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झारखंड Election Results: क्या ये राज्य में अब तक की सबसे मजबूत सरकार होगी

News18Hindi
Updated: December 23, 2019, 11:45 PM IST
झारखंड Election Results: क्या ये राज्य में अब तक की सबसे मजबूत सरकार होगी
हेमंत सोरेन ने राजनीति का ककहरा अपने पिता शीबू सोरेन से सीखा है. हेमंत को झारखंड के चुनावी इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बहुमत हासिल हुआ है.

Jharkhand Elections Results 2019: अगर सीटों के लिहाज से देखा जाए तो हेमंत सोरेन (Hemant Soren) की ये जीत साल 2000 से अब तक हुए चार विधानसभा चुनावों में सबसे बड़ी जीत है.

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  • Last Updated: December 23, 2019, 11:45 PM IST
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नई दिल्ली. झारखंड के चुनावी नतीजे (Jharkhand Elections Results) आ चुके हैं. हेमंत सोरेन की झारखंड मुक्ति मोर्चा की अगुवाई वाले महागठबंधन ने 47 सीटें हासिल कर राज्य में सबसे बड़े बहुमत की सरकार बनाई है. हालांकि कई मीडिया रिपोर्ट्स में इस बात का अनुमान पहले भी लगाया जा रहा था कि राज्य में महागठबंधन (झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल) की सरकार बन सकती है. नतीजों में ऐसा ही सामने भी आया है. राजनीतिक जानकारों के मुताबिक एक तरफ तो इस चुनाव में जीत के लिए महागठबंधन विशेषत: हेमंत सोरेन काफी पहले से प्रयासरत थे तो वहीं दूसरी तरफ रघुवर सरकार की तरफ से एक के बाद एक कई गलतियां हुईं. जिसका नतीजा चुनावों में सामने आया है. अब चुनाव जीतने के बाद हेमंत सोरेन ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लोगों को भरोसा दिया है कि वो राज्य के लोगों का विश्वास जीतने की कोशिश करेंगे और किसी को निराश नहीं करेंगे.

अगर सीटों के लिहाज से देखा जाए तो ये जीत साल 2000 से अब तक हुए चार विधानसभा चुनावों में सबसे बड़ी जीत है. साल 2000 में जब पहली बार बाबू लाल मरांडी राज्य के मुख्यमंत्री बने थे तब बीजेपी की अगुवाई में एनडीए ने चालीस सीटों पर जीत हासिल की थी. इसके बाद साल 2005 के विधानसभा चुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी ने 30 सीटें जीती थीं और उसकी सहयोगी जेडीयू ने 6 सीटें जीती थीं. झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस के हाथ 26 सीटें आई थीं. राज्यपाल ने पहले झामुमो और कांग्रेस को बुलाया जिसे लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. बाद में बीजेपी के अर्जुन मुंडा मुख्यमंत्री बने थे. प्रदर्शन के लिहाज से भारतीय जनता पार्टी के लिए सबसे बुरा चुनाव 2009 का था जिसमें उसे 18 सीटें हासिल हुई थीं. फिर 2014 में तो 37 सीटें जीतकर पार्टी ने आजसू के साथ मिलकर सरकार बनाई थी. इन सभी चुनाव में कभी किसी गठबंधन को इतना मजबूत बहुमत नहीं मिला जितना इस बार मिला है. कहा जा सकता है हेमंत सोरेन को झारखंड के चुनावी इतिहास का सबसे बड़ा चुनावी बहुमत हासिल हुआ है.



कांग्रेस का अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन



इस चुनाव में 16 सीटें जीतकर कांग्रेस ने राज्य में अब तक का सबसे शानदार प्रदर्शन किया है. 2005 में 81 सीटों के लिए हुए पहले चुनाव में कांग्रेस ने 9 सीटों पर जीत हासिल की थी. 2005 में कांग्रेस का वोट शेयर था 12.05 प्रतिशत. 2009 का चुनाव कांग्रेस के लिए अच्छा साबित हुआ. इस चुनाव में कांग्रेस ने 14 सीटों पर जीत हासिल की. 2009 के चुनाव में बीजेपी और जेएमएम 18-18 सीटों पर जीत हासिल की थी. 2009 के चुनाव में कांग्रेस का वोट शेयर बढ़कर 16.16 हो गया था.

इसके बाद 2014 का चुनाव कांग्रेस के लिए अच्छा नहीं रहा. कांग्रेस सिर्फ 6 सीटों पर जीत हासिल कर पाई थी. 2014 के चुनाव में पहली बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनी थी. बीजेपी को 37 सीटों पर जीत मिली थी. चुनावों के बाद जेवीएम के 6 विधायक बीजेपी में शामिल हो गए थे. इसलिए बीजेपी की टैली 42 हो गई थी. बीजेपी ने आसानी से सरकार बना ली थी. 2014 के चुनाव मे कांग्रेस का वोट शेयर 10.46 रहा था.

दिलचस्प ये है बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद कांग्रेस की तरफ से हेमंत सोरेन को पूरा समर्थन मिलता दिख रहा है. पार्टी ने राज्य में हेमंत सोरेने के चेहरे को आगे कर चुनाव लड़ा है और माना जा रहा है कि आगे भी कांग्रेस इस सरकार को मजबूती देने के लिए पूरी कोशिश करेगी. राष्ट्रीय जनता दल का प्रदर्शन भले ही आशा के अनुरूप न रहा हो लेकिन 1 सीट के साथ वो भी हेमंत सोरेन को ताकत देती रहेगी इसमें कोई संदेह नहीं दिखता.



हेमंत सोरेन अभी आशाओं से भरे हुए हैं और उनके सामने राज्य के विकास की कई जिम्मेदारियां भी हैं. कहा जा सकता है कि पिछले सालों में अगर रघुवर सरकार के खिलाफ कोई सच्चा विपक्ष था तो वो हेमंत सोरेन ही थे. अब आंकड़े उनके साथ हैं और सहयोगियों का समर्पण भी दिख रहा है, ऐसे में अगले पांच साल झारखंड में एक मजबूत जनादेश वाली सरकार दिखाई दे सकती है.
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First published: December 23, 2019, 11:44 PM IST
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