्होंने लिजा को अपनी बेटी माना लेकिन तब भी दोनों के रिश्ते खराब ही रहे




एग्रीमेंट के ठीक चार दिनों बाद एपल पब्लिक कंपनी बन गई और जॉब्स की प्रॉपर्टी 20 करोड़ डॉलर से ज्यादा हो गई.



स्मॉल फ्राई नाम की अपनी किताब में लिजा खुलकर अपने और पिता के रिश्ते की बात कहती हैं कि कैसे साबित होने के बाद भी वे उससे बचते रहे. यहां तक कि उन 500 डॉलर के महीने के भत्ते के अलावा कोई इच्छा पूरी नहीं की. द गार्डियन में छपी रिपोर्ट के मुताबिक किताब में लिजा ने लिखा है कि कैसे उनका बचपन उस बच्ची का बचपन बन गया जो पिता के बारे में जानते हुए भी उससे ठीक से मिल नहीं पाती थी. उम्र के पहले दशक तक कभी-कभार जॉब्स उससे मिलने आते. बाद में किशोरवय बेटी जॉब्स के पास रहने गई. इसी दौर में बेटी को दुनिया के सबसे लोकप्रिय इंसान को एक पिता की तरह देखने का मौका मिला.

जॉब्स के बारे मे कहा जाता था कि वे कार को एक खरोंच लगने पर भी छोड़ देते और नई कार ले लेते थे. लिजा ये बात बखूबी जानती थी. एक दिन नौ साल की लिजा ने पिता से पूछा कि क्या खराब हो जाने पर वे उसे भी कोई कार देंगे. इसपर पिता का सख्त जवाब था- नहीं. तुम्हें कुछ नहीं मिलने वाला. तुम समझ रही हो? कुछ भी नहीं. यहां तक कि बेहद ठंडे मौसम में कई-कई लिजा के कमरे का हीटिंग सिस्टम खराब रहता था और जानकर भी कथित तौर पर जॉब्स उसे ठीक नहीं होने देते थे. लिजा ने ये भी लिखा है कि कैसे जॉब्स उसके दोस्तों से मेल-मुलाकात और यहां तक कि मां से मिलने पर भी रोक लगाते.

लिजा का कहना है कि जॉब्स उन्हें स्मॉल फ्राई कहा करते थे और उसी याद में उन्होंने किताब का नाम रखा


लिजा के जन्म के पांच साल बाद जॉब्स ने एपल कंप्यूटर का नाम लिजा रखा. ये नाम उन्होंने अपनी बेटी के ही नाम पर रखा था, हालांकि इसे स्वीकार करने में उन्हें पूरे 20 साल लग गए. बहुत बाद में एक सिंगिंग बैंड के सवाल पर जॉब्स ने माना कि पहले कंप्यूटर का नाम बेटी के ही नाम पर था.

वैसे लिजा के पिता के साथ रिश्ते कभी सुखद नहीं रहे. अपनी किताब में वे उस वक्त के बारे में बताती हैं, जब पैंक्रियाटिक कैंसर से जूझ रहे पिता से मिलने वे जाया करती थीं. तब वे बिस्तर पर ठीक से उठ-बैठ भी नहीं पाते थे. बकौल लिजा, वे किसी फूलों की खुशबू वाला परफ्यूम लगाकर गईं लेकिन भीतर जाते ही पिता ने कहा कि उनमें से टॉयलट सी बदबू आ रही है.

माना जाता है कि जॉब्स के बेटी को लंबे वक्त तक न स्वीकारने की वजह उनके खुद के बचपन में रही है. जॉब्स खुद एक गोद लिए बच्चे थे. अनाथालय से जिस कपल ने उन्हें गोद लिया था, थोड़े ही दिनों बाद उन्हें लगा कि वे बेटा नहीं, बेटी चाहते थे. कपल ने जॉब्स को एक दूसरे परिवार को दे दिया, जो पढ़ा-लिखा भी नहीं था. अपने बचपन की मुश्किलों से निकले ही थे, कि कम उम्र में बेटी का जन्म जॉब्स के लिए किसी सदमे की तरह आया. वे तब कंप्यूटर बनाने में लगे हुए थे. यही वजह जॉब्स के बेटी को अपनाने से बचने की वजह मानी जाती रही.

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First published: May 30, 2020, 12:12 PM IST
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