बाप को घर से बेदखल करने वाले गौतम अब खुद भी रेमंड ग्रुप से किनारे

एक जमाना था जब रेमंड ग्रुप के मालिक रहे विजयपत सिंघानिया शानदार जेके हाउस में रहते थे, आज वो मुंबई की सोसायटी में किराए के मकान में रह रहे हैं. .

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Updated: January 10, 2019, 12:08 PM IST
बाप को घर से बेदखल करने वाले गौतम अब खुद भी रेमंड ग्रुप से किनारे
विजयपत सिंघानिया (फाइल फोटो)
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Updated: January 10, 2019, 12:08 PM IST
रेमंड ग्रुप के चेयरमैन पद से इस्तीफा देने वाले गौतम सिंघानिया ने अब ग्रुप की सारी कंपनियों के चेयरमैन पद से अलग होने की बात कही है. उन्होंने कहा है कि वे नए तरीके से बिजनेस को खड़ा करेंगे. उनकी अपने पिता विजयपत सिंघानिया से भी लंबे समय से कलह चल रही थी. इसपर भी उन्होंने अपने पिता को साथ रखने की बात कही है लेकिन कुछ ही महीने पहले जब विजयपत सिंघानिया से रेमंड ग्रुप के अवकाशप्राप्त चेयरमैन की पदवी छीनी गई थी तो दोनों के बीच की कलह फिर सुर्खियों में आ गई थी. विजयपत सिंघानिया पिछले कुछ समय से बेटे पर एक एक पैसे के लिए मोहताज बनाने का आरोप लगाते रहे हैं.

यह मामला वर्ष 2015 में तब शुरू हुआ जबकि विजयपत सिंघानिया ने कंपनी का नियंत्रण और अपने सारे शेयर बेटे गौतम सिंघानिया को दे दिए. इन शेयरों की कीमत उस वक्त 1000 करोड़ रुपये थी. इसके कुछ समय बाद विजयपत ने कहना शुरू किया कि बेटे ने आर्थिक बदहाली की स्थिति में छोड़ दिया है. यहां तक की उनकी गाड़ी और ड्राइवर भी छिन लिए गए हैं.

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गौतम ही कानूनी वारिस के रूप में बचे थे

विजयपति सिंघानिया के अन्य वारिस अपना हिस्सा लेकर जब अलग हो गए, तब उन्होंने अपने बेटे गौतम को अपना अकेला कानूनी वारिस घोषित किया. गौतम तर्क देते हैं कि बेशक पिता ने शेयर उनके नाम ट्रांसफर किए लेकिन उन्होंने इसके लिए काफी मेहनत की और लगातार कर रहे हैं. जब परिवार में किसी ने कारोबार में पिता का साथ नहीं दिया, तब वो उनके साथ खड़े रहे.

विजयपत सिंघानिया ने बेटे पर उन्हें आर्थिक मदद नहीं देने का आरोप लगाया है (फाइल फोटो)


बेटे ने पिता के लिए क्या कहा
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बेटे गौतम ने पिछले दिनों एक इंटरव्यू में कहा था, 'स्टेक उन्होंने इसलिए दिया क्योंकि उन पर दबाव था, इसलिए उन्होंने उसे मेरे नाम ट्रांसफर कर दिया. मैं कंपनी को 35 साल से सफलतापूर्वक चला रहा हूं. उन्होंने मुझे स्टेक देकर अपना कर्तव्य निभाया.

किराए के मकान में रहते हैं
एक जमाना था जब रेमंड ग्रुप के मालिक रहे विजयपत सिंघानिया शानदार जेके हाउस में रहते थे, आज वो मुंबई की सोसायटी में किराए के मकान में रह रहे हैं. विजयपत सिंघानिया ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मालाबार हिल्स में अपने ड्यूपलेक्स घर का पज़ेशन मांगा है.

