क्या मंगल पर जाने के लिए कितना सही होगा शुक्र ग्रह के रास्ते से जाना?

क्या मंगल पर जाने के लिए कितना सही होगा शुक्र ग्रह के रास्ते से जाना?
वैज्ञानिकों का मानना है कि मंगल पर सीधे जाना ठीक नहीं होगा. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

वैज्ञानिकों का मानना है कि मंगल (Mars) पर सीधे जाने की जगह शुक्र ग्रह (Venus) की कक्षा (Orbit) से होते हुए जाना ज्यादा सही होगा.

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इस समय दुनिया के बहुत से देश या तो चांद (Moon) पर जाने की तैयारी मे हैं या फिर मंगल (Mars) पर. नासा जोर शोर से अगले दशक में मंगल पर इंसान भेजने की तैयारी कर रहा है. कई अंतरिक्ष यान (Spacecraft) भी मंगल पर भेजे जा चुके हैं और जाने की तैयारी में हैं. एक शोध में वैज्ञानिकों ने सलाह दी है कि मंगल पर कोई भी यान सीधे नहीं भेजा जाना चाहिए बल्कि उसे शुक्र (Venus) के पास से गुजर कर जाना जाहिए जो काफी फायदेमंद होगा.

पहले से तय किया जाता है अंतरिक्ष यान का रास्ता
सभी अंतरिक्ष यानों को बाहरी अंतरिक्ष में खास तरह के प्रक्षेप पथ (trajectory) से होकर जाना पड़ता है. इस रास्ते को वैज्ञानिक पहले से ही तय करते हैं. एक्टा एस्ट्रोनॉटिका में पियर रीव्यू के लिए दिए गए नए श्वेत पत्र के प्रारूप में शोधकर्ताओं की एक टीम ने सलाह दी है कि मंगल की ओर जाने वाले यानों को शुक्र ग्रह की कक्षा से गुजर कर जाना चाहिए.

क्यों बेहतर होगा शुक्र के रास्ते मंगल पर जाना
शोधकर्ताओं को न केवल यह सही लगता है बल्कि उनका अनुमान भी यही है कि भविष्य के मंगल की ओर जाने वाले मानव अभियान शुक्र के पास से गुजरते हुए अपना प्रक्षेप पथ बनाएंगे.  वैज्ञानिकों ने यह भी सलाह दी कि मंगल की ओर जाते हुए शुक्र ग्रह के पास से होते हुए जानी वाली यह यात्रा सस्ती और सुगम होगी. वहीं पृथ्वी से सीधे मंगल की ओर जाना महंगा और परेशानी भरा होगा.



Mars
अभी तक मंगल पर केवल कुछ अंतरिक्ष यान ही उतरे हैं लेकिन वहां कोई इंसान नहीं गया है. . (प्रतीकात्मक तस्वीर)


मंगल पर सीधे जाना क्यों सही नहीं
इस पत्र में यह भी बताया गया है कि मंगल की ओर सीधे जाने से क्या समस्या होगी. वैज्ञानिकों का मानना है कि यह थोड़ा मुश्किल इसलिए होगा क्योंकि वैज्ञानिकों को इस बात का इंतजार करना होगा कि अब मंगल और पृथ्वी की  कक्षा एक सीध में आएं.  इससे वापसी के लिए उन्हें डेढ़ साल तक का इंतजार करना पड़ सकता है.

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शुक्र से जाते हुए समय तो लगेगा पर...
शुक्र ग्रह से होते हुए जो समय लगेगा वह एक साल का होगा . इससे यह समय हमारे गहरे अंतरिक्ष के लिए परिवहन व्यवस्था को परखने का भी मौका मिल सकेगा जो हम मंगल के लिए अपने पहले मानव अभियान के लिए बनाएंगे. शुक्रग्रह के पास से गुजरने अंतरिक्ष यान उसके गुरुत्व का उपयोग अपना रास्ता बदलने के लिए करेगा. इससे ऊर्जा की जरूरत कम होगी और ईंधन के साथ अंततः लागत भी कम होगी.

NASA
नासा अगले दशक में मंगल पर इंसान भेजने की योजना बना रहा है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


यह ये मौके भी तो मिलेंगे
इस तरह से शुक्र के पास से गुजरने से अंतरिक्ष यात्रियों का अंतरिक्ष में लंबे समय तक काम करने का मौका मिलेगा और सुरक्षित पृथ्वी पर वापस आने का मौका भी मिलेगा. उनका कहना है कि इससे उन्हें शुक्र ग्रह का अध्ययन करने का भी मौका मिलेगा.

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नासा की मंगल को लेकर ये योजनाएं
 नासा के मंगल पर इंसान भेजने की योजना के साथ कई अभियान जुड़े हैं. इसके तहत वह साल 2024 में चंद्रमा पर दो लोगों को भेज रहा है. लेकिन मंगल के लिए उसकी योजना चंद्रमा पर एक बेस कैम्प बनाने की भी है. इसके अलावा अगले महीने वह मंगल के लिए एक खास रोवर रवाना करने जा रहा है जिसके बारे में कहा जा रहा है कि वह भी नासा के मंगल पर इंसान भेजने की तैयारी की हिस्सा है. फिलहाल नासा ने अभी तक मंगल पर इंसान भेजने के प्रक्षेप पथ तय नहीं किया है.
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