अपना शहर चुनें

States

क्यों अमेरिकी एक्सपर्ट कह रहे हैं कि डबल मास्क ही होगा सबसे सही?

अमेरिकी विशेषज्ञों ने दो मास्क लगाने को बेहतर बताया.
अमेरिकी विशेषज्ञों ने दो मास्क लगाने को बेहतर बताया.

अमेरिका समेत कई देशों में वैक्सीन कार्यक्रम (Vaccination Program) शुरू हो जाने के बाद भी Covid-19 पर लगाम की खबरें तो नहीं हैं, लेकिन नए वैरिएंट्स के खतरे के किस्से ज़रूर हैं. कौन सा मास्क किस तरह से पहनना बेहतर है? विशेषज्ञों के हिसाब से जानिए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 28, 2021, 1:51 PM IST
  • Share this:
हेल्थकेयर एक्सपर्ट (Healthcare Experts) कह रहे हैं कि चेहरे पर एक नहीं, दो मास्क एक साथ लगाइए ताकि खतरनाक कोरोना वायरस से बचाव हो सके. ‘डबल मास्किंग’ की सलाह देने के पीछे कोरोना वायरस के नए वैरिएंट्स (New Corona Virus Variants) का सामने आना रहा है, जो ज़्यादा तेज़ी से फैल रहे हैं. दो मास्क लगाने के इस चलन पर चर्चा तबसे शुरू हुई, जब अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन (Joe Biden) और उप राष्ट्रपति कमला हैरिस (Kamala Harris) का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हुआ. इस दौरान कई अधिकारियों व सेलिब्रिटियों को दो मास्क लगाए हुए देखा गया.

अमेरिका में संक्रामक रोगों के टॉप विशेषज्ञ एंथीनी फॉकी के शब्दों में दो मास्क लगाना ‘कॉमन सेंस’ की बात है. सेलिब्रिटियों के दो मास्क लगाने और एक्सपर्ट्स की सलाह के बाद आपको ज़रूर जानना चाहिए कि क्या वास्तव में वैज्ञानिक आधार पर दो मास्क लगाना ज़्यादा सुरक्षित है?

ये भी पढ़ें:- IIT मैसेचुसेट्स! क्या सच में अमेरिका में खुल सकता है कैंपस?



क्या वाकई ज़्यादा सेफ है दो मास्क लगाना?
सिर्फ फॉकी ही नहीं बल्कि कई एक्सपर्ट मान रहे हैं कि चेहरे पर दो मास्क पहनने से वायरस से बचाव बेहतर हो सकता है. हालांकि अब तक अमेरिकाके के रोग नियंत्रण केंद्र यानी सीडीसी ने इस हिदायत को औपचारिक तौर पर शामिल नहीं किया है. वहीं, स्वास्थ्य संबध्ंाी एक रिसर्च पेपर में विशेषज्ञों मोनिका गांधी और लिनसे मार ने लिखा कि कम से कम हाई क्वालिटी का सर्जिकल मास्क पहनें या फिर घने धागों से बने फेब्रिक के दो मास्क लगाएं.

corona treatment, covid-19 treatment, corona guideline, covid-19 guideline, कोरोना ट्रीटमेंट, कोरोना गाइडलाइन, कोविड.19 ट्रीटमेंट, कोविड-19 गाइडलाइन
सर्जिकल मास्क


इस डबल मास्क की हिदायत के पीछे कारण बताया गया है कि इससे फिल्ट्रेशन बेहतर होता है और वायरस को दो सतहें भेदने में मुश्किल होती है यानी बचाव बेहतर होता है. वहीं दो मास्क चेहरे पर ठीक से फिट हो जाते हैं. यह भी कहा गया है कि फ्लाइट, मॉल या किसी सार्वजनिक इवेट में, जहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर पाना मुश्किल हो, वहां यह तरीका और कारगर हो जाता है.

ये भी पढ़ें:- 20 दिन, 4500 किमी और आप लग्जरी बस से ऐसे पहुंचेंगे भारत से सिंगापुर..

एक और स्टडी में कहा गया कि दो मास्क पहनने से वायरस से बचाव 50 से 75 फीसदी ज्त्रयादा हो सकता है. इस स्टडी में सर्जिकल स्टाइल के मास्कों की पार्टिकलों को हटाने की क्षमता पर अध्ययन किया गया था.

कौन सा मास्क ज़्यादा बेहतर है?
आप जानते हैं कि महामारी के शुरूआती दौर में कहा गया था कि आम लोग कपड़े के मास्क से चेहरा ढंकें क्योंकि सर्जिकल और एन95 मास्क की उपलब्धता कम थी. लेकिन अब कोरोना के नए वैरिएंट्स के चलते कई लोग कपड़े के मासक की जगह एन95 मास्क लगाने को बेहतर समझ रहे हैं. जर्मनी और फ्रांस जैसे कुछ देशों में तो लोगों को सर्जिकल मास्क लगाने की हिदायत दी गई है अगर वो सार्वजनिक स्थानों पर हैं.

ये भी पढ़ें:- जब पहली बार सामने आया था पाकिस्तान का आइडिया, इसके पीछे कौन शख्स था?

जर्मनी में मास्क संबंधी नए नियमों के तहत अब कपड़े के मास्क के लिए मना कर दिया गया है. वहीं, फ्रांस में कपड़े के मास्क के इस्तेमाल को घटाने पर ज़ोर दिया जा रहा है. आपको याद दिलाएं कि पिछले साल ड्यूक यूनिवर्सिटी की स्टडी में यह भी कहा गया था कि एन95 के बाद सबसे बेहतर विकल्प वो मास्क है जो प्लास्टिक से बने मटेरियल यानी पॉलीप्रोपीलीन से बना होता है.

corona treatment, covid-19 treatment, corona guideline, covid-19 guideline, कोरोना ट्रीटमेंट, कोरोना गाइडलाइन, कोविड.19 ट्रीटमेंट, कोविड-19 गाइडलाइन
एन95 मास्क


दूसरी तरफ, सीडीसी की वेबसाइट कहती है कि कई लेयरों वाले कपड़े का मासक सर्जिकल मासक की तरह ही सुरक्षा देता है. इन तमाम फैक्ट्स के बावजूद यह ठीक है कि बेहद सूक्ष्म पार्टिकलों को ब्लॉक करने में इस तरह का कवर पूरी तरह कारगर नहीं है इसलिए भी रिसर्चर कह रहे हैं कि अतिरिक्त सुरखा के लिए दो मास्क लगाना बेहतर प्रैक्टिस है.

क्या है डबल मास्क का सही तरीका?
हेल्थकेयर विशेषज्ञों की मानें तो पहले आप कपड़े का मास्क चेहरे पर पहनें और उसके बाद यानी बाहरी सतह पर सर्जिकल या एन95 मास्क लगाएं. यह भी साफ हिदासत दी जा रही है कि दो से ज़्यादा मास्क न लगाएं क्योंकि ऐसा करने से सांस लेने में तकलीफ की शिकायत हो सकती है. इस तरह की तकलीफ होने पर मास्क में दोनों तरफ गैप बनाए जाएंगे, जिससे मास्क लगाने का मकसद खत्म हो जाएगा.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज