World Food Safety Day: कौन-सी वे चीजें हैं, जो कभी नहीं होतीं खराब

World Food Safety Day: कौन-सी वे चीजें हैं, जो कभी नहीं होतीं खराब
दुनिया की सबसे पुरानी शहद लगभग 5500 साल पहले की है (Photo-pixabay)

दुनिया की सबसे पुरानी शहद (world’s oldest honey) लगभग 5500 साल पहले की है, जिसमें जादुई गुण माने जाते हैं. हालांकि कीमती होने के कारण ये संभालकर रखी गई है.

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आज यानी 7 जून को वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे (World Food Safety Day) है. दुनिया में सभी को पर्याप्त पोषण मिल सके, इसके लिए Food and Agriculture Organization (FAO) ने इस दिन की शुरुआत की. साल 2019 में ही इस दिन को मनाया जाना शुरू हुआ. इस मौके पर जानते हैं खाने-पीने की ऐसी चीजों के बारे में जो कभी खराब नहीं होती हैं.

खाने-पीने की लगभग सारी चीजें एक खास वक्त के बाद खराब हो जाती हैं. यानी उस वक्त के बाद उन्हें खाना सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है. यही वजह है कि बाजार से लिए गए हर प्रोडक्ट पर मैन्युफैक्चिरंग और एक्सपायरी की तारीख लिखी होती है. वहीं कई ऐसी चीजें भी हैं, जिनकी कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती. ये सालों-साल चलती हैं और न तो इनका स्वाद बदलता है और न ही इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्वों पर फर्क पड़ता है.

आप गौर करें तो पाएंगे कि कई खाद्य उत्पादों पर दो तारीखें लिखी होती हैं, एक है बेस्ट बिफोर और दूसरी एक्सपायरी. कई बार लोग दोनों ही का मतलब एक समझते हैं और बेस्ट बिफोर बीतने पर ही प्रोडक्ट फेंक देते हैं. दोनों में फर्क है. बेस्ट बिफोर का मतलब है कि उस तारीख से पहले-पहले इस्तेमाल करने पर खाने का पूरा पोषण मिलेगा. वहीं बेस्ट बिफोर की डेट गुजरने के बाद भी खाना खराब नहीं होता है, बस उसका पोषण थोड़ा कम हो जाता है. यहां ये भी ध्यान रखना जरूरी है कि सीलबंद उत्पाद सील खोलते ही अपना पोषण खोने लगते हैं क्योंकि उनकी हवा से प्रतिक्रिया होती है. इसलिए सील टूटने के बाद बेस्ट बिफोर का कोई मतलब नहीं रह जाता है और सिर्फ एक्सपायरी डेट मायने रखती है.



गौर करें तो पाएंगे कि कई खाद्य उत्पादों पर दो तारीखें लिखी होती हैं (Photo-pixabay)




वैसे खाने की कई चीजें कभी एक्सपायर नहीं होती हैं. इन्हीं में से एक है सफेद चावल (White Rice). Utah State University अमेरिका में हुई एक रिसर्च में पाया गया कि सफेद चावल का पोषण 30 सालों तक खत्म नहीं होता है अगर इन चावलों को ऑक्सीजन फ्री कंटेनर में और 40 डिग्री फैरनहाइड से कम तापमान पर रखा जाए. वहीं ब्राउन राइज 6 महीने से ज्यादा नहीं चलता है क्योंकि इसमें नेचुरल ऑइल की मात्रा ज्यादा होती है.

सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाने वाला शहद भी इसी श्रेणी में है. ये कभी खराब नहीं होता है. फूलों के रस से बनने वाला शहद बनने के दौरान मधुमक्खी के एंजाइम्स से प्रतिक्रिया करता है. इससे रस का कंपोजिशन बदल जाता है और वो साधारण चीनी में बदल जाता है जिससे इसकी उम्र बढ़ जाती है. शहद को कांच के जार में अच्छी तरह से बंद करके रखा जाए तो ये कभी खराब नहीं होता है.

माना जाता है कि सबसे पुरानी शहद 5500 साल पहले की है. भूगर्भवैज्ञानिकों को जॉर्जिया में खुदाई के दौरान एक कब्र से ये शहद मिला. इसी तरह से उत्तरी इजरायल में 40 कांच के मर्तबानों में शराब मिली है. डेली मेल के अनुसार ये आज से 3700 साल पुरानी शराब है, जो काफी कीमती हो सकती है.

नमक की इसी खासियत की वजह से इसे खाने-पीने की चीजों और यहां तक कि शवों को भी सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है (Photo-pixabay)


नमक भी कभी एक्सपायर नहीं होता है. sodium chloride यानी नमक की इसी खासियत की वजह से इसे सदियों से खाने-पीने की चीजों और यहां तक कि शवों को भी सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है. नमक लगने पर किसी भी चीज की नमी निकल जाती ह और उसकी उम्र बढ़ जाती है. यही फॉर्मूला खुद नमक पर काम करता है. हालांकि ये पाया गया कि नमक में किसी भी वजह से आयोडीन मिल जाए तो वो 5 साल ही चल पाता है.

चीनी हमेशा चल सकती है. यही कारण है कि जैन-जेली जैसी चीजों को सहेजने के लिए दादी-नानी के नुस्खों में ज्यादा चीनी मिलाने पर जोर दिया जाता रहा. चीनी को अगर पाउडर फॉर्म में रखा जाए तो उसकी उम्र कुछ कम हो सकती है, यही वजह है पाउडर्ड चीनी को एयर-टाइट डिब्बों में रखा जाने की बात कही जाती है.

बीन्स यानी राजमा, सोया, चना जैसी चीजें भी 30 साल से पहले खराब नहीं होती हैं (Photo-pixabay)


Brigham Young University में हुई एक रिसर्च में निकलकर आया कि बीन्स यानी राजमा, सोया, चना जैसी चीजें भी 30 साल से पहले खराब नहीं होती हैं. यहां तक कि इनमें पाया जाने वाला प्रोटीन और दूसरे पोषक तत्व भी वैसे ही बने रहते हैं.

पाउडर दूध भी इसी श्रेणी का है. वैज्ञानिकों का कहना है कि इस दूध का स्वाद और इसका पोषण ताजा दूध से कहीं कम होता है लेकिन तब भी ये महीनों स्टोर किया जा सकने की वजह से पसंद किया जाता है.

शराब भी कभी खराब नहीं होती है. हालांकि एक बार खुल जाने पर ऑक्सिडेशन यानी हवा की प्रतिक्रिया की वजह से इसका स्वाद बदल जाता है और यहां तक कि इसकी मात्रा भी धीरे-धीरे कम होने लगती है. यही वजह है कि शराब के शौकीन इसे बड़े तामझाम से स्टोर करते हैं.

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First published: June 7, 2020, 10:49 AM IST
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