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तब पाकिस्तान के तबलीगी प्रभाव वाले क्रिकेटरों पर लगे थे कोच वूल्मर की हत्या के आरोप

Sanjay Srivastava | News18Hindi
Updated: April 1, 2020, 6:26 PM IST
तब पाकिस्तान के तबलीगी प्रभाव वाले क्रिकेटरों पर लगे थे कोच वूल्मर की हत्या के आरोप
वर्ष 2007 के वर्ल्ड कप के दौरान पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कोच बॉब वूल्मर अपने होटल के कमरे में संदिग्ध हालात में मृत पाए गए थे

तबलीगी जमात तब भी खबरों में आई थी, जब वर्ष 2007 के वर्ल्ड कप के दौरान पाकिस्तान टीम के कोच बॉब वूल्मर का रहस्यमय स्थितियों में मर्डर हो गया था. ये केस अब भी अनसुलझा है

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भारत में तबलीगी जमात मरकज खबरों में है. तबलीगी जमात इससे पहले भी खबरों और विवादों में रहती आई है. वर्ष 2007 में वेस्टइंडीज में हुए वर्ल्ड कप के दौरान कोच बॉब वूल्मर के मर्डर में भी पाकिस्तान के तबलीगी जमात से जुड़े क्रिकेटरों पर आरोप लगे थे.

आउटलुक मैगजीन में तब प्रकाशित एक रिपोर्ट में इस पर सवाल उठाया गया था कि क्या पाकिस्तान क्रिकेट कोच बॉब वूल्मर की संदिग्ध हत्या के पीछे पाकिस्तान क्रिकेट टीम में तबलीगी जमात का बढ़ता प्रभाव है. उस दौर में पाकिस्तान क्रिकेट टीम के आधे से ज्यादा क्रिकेटर कप्तान समेत तबलीगी जमात के फॉलोअर थे.
दरअसल पाकिस्तान टीम के कोच बॉब वूल्मर जमैका में वर्ल्ड कप के दौरान अपने होटल के कमरे में रहस्यमय तरीके से मृत पाए गए. बाद में पुलिस ने लंबी छानबीन के बाद क्लोजर रिपोर्ट लगाई कि वूल्मर की हत्या नहीं हुई बल्कि उनका निधन नेचुरल तरीके से हुआ. इसके बाद भी दुनिया के कई दिग्गज क्रिकेटरों ने ये आरोप लगाया था कि इंग्लैंड के क्रिकेटर वूल्मर की मृत्यु नहीं हुई बल्कि उनकी हत्या की गई. दरअसल पाकिस्तान टीम के पहले ही राउंड में बाहर होने के बाद काफी सवाल हवा में तैर रहे थे.

पाक पत्रकार ने लिखा था टीम तबलीगी जमात के असर में



इस वर्ल्ड कप की शुरुआत के साथ ही जाने माने पाकिस्तानी जर्नलिस्ट आमिर मीर ने एक आर्टिकल लिखा था, जिसमें ये बताया गया था कि किस तरह से पाकिस्तान क्रिकेट टीम में तबलीगी जमात का असर बढ़ गया है. कप्तान समेत कई क्रिकेटर तबलीगी प्रभाव में हैं. इसका नकारात्मक असर टीम के प्रदर्शन पर हाल के बरसों में पड़ रहा है.लेकिन जब उन्होंने ये आर्टिकल लिखा और ये प्रकाशित हुआ तो ज्यादातर लोगों ने इसे नोटिस में नहीं लिया.



कोच और कप्तान में थे जबरदस्त मतभेद
वूल्मर का शव होटल के कमरे में मिलने के बाद दुनियाभर के अखबारों ने इसे मर्डर ही माना था. क्योंकि उनके कमरे में काफी उथल पुथल दिख रही थी. उस समय आने वाली रिपोर्ट्स में इसे हत्या मानते हुए पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के कई सदस्यों को शक के घेरे में लिया जा रहा था. माना गया था कि पाकिस्तानी टीम का प्रदर्शन पिछले काफी समय से गिर रहा था और इसके लिए जिम्मेदार है तबलीगी जमात. क्योंकि टीम के ज्यादातर खिलाड़ी उसके प्रभाव में थे. इसमें कप्तान इंजमाम उल हक भी शामिल थे. खासकर टीम की प्रैक्टिस को लेकर कप्तान और कोच में लगातार ठनी रहती थी.

