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अभिनंदन के लिए अगले कुछ दिन होंगे चुनौती भरे, हर टेस्ट में उतरना होगा खरा

News18Hindi
Updated: March 1, 2019, 5:34 PM IST
अभिनंदन के लिए अगले कुछ दिन होंगे चुनौती भरे, हर टेस्ट में उतरना होगा खरा
पाकिस्तान की ओर से विंग कमांडर अभिनंदन की रिहाई तीन दिनों के भीतर की जा रही है. यह एक नया रिकॉर्ड है. इससे युद्ध बंदी भारतीय पायलटों की रिहाई का रिकॉर्ड 8 दिन था. आइए जानते हैं पाकिस्‍तान ने किन-किन भारतीय पायलटों को कैदी बनाने के बाद कितने दिनों के भीतर रिहा कर दिया.

भारतीय वायुसेना ऐसे हालात में कई तरह के टेस्ट लेती है जिसमें पूछताछ से लेकर मेडिकल और मनोवैज्ञानिक टेस्ट शामिल होते हैं. इसमें खरा उतरना जरूरी होता है

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शरद शर्मा

भारतीय विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान पाकिस्तान से रिहा होकर भारत लौट आए हैं. बीती 27 फरवरी को उन्हें पाकिस्तानी सेना ने हिरासत में लिया था. इसके बाद से करोड़ों भारतीयों ने उनके वापस लौटने के लिए प्रार्थनाएं शुरू कर दी थी. अब स्वदेश लौटने के बाद उनके अगले कुछ दिन काफी चुनौती भरे होंगे. उन्हें कई तरह के टेस्ट से गुजरना होगा. इसमें एक टेस्ट ऐसा भी होगा, अगर वो उसमें कामयाब नहीं हुए तो नौकरी से भी हाथ धोना पड़ सकता है.

भारतीय वायुसेना के नियमों के तहत उन्हें कुछ कड़ी परीक्षाओं से गुजरना होगा. इस बारे में न्यूज 18 ने रिसर्च एंड एनॉलिसिस विंग (RAW) के लिए काम करने वाले वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी से बात की है.

अधिकारी ने कहा, "अभिनंदन को वापस लौटने के बाद कई तरह की परीक्षाओं से गुजरना होगा. ये बेशक अच्छा नहीं है लेकिन इंडियन एयरफोर्स नियम-कानून सख्त हैं. उन्हें युद्ध के दौरान दूसरे देश में पकड़े जाने के बाद वापस लौटने वाले टेस्ट से गुजरना ही होगा. इसका कोई विकल्प नहीं होगा."

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विंग कमांडर अभिनंदन जल्‍द आने वाले हैं भारत


भारत लौटते ही निगरानी में लिए जाएंगे
रॉ अधिकारी के अनुसार, "निश्चित तौर पर अभिनंदन बहादुर इंसान हैं. उन्होंने पाकिस्तान के एफ-16 फाइटर जेट का सामना 1970 के दशक में बने पुराने मिग-21 लड़ाकू विमान से किया. भारतीय रक्षा संस्‍थान उनकी बहादुरी के लिए हमेशा उनका सम्मान करेगी. लेकिन उन्हें पूछताछ से कोई रियायत नहीं मिलने वाली."रेडक्रॉस के जरिए क्यों सौंपे जाते हैं युद्धबंदी, पायलट अभिनंदन को भी ऐसे ही रिहा करेगा पाक!

रॉ अधिकारी ने बताया, "अभिनंदन को भारत लौटते ही  भारतीय वायुसेना की निगरानी में भेज दिया जाएगा. इसके बाद शुरू होंगे कई तरह के मेडिकल टेस्ट, फिटनेट टेस्ट, मनोवैज्ञानिक टेस्ट और स्कैनिंग. ताकि ये पता किया जा सके कि कहीं पाकिस्तानी सेना ने उन्हें बदल तो नहीं दिया."

