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जानिए, क्या कोरोना वायरस के नए रूप पर वैक्सीन बेअसर हो सकती है

कोरोना का खतरा बढ़ने के साथ ही कोटा में प्रशासन और स्वास्‍थ्य विभाग सतर्क हो गया है. (सांकेतिक फोटो)

कोरोना का खतरा बढ़ने के साथ ही कोटा में प्रशासन और स्वास्‍थ्य विभाग सतर्क हो गया है. (सांकेतिक फोटो)

ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन (Boris Johnson) के मुताबिक नया कोरोना वायरस 70 प्रतिशत ज्यादा संक्रामक हो सकता है. हाल ...अधिक पढ़ें

    क्रिसमस से ऐन पहले ब्रिटेन में कोरोना वायरस का नया और ज्यादा घातक प्रकार मिलने से तहलका मचा हुआ है. इसके साथ ही वहां कई इलाकों में सख्त लॉकडाउन हो चुका. हाल ही में दक्षिण अफ्रीका में भी वायरस का नया वेरिएंट दिखा. यहां भी चौथे चरण का लॉकडाउन लग चुका है. इस बीच वैज्ञानिकों को चिंता है कि क्या वायरस के बदले हुए रूप पर कोरोना की वैक्सीन काम नहीं कर सकेगी!

    वायरस में लगातार म्यूटेशन होता रहता है. ज्यादातर वेरिएंट खुद ही मर जाते हैं. लेकिन कई बार वे पहले से कई गुना ज्यादा मजबूत और खतरनाक होकर सामने आते हैं. ये सब इतनी जल्दी होता है कि वायरस का व्यवहार ही समझ नहीं आ पाता और इससे पहले वे बड़ी आबादी को अपनी चपेट में ले चुके होते हैं. ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका में दिख रहा नया वायरस भी इसी श्रेणी का हो सकता है.

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    ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के मुताबिक नया वायरस 70 प्रतिशत ज्यादा संक्रामक हो सकता है. हालांकि अभी वायरस की नई सीक्वेंसिंग हुई नहीं है और एक्सपर्ट इसे समझने की कोशिश ही कर रहे हैं. इस नए प्रकार को VUI-202012/01 नाम दिया गया.

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    अभी वायरस की नई सीक्वेंसिंग हुई नहीं है और एक्सपर्ट इसे समझने की कोशिश ही कर रहे हैं- सांकेतिक फोटो (pixabay)


    इस बारे में ब्रिटिश एक्सपर्ट क्रिस विटी के हवाले से द गार्डियन में छपी रिपोर्ट में काफी विस्तार से बताया गया. क्रिस के मुताबिक न्यू एंड इमर्जिंग रेस्पिरेटरी वायरस थ्रेट एडवायजरी ग्रुप (Nervtag) ने माना कि वायरस का नया प्रकार ज्यादा तेजी से फैल रहा है. ये देखते हुए वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन को भी अलर्ट कर दिया गया ताकि वो सूचना फैला दे और अगर कोई देश चाहे तो ब्रिटिश नागरिकों के आने पर रोक लगा सकता है. ये कदम एहतियातन उठाया जा रहा है ताकि नया वायरस एक ही जगह तक सीमित रहे.

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    अब नए प्रकार को समझने के लिए वैज्ञानिकों को लगभग 2 हफ्ते का समय लग सकता है. हालांकि वैज्ञानिक मान रहे हैं कि अब तक दिखे कोरोना वायरस के रूपों में ये सबसे खतरनाक रूप हो सकता है. इस दौरान चिंता जताई जा रही है कि क्या तेजी से फैलने वाला ये वायरस लोगों को ज्यादा गंभीर बना सकता है. साथ ही साथ क्या इसपर वैक्सीन उतनी ही प्रभावी होगी या नहीं, ये बात भी एक्सपर्ट समझने की कोशिश में हैं.

    कैसे होता है म्यूटेशन
    वैसे तो सभी वायरस म्यूटेट होते हैं यानी अपना रूप बदलते हैं और नया सार्स-कोविड19 भी अलग नहीं है. म्यूटेशन तब होता है जब वायरस किसी दूसरी कोशिका या फिर कहें इंसान में प्रवेश करता है. प्रवेश के बाद वह उस शरीर में प्रसार की प्रक्रिया के तहत नए वायरस पैदा करता है. लेकिन इस प्रक्रिया में कभी-कभी गड़बड़ी आ जाती है.

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    सभी वायरस म्यूटेट होते हैं यानी अपना रूप बदलते हैं- सांकेतिक फोटो (pixabay)


    दूसरे वायरस पैदा करने के दौरान अगली पीढ़ी के लिए मूल जेनेटिक मैटेरिलय या कहें कोड ट्रांसफर करने में गलती हो जाती है. ऐसे में जो नया वारयस पैदा होता है उसमें जेनेटिक कोड अपनी पूर्व पीढ़ी से अलग होता है. नतीजतन नया वायरस अपने वंश के वायरस के लक्षणों से अलग लक्षणों वाला होता है. दरअसल इंसानी शरीर के जीन्स का डीएन का स्ट्रक्चर दो रेखीय होता है जबकि कोरोना वायरस का जीन्स एक रेखीय आरएनए से निर्मित होता है.

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    म्यूटेशन की ये प्रक्रिया वायरस को काफी खतरनाक बना देती है और ये जब होस्ट सेल यानी हमारे शरीर की किसी कोशिका पर हमला करते हैं तो कोशिका कुछ ही घंटों के भीतर उसकी हजारों कॉपीज बना देती है. यानी शरीर में वायरस लोड तेजी से बढ़ता है और मरीज जल्दी ही बीमारी की गंभीर अवस्था में पहुंच जाता है.

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    कोरोना वायरस के मामले में म्यूटेट हुए वायरस में नुकीली संरचना ज्यादा दिखती है- सांकेतिक फोटो (pixabay)


    कोरोना वायरस के मामले में म्यूटेट हुए वायरस में नुकीली संरचना ज्यादा दिखती है. ये ये एक तरह का प्रोटीन होता है जो हमारे शरीर की कोशिकाओं में पाए जाने वाले प्रोटीन से काफी अच्छे से जुड़ पाता है. दूसरे वायरसों की बजाए कोरोना की यह कांटेदार संरचना ही उसे हमारे लिए ज्यादा घातक बनाती है. इसी लाइन को लेकर दुनिया के तमाम वैज्ञानिक वैक्सीन तैयार की कि कैसे वायरस और शरीर में उपस्थित कोशिका के इस बॉन्ड को कमजोर किया जाए.

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    अब ये समझने की कोशिश हो रही है कि क्या नए वेरिएंट में किसी तरह की जीनोम बदलाव भी है. क्योंकि अगर ऐसा होता है तो वैक्सीन के कम असरदार होने का खतरा बढ़ जाता है. हालांकि फिलहाल तक कोरोना वायरस के जितने भी नए रूप मिले, उनकी जीनोम संरचना में कोई बदलाव नहीं दिखा.

    Tags: Coronavirus latest numbers in india, Coronavirus symptoms, Coronavirus Update News, Oxford coronavirus vaccine

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