पाक टीम के साथ रहते थे तबलीगी जमात के मौलाना
रिपोर्ट्स में तब कहा गया था कि पाकिस्तान टीम के कप्तान इंजमाम और अन्य तबलीगी जमात के प्रभाव वाले खिलाड़ी मानते थे कि वो नमाज के बल पर ही मैचों में जीत हासिल कर लेंगे. तब टीम के साथ पाकिस्तान से खासतौर पर तबलीगी जमात के मौलाना भी भेजे गए थे, जो टीम के साथ रहते थे, जब ये मौलाना टीम के साथ होते तो टीम वूल्मर के निर्देशों की कतई परवाह नहीं करती थी.
रिपोर्ट्स का कहना है कि टीम की लॉयल्टी कोच से ज्यादा तबलीगी मौलानाओं के प्रति थी. इसकी वजह से कई बार कप्तान इंजमाम और कोच वूल्मर में तकरार भी हो चुकी थी.

तब पाकिस्तान क्रिकेट टीम के बारे में कहा जाता था कि उसके ज्यादातर खिलाड़ी तबलीगी जमात के प्रभाव में हैं. यहां तक कि पाकिस्तान से कुछ तबलीगी मौलना भी उनके साथ आए थे, जिसके साथ वो कई बार नमाज पढ़ा करते थे. उन्हें लगता था कि वो नमाज पढ़कर ही मैच जीत जाएंगे


रिपोर्ट्स में तब सूत्रों के हवाले से कहा गया यद्यपि इंजमाम बहुत दोस्ताना और विनम्र स्वाभाव वाले शख्स थे लेकिन तब वो आपा खो बैठते थे जबकि कोई इस्लाम या तबलीगी जमात की आलोचना कर दे.

शहरयार ने क्यों कहा वूल्मर फ्रस्टेटेड हो चुके थे 
जब पाकिस्तान टीम के कोच बॉब वूल्मर की लाश होटल में मिली तो बीबीसी रेडियो फाइव ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के पूर्व प्रमुख शहरयार खान को स्पोर्ट्स वीक के एक इंटरव्यू के लिए कोट किया. स्पोर्ट्स वीक मैगजीन उन दिनों कोलकाता से प्रकाशित होती थी. उस इंटरव्यू में शहरयार ने ये कहा, "बॉब ने मुझसे छह महीने पहले कहा था कि वो बहुत फ्रस्टेट हो चुके हैं, क्योंकि टीम लंच टाइम, टी टाइम और खेल के बाद हमेशा नमाज अता करती है. वो इन मौकों पर उनसे क्रिकेट और मैच के बारे में कोई बात भी नहीं कर पाते. वो इसे लेकर बहुत फ्रस्टेटेड थे और ये बात उन्होंने मुझसे कही भी."

बॉब वूल्मर से टीम के धार्मिक मामलों में दखल नहीं देने को कहा गया
तब शहरयार ने उनसे कहा, "प्लीज बॉब, आप बाहर के हो और विदेशी भी, इसलिए किसी भी धार्मिक बातों में दखल नहीं दें क्योंकि ये बात उनके खिलाफ चली जाएगी. तीन महीने बाद बॉब फिर मेरे पास आए. उन्होंने कहा, मेरी सलाह खिलाड़ियों के लिए मायने नहीं रखती, क्योंकि खिलाड़ियों को लगता है कि वो साथ साथ नमाज अदा करेंगे, इससे टीम की ताकत ज्यादा बढ़ेगी. हालांकि बॉब को आशंका थी कि इसका असर टीम पर अच्छा नहीं पडे़गा."

कोच बॉब वूल्मर और कप्तान इंजमाम उल हक के बीच बिल्कुल नहीं बनती थी. टीम कोच की बात सुनती ही नहीं थी


तब इंजमाम की टीम पर पकड़ बहुत मजबूत थी. कप्तान के तौर पर टीम के खिलाड़ी उनका सम्मान करते थे. टीम पर बॉब वूल्मर की पकड़ कभी नहीं हो पाई. इससे वूल्मर का काम काफी मुश्किल हो गया था.

जमैका पुलिस से कहा गया था कि मौलानाओं से भी मर्डर की पूछताछ करें 
जब शुरू में जमैका पुलिस हत्या का मामला मानते हुए इस केस की छानबीन कर रही थी तब पुलिस को सलाह दी गई थी कि वो टीम के साथ पाकिस्तान से आए तबलीगी जमात के मौलानाओं से भी पूछताछ करे. हो सकता है कि तबलीगी की कोई शाखा जमैका में भी हो. ये हत्या उनकी मदद से की गई हो. वेस्टइंडीज के वर्ल्ड कप में आयरलैंड जैसी टीम से हारने और बहुत खराब प्रदर्शन के बाद वूल्मर बहुत नाराज थे. उन्होंने ना केवल टीम बल्कि उनके साथ मौजूद रहने वाले तबलीगी जमात के मौलानाओं को भी खरी-खोटी सुनाई थी.

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First published: April 1, 2020, 6:17 PM IST
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