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World Food Day 2021: जानिए कितनी गंभीर होती जा रही है दुनिया में खाद्य समस्या

World Food Day 2021: जानिए कितनी गंभीर होती जा रही है दुनिया में खाद्य समस्या

विश्व खाद्य दिवस (World Food Day) पर वैश्विक खाद्य संकट से निपटने पर विचार किया जाता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

विश्व खाद्य दिवस (World Food Day) पर वैश्विक खाद्य संकट से निपटने पर विचार किया जाता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

World Food Day 2021: दुनिया में भूख (Hunger) और खाद्य सुरक्षा (Food Security) से निपनटने के लिए लोगों तक खाना पहुंचाने के साथ बड़ी मात्रा में बेकार हो रहे खाने को बचाना भी एक गंभीर चुनौती बनती जा रही है.

    दुनिया भर में संयुक्त राष्ट्र (United Nations) के खाद्य और कृषि संगठन  (FAO) के स्थापना दिवस के दिन पर विश्व खाद्य दिवस (World Food day) मनाया जाता है. हर साल 16 अक्टूबर को मनाए जाने वाले इस दिन को मनाने का उद्देश्य संसार में भूख की समस्या से निपटना और दुनिया को  खाद्य सुरक्षा प्रदान करना है जिससे पूरी दुनिया में से भूख का उन्मूलन किया जा सके. यह दिन दो तरीके से मनाया जाता है एक तो इस दिन दुनिया के बेहतरीन खाने को प्रोत्साहित किया जाता है, लेकिन इसे दुनिया में खाद्य की कमी से निपटने के प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए भी मनाया जाता है.

    पहली बार कब  मनाया गया था यह दिन
    वैसे तो संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन की स्थापना 16 अक्टूबर 1945 को  हुई थी, लेकिन विश्व खाद्य दिवस को मनाने का प्रस्ताव नवंबर 1979 में हंगरी के पर्व कृषि एवं खाद्य मंत्री डॉ पाल रोमानी ने दिया था. तब से इसे हर साल 16 अक्टूबर को 150 से ज्यादा देशों में मनाया जाता है. इस मौके पर बहुत से कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं.

    क्या है इस  बार की थीम
    इस साल की थीम सेहतमंद कल के लिए अभी खाना सुरक्षित रखें ( Save Food now for a healty tomorrow) है. आज खाद्य सुरक्षा एक बहुत बड़ी और बढ़ती समस्या बनती जा रही है. जलवायु परिवर्तन पर खाद्य उपलब्धता पर बहुत अधिक प्रभाव पड़ रहा है जिसपर लोगों को ध्यान नहीं जा रहा है. वैसे तो ज्यादातर थीम कृषि के आसपास ही होती हैं, लकिन इस बार समस्या की गंभीरता को देखते हुए थीम में आने वाले कल की चिंता पर जोर दिया गया है.

    इन संगठनों का जोर
    इस दिवस को मानने काम बहुत सारे संगठन करते हैं. लेकिन इस बार संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन के साथ, संयुक्त राष्ट्र मानव अधिकार आयोग, संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी और विश्व खाद्य कार्यक्रम मिल कर मना रहे हैं.ये संगठन विस्थापित और “मेजबान समुदाय के लिए स्थानीय खाद्य व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयासों को मनाने” के शीर्षक के तहत इस साल को खाद्य दिवस मना रही हैं.

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    खाद्य सुरक्षा (Food Security) आज दुनिया की सबसे गंभीर समस्याओं में से एक है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

    विश्व खाद्य कार्यक्रम
    विश्व खाद्य कार्यक्रम को साल 2020 में शांति का नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. यह सम्मान उसे भूख से लड़ने, विवादों और संघर्षों में शांति का योगदान देने के प्रयासों के लिए दिया गया था. इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही है कि इसने कभी भूख को युद्ध और संघर्ष में हथियार के तौर पर इस्तेमाल होने से सफलता पूर्वक रोका है.

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    जलवायु परिवर्तन भी कारक
    दुनिया में इस समय आर्थिक विषमता बहुत है. लेकिन इसके अलावा भौगोलिक, जलवायु, राजनैतिक कारण भी हैं जिससे लोगों में भोजन का उत्पादन और उसकी उपलब्धता की समस्या बहुत गंभीर हैं. हाल के सालों में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों ने भी भूख और खाद्य सुरक्षा की समस्या को गंभीर बनाया है. कई जगहों से लोगो पलायन करने के मजबूर हैं जिससे वे शरणार्थी बने हैं और खाद्य की समस्या से जूझने लगे हैं.

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    दुनिया का एक तिहाई खाना बेकार (Food Wastage) चला जाता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

    बेकार होता खाना भी कम नहीं
    खाद्य और कृषि संगठन के मुताबिक दुनिया की जनसंख्या का 40 प्रतिशत हिस्सा स्वस्थ्य आहार से वंचित है. आज यह संख्या तीन अरब से कहीं ज्यादा है. वहीं दुनिया का पैदा किया हुआ एक तिहाई खाना जो करीब एक ट्रिलयिन डॉलर का होता है, बेकार चला जाता है. वहीं संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक 82 करोड़ लोग भूख से पीड़ित हैं.

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    वहीं 20 लाख लोग खराब खुराक या जीवन चर्चा के कारण या तो मोटापे से जूझ रहे हैं या फिर ज्यादा वजन की समस्या से जूझ रहे हैं. लेकिन एक अन्य स्रोत के मुताबिक केवल ज्यादा वजन वाले लोगों की संख्या ही 1.9 अरब है. दुनिया के हर आठ में से एक व्यक्ति कुपोषण का शिकार है.  और 15.5 करोड़ बच्चे ही लंबे कुपोषण से पीड़ित हैं.

    Tags: Research, United nations, World

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