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World Soil Day 2020: विश्व मृदा दिवस आज, जानें इतिहास और थीम

World Soil Day 2020: जागरूकता लाना इसे मनाने का मकसद है.
World Soil Day 2020: जागरूकता लाना इसे मनाने का मकसद है.

World Soil Day 2020: विश्व मृदा दिवस (World Soil Day) को मनाने का मकसद यही है कि इसके माध्‍यम से लोग मिट्टी के कटाव और इससे जुड़ी समस्याओं को जानें और इसके प्रति जागरूक (Aware) हों.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 5, 2020, 12:13 PM IST
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World Soil Day 2020: दुनिया भर में हर साल 5 दिसंबर को विश्व मृदा दिवस (World Soil Day) मनाया जाता है. इसे मनाने का मकसद यही है कि आम लोग भी मिट्टी की महत्ता के बारे में जानें और जागरूक हों और समझें कि मिट्टी का संरक्षण क्‍यों आवश्यक है. सबसे पहले इसे विश्व में 5 दिसंबर, 2014 को मनाया गया था. इस दिवस को हर साल खाद्य व कृषि संगठन (Food And Agriculture Organisation) द्वारा मनाया जाता है. दरअसल, विश्व मृदा दिवस को मनाने का मकसद यही है कि इसके माध्‍यम से लोग मिट्टी के कटाव और इससे जुड़ी समस्याओं को जानें और इसके प्रति जागरूक हों. इसके जरिये लोगों को यह समझाने का प्रयास किया जाता है कि लगातार बढ़ रहे मिट्टी के कटाव आदि समस्‍याओं को दूर किया जाना जरूरी है, ताकि दुनिया भर में खाद्यान्न की पैदावार संबंधी समस्याओं को दूर किया जा सके.

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ये है इतिहास
अंतरराष्‍ट्रीय मृदा विज्ञान संघ ने 2002 में हर साल 5 दिसंबर को विश्व मृदा दिवस मनाने की बात कही थी. इसके साथ ही थाइलैंड के नेतृत्व में खाद्य और कृषि संगठन ने भी इसकी औपचारिक स्थापना का समर्थन किया था. दिसंबर 2013 में 68वें सत्र में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 5 दिसंबर को ये दिवस मनाने का ऐलान किया. इसके बाद 5 दिसंबर, 2014 से विश्व मृदा दिवस मनाया जाने लगा.
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इस बार की थीम
इस बार की विश्व मृदा दिवस 2020 की थीम पर्यावरण प्रेमियों से संबंधित है. इस बार का अभियान मिट्टी को जीवित रखने और मिट्टी की जैव विविधता की रक्षा करने से संबंधित है. इसका मकसद है मृदा जागरूकता बढ़ाना और स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र को बनाए रखने के प्रयास करना. किसानो और आम लोगों को मिट्टी की सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए यह दिन विशेष तौर पर मनाया जाता है. ताकि लोग इस मिट्टी के महत्‍व को समझें और इसके प्रति जागरूक हों.
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