ये संकरा सा रास्ता क्यों रोज बढा रहा है दुनियाभर की धड़कनें

ईरान और ओमान के बीच आने वाला समुद्री रास्ता इतना संकरा है कि यहां कुछ भी होते ही दुनियाभर के देशों की सांसें थम जाती हैं. इस रास्ते को अगर रोक दें तो दुनिया वाकई एक नई मुश्किल में फंस जाएगी

News18Hindi
Updated: June 25, 2019, 3:25 PM IST
ये संकरा सा रास्ता क्यों रोज बढा रहा है दुनियाभर की धड़कनें
होरमुज जलडमरूमध्य, जिस पर अटकी हुई हैं दुनिया की सांसें
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Updated: June 25, 2019, 3:25 PM IST
फारस की खाड़ी से लगा एक संकरा सा रास्ता है, जिस पर इन दिनों पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं. ये रास्ता इतना अहम है कि यहां कुछ होते ही उसका असर दुनिया पर पड़ने लगता है. अगर ये रास्ता रोक दिया जाए तो दुनिया के थमने का भी संकट पैदा हो सकता है. ये बात सही है कि इस संकरे से रास्ते में दुनियाभर के तमाम देशों के दिलों की धड़कनें ऊपर और नीचे होती रहती हैं.

इस रास्ते को होरमुज जलडमरू मध्य कहा जाता है. यही वो रास्ता है, जहां पूरी दुनिया का एक तिहाई तेल कारोबार होता है. सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत समेत चीन, भारत, जापान, और दक्षिण कोरिया को इसी रास्ते से तेल पहुंचाया जाता है. कतर से दुनियाभर में तरल प्राकृतिक गैस एक्सपोर्ट भी इसी रास्ते से होता है.

होरमुज जलडमरूमध्य के संकरे रास्ते में अगर कुछ भी घटता है तो वो दुनियाभर के ऊर्जा बाजार को प्रभावित करता है. इस रास्ते में किसी भी प्रकार का विवाद दुनियाभर की तेल कीमतों में तेजी ला सकता है.

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कब हुआ हालिया हमला
13 जून को होरमुज जलडमरूमध्य के करीब ही तेल के दो तेल टैंकरों पर हमले हुए थे. फिर उनके सभी 44 नाविकों को अमेरिकी नौसेना की मदद से सुरक्षित निकाला गया. इसी हमले के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव इस कदर बढ़ गया कि खाड़ी में युद्ध के हालात पैदा हो गए हैं. इस रास्ते से बड़े पैमाने पर तेल के टैंकर गुजरते हैं.
इससे पहले इसी होरमुज के पास ही चार व्यापारिक जहाजों में तोड़फोड़ की गई. दरअसल जब से ईरान और अमेरिका के बीच तनाव पैदा हुआ और अमेरिका ने ईरान पर तमाम तरह के आर्थिक प्रतिबंध लगाने शुरू किये, तब ईरान ने ये चेतावनी दी कि वो होरमुज से होने वाले तेल कारोबार को बाधित कर सकता है.
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कहां है ये जलडमरूमध्य
होरमुज जलडमरूमध्य, फारस की खाड़ी में पड़ता है. यह ईरान और ओमान के जल क्षेत्र में आता है. सबसे संकरे बिंदु पर होरमुज की चौड़ाई महज 33 किलोमीटर है. दोनों दिशाओं में शिपिंग लेन सिर्फ तीन किलोमीटर चौड़ी है. यह ओमान की खाड़ी की ओर जाता है जहां से जहाज पूरी दुनिया में जाते हैं. यह पूरी दुनिया के तेल व्यापार के लिए बड़ा ट्रांजिट प्वाइंट है.

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कौन करता है इसका उपयोग
सभी देश तेल निर्यातक देश इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं. इस रास्ते का इस्तेमाल लिक्विड नेचुरल गैस यानी एलएनजी के लिए भी होता है. 1980-88 के बीच हुए ईरान इराक युद्ध में भी दोनों देशों ने एक दूसरे के तेल निर्यात को धक्का पहुंचाने की कोशिश की थी, जिसे टैंकर वॉर कहा जाता है.

13 जून को यहां संयुक्त अरब अमीरात के दो तेल टैंकर्स पर हमला हुआ


यहां हमेशा रहता है अमेरिका का पांचवां बेड़ा
वैसे इस रास्ते से गुजरने वाले व्यापारिक तेल टैंकरों और जहाजों की सुरक्षा के लिए हमेशा अमेरिका का पांचवां बेड़ा यहां मौजूद रहता है. इस रास्ते में पहले भी हमले हो चुके हैं. जुलाई 2010 में जापानी तेल टैंकर एम स्टार पर होरमुज के इलाके में हमला हुआ. इसकी जिम्मेदारी अल कायदा से जुड़े अब्दुल्ला आजम ब्रिगेड्स ने ली. मई 2015 में इसी रास्ते में ईरानी जहाजों से सिंगपुर के झंडे वाले एक टैंकर पर गोलियां दागी गईं.

जलडमरूमध्य का क्या मतलब है
जलडमरूमध्य समुद्र में संकरे रास्ते को कहा जाता है. जो दो समुद्रों या झीलों को आपस में जोड़ता है. इसका भौगोलिक आकार डमरू की तरह होता है.

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