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साहसिक कामों के भी चैंपियन रहे
विजयपत सिंघानिया केवल देश के नामी गिरामी उद्योगपति ही नहीं थे बल्कि साहसिक कामों के लिए भी जाने जाते रहे हैं. उनके पास ईस्ट-वेस्ट, दमानिया एलाइंस और सहारा एयरवेज में कई सौ घंटों के उड़ान अनुभव सहित कुल 5,000 घंटे की उड़ान का अनुभव है.

विजयपत को उड्डयन क्षेत्र में कई साहसिक कामों के लिए जाना जाता है (फाइल फोटो)


उन्होंने उड्डयन के क्षेत्र में कई सम्मान एवं पुरस्कार प्राप्‍त किए हैं, जिनमें उड्डयन खेल का सर्वोच्च पुरस्कार, फेडरेशन एयरोनॉटिक इंटरनेशनल (FAI) गोल्ड मेडल भी शामिल है. उन्हें वर्ष 2006 में प्रतिष्‍ठित ‘पद्मभूषण’ से भी सम्मानित किया जा चुका है.

विजयपत सिंघानिया ने हॉट एयर बलून में बैठकर 80 हजार फीट की ऊंचाई तक पहुंचकर विश्व कीर्तिमान बनाया था. इस यात्रा की शुरुआत ब्रेबोर्न स्टेडियम से हुई.

बदल दिया रेमंड ग्रुप को 
दुनियाभर में अपने कपड़ों की वजह से अलग पहचान रखने वाली रेमंड कंपनी 1925 में बनी थी। इसका पहला रिटेल शो-रूम 1958 में मुंबई में खुला था। कपड़ों के अलावा कंपनी टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग और एविएशन के क्षेत्र में भी काम कर रही थी.

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विजयपत सिंघानिया ने 1980 में रेमंड कंपनी की कमान संभाली. उसके बाद इसका स्वरूप आधुनिक हो गया. 1986 में सिंघानिया ने रेमंड का प्रीमियम ब्रांड पार्क एवेन्यु लॉन्च किया. फैशनेबल कपड़ों की नई रेंज लॉन्च की. 1990 में देश के बाहर ओमान में कंपनी का पहला विदेशी शो रूम खोला. रेमंड कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और चेयरमैन बनते ही उन्होंने अपने कुशल प्रबंधन से अपने पारिवारिक व्यवसाय को शिखर पर पहुंचा दिया था.

गौतम सिंघानिया (फाइल फोटो)


कई और काम भी किए 
रेमंड कंपनी द्वारा बनाए गए कपड़े लंबे समय तक टिकते हैं और उसका रंग भी नहीं उड़ता. इस कंपनी के बनाए गए ऊनी कम्बल पश्चिम के कई देशों में बहुत भरोसेमंद माने जाते हैं. विजयपत सिंघानिया ने दुग्ध उत्पादन भी वैज्ञानिक ढंग से किया. मुंबई के थाना क्षेत्र में उन्होंने एक शिक्षा संस्थान की स्थापना की, जहां के छात्र कीर्तिमान बना रहे हैं. कठोर निर्णय लेने में कभी हिचके नहीं परंतु इसके साथ ही वे अत्यंत भावुक व्यक्ति भी हैं.

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अब आत्मकथा लिख रहे हैं
विजयपत अब करीब 80 साल के हो रहे हैं. अपनी आत्मकथा लिख रहे हैं. पेंगुइन इसे प्रकाशित करने जा रहा है. उनके पुत्र ने अदालत में जाकर कोशिश की इसका प्रकाशन रोक दिया जाए लेकिन अदालत ने एेसा करने से मना कर दिया.

फिल्मी हस्तियों से रही है दोस्ती 
फिल्म उद्योग के अनेक लोगों से उनकी मित्रता रही है, जिनमें अमिताभ बच्चन और रेखा जैसी हस्तियां भी शामिल रही हैं. एक दौर में उन्होंने अनेक फिल्मों के निर्माण की योजना बनाई थी परंतु परिवार के सदस्यों द्वारा विरोध किए जाने के कारण उन्हें भारी मन से यह योजना छोड़नी पड़ी थी.

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