मनोवैज्ञानिक परीक्षा

अभिनंदन को साइकोलॉजिकल परीक्षाओं से गुजरना होगा. क्योंकि वो दुश्मन की धरती पर अकेले पकड़े गए थे. उन्हें वहां बंदी के तौर पर रखा भी गया. इस बात की आशंका है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित गुप्त जानकारियों के लिए उन्हें मानसिक और शारीरिक तौर पर प्रताड़ित किया गया हो. इससे उन्हें आघात लगा हो. ये पता करना जरूरी होगा कि उनकी मानसिक स्थिति फिलहाल कैसी है?

उन्होंने बताया, "भारतीय वायुसेना इंटेलिजेंस की डीब्रीफिंग बहुत दर्द देने वाली होती है. खास बात ये है कि वायुसेना नियमों के अनुसार ये अनिवार्य है. इसमें जाना जाता है कि दुश्मन ने कारावास के दौरान उनसे कौन सी जानकारियां प्राप्त कीं. इस बात का विश्वास दिलाना होता ‌कि दुश्मन देश की सेना ने उन्हें अपनी सेना में शामिल तो नहीं किया."



फिर नहीं उड़ा पाएंगे सेना के विमान
वरिष्ठ अधिकारी अपने कुछ पुराने अनुभवों के बारे में बताते हैं, "मैंने 1999 कारगिल युद्ध के दौरान पाक की ओर से लौटाए गए लेफ्टिनेंट के. नचिकेता का एपिसोड देखा है. यही नहीं, एयर मार्शल करियप्पा एपिसोड भी देखा है, जबकि उनके पिता केएम करियप्पा फील्ड मार्शल रह चुके थे. पाकिस्तान में बंदी रहने के दौरान वो कभी नहीं टूटे, लेकिन उन्हें भी मानक परीक्षाओं से होकर गुजरना पड़ा."

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वरिष्ठ अधिकारी ने लौटने के बाद होने वाली प्रक्रियाओं के बारे में कहा, "भारत लौटने के बाद अभिनंदन को कुछ दिनों तक IAF से अलग-थलग रखा जा सकता है. इस दौरान उनके टेस्ट होंगे. अगर वे शारीरिक और मानसिक परीक्षाओं में किसी भी प्रकार खुद को साबित करने असफल होते हैं तो उन्हें तत्काल उनकी सेवाओं से हटा दिया जाएगा. फिलहाल हम किसी तरह का अनुमान नहीं लगा सकते. लेकिन निश्चित तौर मैं यह कहना चाहूंगा कि उन्हें सम्मान मिलना चाहिए."

यह पूछे जाने पर कि क्या अभिनंदन से इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और RAW द्वारा पूछताछ करने की संभावना है? उन्होंने बताया, "साफ-साफ नहीं कह सकते. लेकिन पहले ऐसा कभी नहीं हुआ कि IAF के किसी युद्ध बंदी के पाकिस्तान से लौटने पर IB या RAW ने पूछताछ की हो. लेकिन अभी मैं यह भी नहीं कह सकता कि अभिनंदन से दोनों उच्च संस्‍थाएं पूछताछ नहीं करेंगी."abhinandan

IAF के अधिकारी ने कहा, होंगे बस कुछ-सवाल जवाब
इसी मसले पर न्यूज 18 ने IAF के एक ऑफिसर रैंक के शख्सियत से भी संपर्क किया. वे फिलहाल पंजाब में कार्यरत हैं. उन्होंने बताया, इस प्रक्रिया को पूछताछ कहना ठीक नहीं होगा. IAF अपने लोगों से पूछताछ नहीं करती. ना ही उनके साथ कोई कड़ा बर्ताव किया जाएगा. हां, उनसे कुछ सवाल जवाब किए जाएंगे."

IAF ऑफिसर पहचान उजागर ना करने की शर्त पर बताते हैं, "वे हमारे हीरो हैं. उन्होंने अमेरिका के बनाए हुए एफ-16 का सामना रूस द्वारा बनाए गए पुराने मिग-21 से किया. अगर वो युद्ध के मैदान में हार जाते तो उन्हें सजा दी जाती. लेकिन उन्हें तो अवार्ड मिलना चाहिए. उनके वापस लौटने पर एक छोटी प्रश्नोत्तरी होगी. लेकिन हमें अपने आदमी पर विश्वास है."

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First published: March 1, 2019, 2:58 PM IST
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