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क्या है दुनिया की सबसे सुरक्षित इमारत में, जिसके लिए 30 हजार सैनिक तैनात हैं

अमेरिका के केंटुकी स्थित फोर्ट नॉक्स में लगभग 42 लाख किलो सोना रखा हुआ है
अमेरिका के केंटुकी स्थित फोर्ट नॉक्स में लगभग 42 लाख किलो सोना रखा हुआ है

अमेरिका के केंटुकी स्थित फोर्ट नॉक्स (Fort Knox in America) में लगभग 42 लाख किलो सोना (gold reserve) रखा हुआ है. साथ ही साथ कई ऐसी चीजें हैं, जो अमेरिका के लिए सबसे जरूरी हैं. यही कारण है इस इमारत की सुरक्षा वाइट हाउस से भी तगड़ी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 23, 2021, 8:52 AM IST
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किसी भी देश के प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति का भवन वहां की सबसे सुरक्षित इमारतों में शुमार होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया की सबसे सुरक्षित इमारत इस श्रेणी से एकदम अलग है. वो किसी नेता का भवन नहीं, और न ही किसी सेना प्रमुख का आवास है. अमेरिका में बनी फोर्ट नॉक्स (Fort Knox) नाम की इमारत दुनिया का सबसे सुरक्षित भवन है, जिसमें परिंदा भी सेंध नहीं लगा सकता.

गोल्ड भंडार से लेकर संविधान की असल कॉपी हैं यहां 
अमेरिका के केंटुकी राज्य में बनी इस इमारत में ऐसा क्या है, जो इसकी सुरक्षा में विमान, हेलीकॉप्टर से लेकर सीसीटीवी और सबसे मजबूत जवान तैनात हैं? इसका जवाब खुद अमेरिकी ट्रेजरी विभाग देता है. असल में फोर्ट नॉक्स एक गोल्ड रिजर्व है, जहां लगभग 42 लाख किलो सोना रखा हुआ है. इसके अलावा यहां अमेरिकी स्वतंत्रता का असली घोषणा पत्र, गुटेनबर्ग की बाइबिल और अमेरिकी संविधान की असली कॉपी जैसी बेहद महत्वपूर्ण चीजें भी सुरक्षित रखी हुई हैं.

यही कारण है कि इस इमारत को यूनाइटेड स्टेट डिपार्टमेंट ऑफ ट्रेजरी ( United States Department of the Treasury) देखता है.
fort knox
ये भंडार किसी भी प्राकृतिक आपदा, जैसे भूकंप से लेकर इंसानी आपदाओं से भी सुरक्षित रखने के सारे इंतजाम हैं




कब बनी इमारत 
माना जाता है कि यहां पूरे अमेरिका का आधे से ज्यादा सोना रखा हुआ है. साल 1936 में इसे तैयार किया गया ताकि सोने का भंडार सुरक्षित रखा जा सके. इमारत की सुरक्षा के लिए इसके चारों तरफ मोटे ग्रेनाइट की दीवारें बनी हुई हैं, जिसपर करंट दौड़ता रहता है. इसके साथ ही सोने का भंडार सेफ रखने के लिए इक्का-दुक्का नहीं, बल्कि लगभग 30 हजार अमेरिकी सैनिक तैनात हैं. इनमें कुछ टुकड़ियां वे भी हैं, जो अमेरिका की सबसे मजबूत टुकड़ी मानी जाती हैं.

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तकनीकों का इस्तेमाल 
खुद ट्रेजरी विभाग इस इमारत को सबसे सुरक्षित बताते हुए कहता है कि यहां पर दुनिया की आधुनिकतम तकनीकों का इस्तेमाल हुआ है. हालांकि वो इसपर बात नहीं करता कि वो कौन-कौन सी तकनीकें हैं. फोर्ट नॉक्स के बेसमेंट पर शूटिंग रेंज है, जहां चौबीसों घंटे सैनिक तैनात होते हैं. इमारत के भीतर किस तरीके से सोना रखा गया है, ये शायद वहां के सुरक्षा गार्ड्स को भी न पता हो लेकिन माना जाता है कि ये भंडार किसी भी प्राकृतिक आपदा, जैसे भूकंप से लेकर इंसानी आपदाओं से भी सुरक्षित रखने के सारे इंतजाम हैं.

fort knox
फोर्ट नॉक्स का एरियल व्यू


जमीन में हैं विस्फोटक
सीसीटीवी तो यहां हर ओर लगा है, इसके अलावा रडार भी है, जो पूरे कैंपस में सक्रिय रहता है. किसी भी बाहरी शख्स या ड्रोन के केंटुकी में इस इलाके के पास आते ही सारा अमला एक्टिव हो जाता है. कहा जाता है कि यहां जमीन के भीतर विस्फोटक पदार्थ रखे हुए हैं जो शरीर के तापमान से संचालित होते हैं. यानी अगर कोई घुसपैठ की कोशिश करें तो बिना चेतावनी पाए उसका काम खत्म हो जाएगा.

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लॉकरों का दरवाजा 20 टन से भी मोटा
इमारत के भीतर किस तरह के लॉकरों में सोना रखा है, इसपर कई बार बात होती रही है. बिजनेस इनसाइडर की एक रिपोर्ट में जिक्र है कि ये लॉकर काफी मजबूत हैं. इनका दरवाजा 20 टन से भी ज्यादा मोटा है, जो किसी के लिए भी तोड़ना लगभग नामुमकिन है. इसके अलावा एक खास बात ये है कि लॉकर के पासवर्ड के कॉम्बिनेशन दो अलग-अलग लोगों के पास हैं, जिनके बारे में खुद उन्हें भी नहीं पता.

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किसी ने नहीं की तोड़ने की कोशिश
लॉकर की सुरक्ष में लगे मिंट पुलिस अधिकारी अमेरिकी सरकार के सबसे विश्वस्त लोग होते हैं. इसके बाद उन्हें सुरक्षा की शपथ भी दिलाई जाती है. जाहिर है कि इतने इंतजामों के बाद कोई भी इस इमारत में सेंध लगाने की सोच भी नहीं सकता. तो ऐसा ही हुआ. आज तक केवल एक फिल्म में ही इस इमारत की सुरक्षा तोड़ने की कोशिश दिखाई गई. साल 1964 में जेम्स बॉन्ड सीरीज में गोल्डफिंगर नाम के शख्स ने ऐसा करने की कोशिश की थी ताकि वो खुद अमीर हो सके और चीन को भी फायदा दे सके. यानी साठ के दशक में भी अमेरिका चीन से खास खुश नहीं था.
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