Home /News /knowledge /

World Children’s day 2021 20 नवंबर को ही क्यों मनाया जाता है विश्व बाल दिवस

World Children’s day 2021 20 नवंबर को ही क्यों मनाया जाता है विश्व बाल दिवस

संयुक्त राष्ट्र हर साल 20 नवंबर को विश्व बाल दिवस (World Children’s Day) मनाता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

संयुक्त राष्ट्र हर साल 20 नवंबर को विश्व बाल दिवस (World Children’s Day) मनाता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

दुनिया भर में संयुक्त राष्ट्र (United Nations) के सदस्य देशों में 20 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय बाल दिवस (International Children's Day) मनाया जाता है सबसे पहले सन 1954 में 20 नवंबर को इस सार्वभौमिक बाल दिवस के रूप में मनाया गया था. इस दिन को बाल अधिकारों (Children’s Rights) को समर्पित दिन के रूप में मनाया गया था. इन अधिकारों में सबसे प्रमुख अधिकार जीवन जीने का अधिकार, संरक्षण का अधिकार, सहभागिता का अधिकार और विकास का अधिकार माने जाते हैं.

अधिक पढ़ें ...

    बाल दिवस का नाम सुनकर ही हम भारत के लोगों के मन में 14 नवंबर की तारीख याद आती है. भारत (India) में बच्चों का दिवस देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की जयंती पर मनाया जाता है. लेकिन अंतरराष्ट्रीय या विश्व बाल दिवस (World Children’s Day ) इस दिन नहीं बल्कि हर साल 20 नवंबर को मनाया जाता है. दिलचस्प बात यह है कि एक समय भारत में भी इसी दिन बाल दिवस मनाया जाता था. यह दिवस अंतरराष्ट्रीय एकजुटता को बढ़ावा देने, दुनिया भर में बच्चों में जागरूकता और बच्चों के कल्याण में सुधार करने के लिए मनाया जाता है.  20 नवंबर एक महत्वपूर्ण तारीख है क्योंकि इसी दिन 1959 में संयुक्त राष्ट्र (United Nations) महासभा ने बाल अधिकारों को अपनाने की घोषणा की थी.

    1954 में हुई थी शुरुआत
    विश्व बाल दिवस को पहली बार 1954 में सार्वभौमिक बाल दिवस के रूप में मनाया गया था और प्रत्येक वर्ष 20 नवंबर को मनाया जाता है.  यह 1989 की वह तारीख भी है जब संयुक्त राष्ट्र महासभा ने बाल अधिकारों पर कन्वेंशन को अपनाया था. विश्व बाल दिवस (World Children’s Day) हम सभी को बच्चों के अधिकारों की वकालत करने और उन्हें बढ़ावा देने के लिए प्रेरित करता है.

    बच्चे ही हमारा भविष्य
    बच्चे ही हमारा भविष्य हैं, और हमें ही यह सुनिश्चित करना होगा के वे आनेवाले समय में स्वास्थ्य और बेहतर जीवन जी सकें और उन्हें ऐसे अधिकार मिल सकें जिससे उन्हें आने वाले जीवन में स्वस्थ समाज और स्वस्थ संसार का हिस्सा बने रह सके. अगर बच्चें अपने अधिकारों से वंचित रह जाएंगे तो एक बेहतर दुनिया का निर्माण नहीं किया जा सकेगा.

    समाज और शासन की जिम्मेदारी
    आज की दुनिया में अधिकांश देशों में लोकतंत्र है, फिर दुनिया की किसी भी शासन व्यवस्था में बच्चों का प्रभाव नहीं होता है. ये समाज और उसकी शासन व्यवस्था की ही जिम्मेदारी बनती है कि बच्चों को सुरक्षित और खुशहाल वातावरण प्रदान करे जिससे कल वे अपने देश का बेहतर निर्माण करने में सक्षम बन सकें.

    United Nations, UNECEF, Children day, World Children day, World Children’s day, Children’s day, 20 November,

    दुनिया में बच्चों (Children) के लिए अनुकूल हालात और सुविधाएं पैदा करना समाज की जिम्मेदारी है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

    बच्चों के लिए प्रतिबद्धता जरूरी
    आज की  पीढ़ी को ये मांग करनी चाहिए कि सरकार, व्यवसाय और समुदायों के नेता अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करें और बाल अधिकारों के लिए समुचित कदम उठाने के लिए जरूरी कार्रवाई करें. सभी को यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए कि हर बच्चे को, हर अधिकार प्राप्त हो.

    US का वो शहर जिसे चलाते हैं अमेरिकी मुस्लिम

    दुनिया में अलग-अलग जगह अलग दिन मनाया जाता है बाल दिवस
    कई देशों में 1 जून को बाल दिवस मनाया जाता है. वहीं, चीन में 4 अप्रैल, पाकिस्तान में 1 जुलाई, अमेरिका में जून के दूसरे रविवार को बाल दिवस मनाया जाता है. इसके अलावा ब्रिटेन में 30 अगस्त, दक्षिण कोरिया और जापान में 5 मई,  नेपाल और  जर्मनी में 20 सितंबर को बाल दिवस मनाते हैं.

    United Nations, UNECEF, Children day, World Children day, World Children’s day, Children’s day, 20 November,

    आज के बच्चों को स्वस्थ जीवन देना जिससे वे आने वाले कल के निर्माता बन सकें एक बड़ी चुनौती है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)

    क्या है इस साल की थीम
    पिछले दो साल से दुनिया कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण कोविड-19 महामारी से जूझ रही है. महामारी के अलावा लॉकडाउन और अन्य आर्थिक समस्याओं के कारण लोगों को बहुत से मानसिक और आर्थिक परेशानियों को सामना करना पड़ा है. बच्चों पर भी इसका बहुत विपरीत असर हुआ है. इस साल संयुक्त राष्ट्र ने थीम “हर  बच्चे के लिए बेहतर भविष्य” रखी है. वेबसाइट संस्था ने कहा है कि बच्चे अपनी पीढ़ी के मुद्दों पर आवाज उठा रहे हैं और व्यस्कों से बेहतर भविष्य निर्माण की मांग कर रहे  हैं. दुनिया के महामारी से उबरने के समय जरूरी है कि हम उनको सुनें.

    जानिए तर्क करते समय क्यों चिल्लाने लगते हैं हम इंसान

    आज दुनिया में कई समस्याएं ऐसी है जो बच्चों को सीधे प्रभावित करती हैं.  इतना ही नहीं आज जलवायु परिवर्तन के दौर में एक बड़ी चुनौती यह भी सामने आई है कि हम भविष्य में बच्चों को ऐसी पृथ्वी दें जो उनके लिए अच्छे से रहने लायक बनी रहे. लेकिन उससे भी बड़े मुद्दे बच्चों का स्वास्थ्य और पोषण है जिससे दुनिया की आबादी के बच्चों का एक बड़ा तबका वंचित है.

    Tags: Research, United nations, World

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर