विश्व साइकल दिवस : 07 बातें कि क्यों कोरोना के दौर में सुरक्षित और आसान है साइकल

विश्व साइकल दिवस : 07 बातें कि क्यों कोरोना के दौर में सुरक्षित और आसान है साइकल
दुनियाभर में फिर से साइकल की प्रासंगिकता बढ़ी है. यूरोप में फिर से साइकिलें ज्यादा चलने लगी हैं

03 जून को पूरी दुनिया विश्व साइकल दिवस मना रही है. कोरोनो दौर में साइकल की प्रासंगिकता बढ़ी है. ये सेहतमंद भी है और सुरक्षित भी. अब तो नई साइकलें ऐसी आ रही हैं जो नई तकनीक से लैस हैं, उन्हें चलाना भी कहीं ज्यादा आसान है

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आज विश्व साइकिल दिवस है. कोरोना के इस दौर में यूरोप के कई देशों में लोग फिर साइकिल का इस्तेमाल करने लगे हैं. खासकर आने वाले दिनों में साइकिल ना केवल सुरक्षित है बल्कि सेहतमंद भी.

खासकर शहरों में आने-जाने के लिए ये सबसे मुफीद सवारी बन गई है. अब तो जो नई तकनीक की साइकिल आ रही हैं, वो ना केवल चलाने में आरामदायक हैं बल्कि उनसे लंबी दूरी भी तय की जा सकती है. यूरोप के कई देशों के लोग तो गंभीरता से ना केवल फिर से साइकिल अपनाने की सोच रहे हैं बल्कि बहुत से ऐसा कर भी लिया है.

1. ये कहीं ज्यादा सुरक्षित है
यूरोप में चूकि साइकल के लिए अलग ट्रैक या स्ट्रीट बने हैं लिहाजा साइकल चलाना वहां आसान है और जोखिम से सुरक्षित भी. हालांकि भारत के भी कई शहरों में  भी साइकल पर चलने के लिए ट्रैक बनाए गए हैं लेकिन उनका उपयोग नहीं हो पा रहा है. जिसे बढ़ावा दिया जाना चाहिए. अब नई साइकल जिस तरह की आ रही हैं. उस पर आप दूरी को आसानी से तय कर सकते हैं.



2. आप अपने लिए भी अच्छा करेंगे


ये तर्क दिया जा सकता है कि तमाम देशों में सैकड़ों साइकलिस्ट हादसों का शिकार होते हैं. लेकिन दुनियाभर में हर साल लाखों लोग आलम और शारीरिक तौर पर एक्सरसाइज नहीं करने पर तमाम बीमारियों का शिकार होते हैं और मर जाते हैं. अगर आप रोज साइकल चलाते हैं तो ये आपकी सेहत बहुत सुधार सकती है. अगर आप इसको सामान्य स्पीड से भी चलाते हैं तो ये आपके लिए फायदेमंद है. अगर आप सप्ताह में पांच दिन आधे घंटे के लिए भी साइकिल चलाते हैं तो सेहतमंद रहेंगे.

वर्ल्ड साइकल डे पर बनाया गया एक पोस्टर, जिसमें दिखाया जा रहा है कि साइकल चलाते समय आप प्रकृति के किनते करीब होते हैं


3. अगर सेहतमंद रहेंगे तो तमाम बीमारियां दूर रहेंगी
लंदन में कई अध्ययन से जाहिर हुआ कि साइकल चलाने वालों में सात में छह लोग किसी जोखिम से मुक्त होते हैं. यहां तक कि उसमें प्रदूषण भी शामिल है. अध्ययन ये कहते हैं कि पैदल चलने और साइकल चलाने से दोनों में सेहत के फायदे ज्यादा हैं, बेशक आप बीजिंग और दिल्ली में प्रदूषण के दौरान भी साइकल चलाएं या पैदल चलें.

4. आप दूसरों के लिए बेहतर करेंगे
अगर आप कार, बाइक या अपने अन्य वाहन छोड़कर साइकल चलाएंगे तो दूसरों के लिए बेहतर होगा. तब आप वाहन के जरिए प्रदूषण भी नहीं फैलाएंगे. खुद ये बाद कोरोनावायरस के दौरान तमाम अध्ययनों से साबित हुई कि जब सड़क पर लाकडाउन के चलते वाहन एकदम कम हो गए तो वायु प्रदूषण एकदम खत्म हो गया.

जब आप साइकल चलाते हैं तो सुहानी हवाएं आपके शरीर को छूती हैं और नई ताजगी से भर देती हैं. साथ ही धूप में आपको भऱपूर विटामिन डी मिलता है, जिसकी कमी आज दुनिया में ज्यादातर लोगों को होती जा रही है


5. आप साइकल चलाने का आनंद भी लेंगे
सच में आपको साइकल चलाने में मजा आएगा. ये आपको जादुई आनंद दे सकती है. साइकल चलाते समय आप वायुमंडल के साथ होंगे. अपने आसपास घटित हो रही चीजों का ज्यादा आनंद ले सकेंगे.

6. आरामदायक हैं ई-बाइसकल
अब ज्यादातर जो नई साइकल बाजार में बिकती हैं, वो ई-बाइसकल हैं, जो चलाने में बहुत आसान हैं. ज्यादा आनंद देती हैं. आप उनसे लंबी दूरी भी तय कर सकते हैं.

7. नई साइकल में पंचर का खतरा नहीं
अब जो नई साइकल आ रही हैं, उनके टायर इस तरह के होते हैं कि उनमें पंचर का कोई खतरा ही नहीं होता. सड़क पर उन्हें चलाना भी आसान होता है.नई साइकलें हर तरह से आपकी सुविधा को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं. ये सड़क पर बहुत आसान चलती हैं.

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