वर्ल्ड इम्यूनाइजेशन वीक 2019: हम किस तरह बढ़ा सकते हैं इम्यूनाइजेशन?

वर्ल्ड इम्यूनाइजेशन वीक 2019: हम किस तरह बढ़ा सकते हैं इम्यूनाइजेशन?
प्रतीकात्मक तस्वीर

जब दुनिया पूरी तरह से इम्यूनाइज होने की तरफ बढ़ रही है, चेचक, मेनिनजाइटिस A, गलसुआ, पोलियो, हेपिटाइटिस B और हीमोफिलस इन्फ्लुएंजा टाइप बी (Hib) को आज भी पूरी तरह से खत्म करने के लिए बिल्कुल सही वक्त पर, सही मात्रा में टीके लगवाए जाने की जरूरत होती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 30, 2019, 3:16 PM IST
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टीके और इम्यूनाइजेशन के महत्व को बढ़ावा देने के लिए, दुनिया भर में विश्व इम्यूनाइजेशन दिवस मनाया जा रहा है, जिसकी शुरुआत विश्व स्वास्थ्य संगठन ने की थी. इस साल 24 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच इम्यूनाइजेशन जागरुकता सप्ताह मनाया जा रहा है.

जब दुनिया पूरी तरह से इम्यूनाइज होने की तरफ बढ़ रही है, चेचक, मेनिनजाइटिस A, गलसुआ, पोलियो, हेपिटाइटिस B और हीमोफिलस इन्फ्लुएंजा टाइप बी (Hib) को आज भी पूरी तरह से खत्म करने के लिए बिल्कुल वक्त से टीके और सही वक्त पर सही मात्रा की जरूरत होती है.

WHO की ओर से पूरा इम्यूनाइजेशन हासिल करने में कई सामने आने वाली कई गड़बड़ियां और कमियां बताई गई हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के जारी किए हुए आंकड़ों के अनुसार, इम्यूनाइजेशन जागरुकता में सामने आने वाली कमियां निम्न हैं-



# दुनिया भर में इम्यूनाइजेशन के मामले में थोड़ी बढ़त ही देखी गई है और यह पिछले एक साल से 85% है.
# स्वास्थ्य मामलों के एक संगठन की भारत केंद्रित स्टडी में पाया गया कि भारत में 96 लाख ऐसे बच्चे हैं, जिनका इम्यूनाइजेशन नहीं हुआ है.

# यह दुनिया भर में इम्यूनाइज न हो पाए 2.7 करोड़ बच्चों का एक-तिहाई है.

जबकि WHO के अनुसार, नए टीकों के प्रयोग में बढ़त हुई है. इसके अलावा जैसे-जैसे इम्यूनाइजेशन की प्रक्रिया में निरंतरता बनेगी तो इससे आने वाले सालों में 15 लाख लोगों की जानें बचाई जा सकेंगीं.

क्या हैं इम्यूनाइजेशन के अंतर को पाटने का तरीका?
पूरी तरह से इम्यूनाइजेशन में हालांकि गड़बड़ियां और कमियां हैं, यहां कुछ ऐसे तरीके बताए जा रहे हैं, जिससे इम्यूनाइजेशन में अंतर को पाटा जा सकता है.

# किसी जगह पर ढंग की स्वास्थ्य प्रबंधन जानकारी प्रणाली को सुनिश्चित करके

# स्वास्थ्य अभियान की तारीखों और जगहों के बारे में फोन पर मैसेज भेजकर या IVR यानि रिकॉर्डेड फोन कॉल के जरिए लोगों को बताना

# नए मिशन और प्रोग्राम जिनमें 'इंद्रधनुष' जैसी स्वास्थ्य स्कीमें शामिल हों, उनकी शुरुआत करना, जिनमें स्मार्ट स्टेटजी का प्रयोग कर अलग-अलग क्षेत्रों का पार्टिसिपेशन कराकर ज्यादा से ज्यादा बच्चों तक टीके की पहुंच सुनिश्चित की जा सके

# स्वास्थ्य स्कीमों और पॉलिसियों का टीवी और रेडियो के जरिए प्रचार ताकि ऐसी स्कीम की पहुंच ज्यादा लोगों तक हो सके.

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